सतीश सिंह हत्याकांड मामले में शूटर समेत 4 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड अब भी फरार

Updated at : 17 Sep 2020 9:25 PM (IST)
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सतीश सिंह हत्याकांड मामले में शूटर समेत 4 आरोपी गिरफ्तार, मास्टरमाइंड अब भी फरार

Jharkhand news, Dhanbad news : सतीश सिंह हत्याकांड का पुलिस ने गुरुवार को उद्भेदन कर लिया है. इस मामले में पुलिस ने शूटर सहित 4 आरोपी को गिरफ्तार किया है. हालांकि, इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड विकास सिंह और सतीश साव पुलिस की गिरफ्त से आज भी बाहर है. इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. वहीं, गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने हथियार, बाईक सहित कई सामान को जब्त किया है.

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Jharkhand news, Dhanbad news : धनबाद : सतीश सिंह हत्याकांड का पुलिस ने गुरुवार को उद्भेदन कर लिया है. इस मामले में पुलिस ने शूटर सहित 4 आरोपी को गिरफ्तार किया है. हालांकि, इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड विकास सिंह और सतीश साव पुलिस की गिरफ्त से आज भी बाहर है. इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. वहीं, गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने हथियार, बाईक सहित कई सामान को जब्त किया है.

पुलिस ने इस मामले में शूटर बलियापुर थाना क्षेत्र के रांगामाटी चेकपोस्ट निवासी जयराम प्रसाद के पुत्र बाबूराजा चंद्र प्रकाश उर्फ बाबू उर्फ सिंद्धांत सिंह को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है. इसके अलावा बलियापुर थाना क्षेत्र के कालीपुर निवासी स्व बिपीन महतो के पुत्र उत्तम महतो उर्फ कमल महतो उर्फ नीलकांत महतो उर्फ टाइगर, बलियापुर कालीडीह बस्ती निवासी स्व नाथु रवानी के पुत्र गौउर रवानी एवं धनबाद थाना क्षेत्र के दामोदरपुर निवासी कपिलदेव पासवाना के पुत्र हरिकेश प्रसाद पासवान उर्फ राजा पासवान को गिरफ्तार किया है. इस संबंध में गुरुवार को एसएसपी असीम विक्रांत मिंज ने अपने कार्यालय में इसकी जानकारी दी. इस दौरान साइबर डीएसपी सुमित सौरभ लकड़ा, बैंक मोड़ थाना प्रभारी वीर कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे.

गुप्त सूचना के आधार पर हुई गिरफ्तारी

एसएसपी श्री मिंज ने बताया कि सतीश सिंह हत्याकांड के अनुसंधान के दौरान गुप्त सूचना मिला कि इस कांड के कुछ शूटर एवं अन्य अपराधकर्मी बलियापुर थाना क्षेत्र में छिपे हुए है. सूचना मिलने के बाद इस कांड में गठित एसआइटी टीम सक्रिय हो गये. टीम रातों- रात बलियापुर थाना क्षेत्र पहुंची और छापामारी करना शुरू कर दिया. इस दौरान शूटर बाबूराजा चंद्रप्रकाश को गिरफ्तार किया गया, लेकिन वह घटना की जानकारी नहीं दे रहा था. पुलिस पूछताछ के दौरान वह अपना मुंह खोला और उसके बाद इस कांड में शामिल आरोपी उत्तम महतो को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार के बाद बाबूराजा ने बताया कि वह घटना के बाद अपनी गाड़ी एवं हथियार गौउर रवानी को दिया था और उसके निशानदेही पर गौउर के घर छापामारी हुई और गौउर पकड़ा गया है. उसके बाद दूसरा हथियार हरिकेश प्रसाद पासवान के घर से बरामद हुई.

