धनबाद : बीएमएस के कोल फेडरेशन अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (एबीकेएमएस) के पदाधिकारियों की रविवार को हुई आपात बैठक में कोल इंडिया में 100 फीसदी एफडीआइ के विरोध में पांच दिवसीय हड़ताल का फैसला लेते हुए नोटिस दिया गया.
यह जानकारी एबीकेएमएस के महामंत्री सुधीर घूरडे ने कोल सचिव को लिखे पत्र को जारी कर दिया. पत्र के मुताबिक 23 से 27 सितंबर तक हड़ताल होगी. नागपुर के पाथरखेड़ा में संपन्न बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने की. बैठक में बीएमएस के कोल/नन कोल प्रभारी डॉ बीके राय विशेष रूप से उपस्थित थे.
इसके पहले पांच सितंबर को रांची में एटक, इंटक, एचएमस, सीटू और एक्टू ने सम्मेलन कर 24 सितंबर को एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की हुई है. इससे पूर्व बीएमएस के कोल/नन कोल प्रभारी डॉ राय ने पांच यूनियनों द्वारा घोषित हड़ताल को राजनीतिक से प्रेरित कहा था.
बीएमएस ने सम्मेलन कर समाज के हर तबके से विचार-विमर्श करने की बात करते हुए कहा था कि एक दिन की हड़ताल से कुछ नहीं होगा. 15 दिन की हड़ताल से सरकार कुछ हिलेगी. बताते हैं कि एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा के दबाव में आकर ही बीएमएस ने पांच दिवसीय हड़ताल का फैसला लिया.
क्या है पत्र में : 28 अगस्त 2019 को कोयला उद्योग में 100 प्रतिशत एफडीआइ की अनुमति दी गयी है, जो कोयला उद्योग एवं कार्यरत मजदूर तथा राष्ट्रहित में नहीं है. इसके परिणाम कोयला उद्योग के लिए हानिकारक हैं.
सरकार के इस निर्णय से कोयला उद्योग के समस्त कर्मचारियों में भय एवं आक्रोश का वातावरण निर्मित हुआ है. इस आलोक में संघ 23 से 27 सितंबर तक पांच दिवसीय हड़ताल का आह्वान करता है. कोयला उद्योग के समस्त कामगार उक्त दिवस पर हड़ताल पर रहेंगे.
