धनबाद: डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह ने बुधवार को आरोप लगाया कि मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल नगर निगम में डिक्टेटरशिप चलाना चाहते हैं, जिसे वह चलने नहीं देंगे. मेयर पद की मर्यादा है, उस मर्यादा का पालन करना होगा. नगर निगम स्थित अपने चेंबर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए डिप्टी मेयर ने कहा : मेरे खिलाफ अफवाह उड़ायी गयी कि हमने पिस्टल तानी. साजिश के तहत मेरा बॉडी गार्ड वापस ले लिया गया. बिना सिक्यूरिटी के कैसे जनता के पास जायें. उन्होंने कहा कि बिहार के फरार वांरटी को पकड़ाने पर बिहार सरकार इनाम दे रही है, जबकि झारखंड सरकार ने उलटे मुझ पर सरकारी काम में बाधा का केस कर दिया. डिप्टी मेयर ने आरोप लगाया कि आनन-फानन में जिंफ्रा से एमओयू किया गया.
सूचना है कि रांची में मेयर के रिश्तेदार हैं जिसे वह धनबाद लाना चाहते हैं. सफाई के नाम पर बंदरबांट हो रही है. बिना निविदा के एनजीओ को काम अवांटित कर दिया गया. जबकि 15 में मात्र तीन के पास एनजीओ का रजिस्ट्रेशन है. किसी खास एनजीओ पर मेहरबानी की जाती है. इसकी शिकायत प्रधानमंत्री से लेकर नगर विकास मंत्रालय व उपायुक्त से की जायेगी.
बोर्ड के निर्णय को कार्यान्वित कराना मेरा दायित्व : मेयर
मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि बोर्ड के निर्णय को कार्यान्वित कराना मेरा दायित्व है. जिंफ्रा के साथ एग्रीमेंट का निर्णय बोर्ड में लिया गया था. पिछले दिनों नगर विकास मंत्री व निदेशक ने भी जल्द से जल्द एग्रीमेंट कराने का निर्देश दिया था. इसके बाद ही एग्रीमेंट कराया गया. आरोप निराधार है. जिस दिन कोई भी आरोप साबित होगा, उसी दिन मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा.
राजनीति रंग देना उचित नहीं : नगर आयुक्त
नगर आयुक्त विनोद शंकर सिंह ने कहा कि डिप्टी मेयर को किसी बात को लेकर नाराजगी थी तो बोर्ड में उठाना चाहिए. राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है. डिप्टी मेयर का जो भी आरोप था उन्हें पहले मुझझे स्पष्टीकरण मांगना चाहिए था. इस तरह मीडिया के सामने रखना उचित नहीं है. अगर उनके सवालों का जबाव नहीं मिलता तो मीडिया के सामने अपनी बात रखते.