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विकास सिंह के घर में रची गयी साजिश

एसएसपी ने बताया कि बाबूराजा चंद्रप्रकाश की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हो पाया है. गिरफ्तारी के बाद बाबूराजा ने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि धनबाद अंबिकापुरम निवासी विकास सिंह और सतीश गुप्ता उर्फ गांधी उर्फ समीर दोनों ने मिलकर सतीश सिंह हत्याकांड की योजना बनायी. इसके लिए विकास के घर पर पूरी योजना बनायी गयी. हत्या को अंजाम देने के लिए बलियापुर के किशन दास, बाबूराजा चंद्र प्रकाश उर्फ बाबू उर्फ सिद्धांत सिंह, उत्तम महतो उर्फ कमल महतो उर्फ नीलकांत महतो उर्फ टाईगर एवं शंकर साव को शामिल किया. इसके बाद कई बार विकास के घर सभी लोग बैठे और एक- एक व्यक्ति को उसकी जिम्मेवारी सौंपी गयी.

घटना के दिन कार को ललन दास चला रहा था, जो पूर्व में जेल गया है. घटना के समय इस कार में ललन दास के अलावा उत्तम महतो एवं सतीश गुप्ता उर्फ गांधी बैठे हुए थे. दो मोटरसाईकिल, जिसमें पहला मोटरसाईकिल ब्लैक प्लसर है, जिसे अज्ञात अपराधकर्मी चला रहा था तथा बाबूराजा चंद्र प्रकाश बैठा हुआ था. दूसरा मोटरसाईकिल होंडा साईन को किशन दास चला रहा था और शंकर साव पीछे बैठा हुआ था. घटना के समय सिर्फ 2 बाइक दिखी, जबकि कार में 3-4 लोग बैठे हुए थे. इसके अलावा 2 अन्य बाइक भी घटना के समय पूरी तरह से रेकी कर रहा था. सतीश सिंह जैसे ही विकास नगर मोड़ के पास अपने बेलेरो गाड़ी से उतर कर पैदल जाने लगा, तभी पल्सर बाइक पर पीछे बैठा सवार बाबूराजा ने उसे समीप से गोली मार दी और वहां से फरार हो गया.

10 दिन से किया जा रहा था रेकी

पुलिस ने बताया कि सतीश साव एक समय सतीश सिंह के साथ रहता था, लेकिन इस दौरान सतीश साव का नाम मंडल हत्याकांड में आने के बाद से वह फरार हो गया. इस बीच वह सतीश सिंह से सहायता मांगा, लेकिन किसी तरह की कोई सहायता नहीं मिली. इसी बात को लेकर दोनों में काफी विवाद भी हुआ था. दूसरी तरफ, आउटसोर्सिंग में अपना कब्जा जमाने के लिए सतीश विकास से मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था. घटना के 10 दिन पहले से सतीश सिंह की रेकी की जा रही थी और उसे किसी भी समय गोली मार दिया जाता. कई बार तो पूरी फिल्डिंग लगाने के बाद कोई न कोई आने के कारण सतीश बच गया, लेकिन 19 अगस्त को मौका मिलते ही उसे गोली मार दिया गया. घटना के बाद उत्तम महतो अपना हथियार बलियापुर थाना क्षेत्र के ढोकरा के रहने वाले गौउर रवानी एवं हरिकेश प्रसाद पासवान को छिपाकर रखने के लिए दिया था.

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पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

भाजपा कुस्तौर के उपाध्यक्ष सतीश कुमार सिंह को 19 अगस्त, 2020 की दोपहर बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के विकास नगर में अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दिया था. इस हत्या के आरोपी में पुलिस ने 4 सितंबर, 2020 को पुटकी थाना क्षेत्र के स्वामी विवेकानंद नगर छोटा पुटकी निवासी स्वर्गीय दिलीप दास के पुत्र ललन कुमार दास उर्फ ललन दास को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने इसके पास से हथियार के साथ घटना में प्रयुक्त मोटरसाईकिल (JH 10BP 0602) तथा कार (JH 10BP 8722) को बरामद किया गया था.

Posted By : Samir Ranjan.

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