कांड के अनुसंधानकर्ता एसआइ एस करकेट्टा की ओर से मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. केस दर्ज होते ही पुलिस एलबी व थापा की खोज म ें शिमलाबहाल व झरिया में कई बार छापामारी की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. घटना के 19 दिन बीत जाने के बाद भी कांड के अनुसंधान में पुलिस एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है. अनुसंधानकर्ता अभी तक कोर्ट में थापा के गिरफ्तार वारंट जारी करने के लिए अरजी भी नहीं दे सके हैं. एलबी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर हाइकोर्ट की रोक है. अमल थापा पिता मंगल थापा के स्थायी पता पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी चुआपाड़ा, काली चीनी है. पुलिस यह पता भी सत्यापन नहीं कर पायी है. हथियार के लाइसेंस में स्थायी पते में यह अंकित है.
एएसआइ सुनील कुमार सिंह को लाइसेंस की सत्यता जांच के लिए खगड़िया भेजा गया. खगड़िया जिला प्रशासन से छानबीन के बाद पता चला कि लाइसेंस जाली है. जाली लाइसेंस के आधार पर पिस्टल व कारतूस अमल थापा ने रखा था जो लालबाबू सिंह को भी मालूम था. जालसाजी धोखाधड़ी, हेराफेरी कर पिस्टल का लाइसेंस बना अवैध हथियार व गोली रखना गैर कानूनी है. मामले में अमल थापा व लालबाबू दोनों दोषी हैं.

