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बिना अनुमति के उठा ली 100 करोड़ की मशीन

Updated at : 30 Mar 2019 6:58 AM (IST)
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बिना अनुमति के उठा ली 100 करोड़ की मशीन

मनोहर कुमार, धनबाद : समय पर काम भी पूरा नहीं किया. पेनाल्टी नहीं दिये. और स्थानीय प्रबंधन की अनुमति के बिना उठा ली 100 करोड़ की मशीनरी. अब परियोजना में शेष बची पांच मशीनों और 15 डंपरों उठाने की तैयारी चल रही है. मामला बीसीसीएल के लोदना एरिया की जयरामपुर कोलियरी का है. इससे बीसीसीएल […]

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मनोहर कुमार, धनबाद : समय पर काम भी पूरा नहीं किया. पेनाल्टी नहीं दिये. और स्थानीय प्रबंधन की अनुमति के बिना उठा ली 100 करोड़ की मशीनरी. अब परियोजना में शेष बची पांच मशीनों और 15 डंपरों उठाने की तैयारी चल रही है. मामला बीसीसीएल के लोदना एरिया की जयरामपुर कोलियरी का है.

इससे बीसीसीएल को करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात कही जा रही है. इस मामले में सीआइएसएफ व स्थानीय पुलिस की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं.
मामले को लेकर जयरामपुर के परियोजना पदाधिकारी ने 28 मार्च को लोदना एरिया के महाप्रबंधक को पत्र लिखा है, जिसकी प्रतिलिपि सीआइएसएफ के डिप्टी कमांडेंट और लोदना ओपी प्रभारी को भी दी है.
बिना अनुमति के आउटसोर्सिंग कैंप में घुसा टेलर : जयरामपुर के परियोजना पदाधिकारी ने अपने पत्र लिखा कि लोदना एरिया में कार्यरत कर्मी ऋषिकेश बहादुर यादव और जगरनाथ दुसाद (जो भागा चेक पोस्ट पर तैनात है) से शिकायत मिली है कि पांच टेलर लोदना एरिया क्षेत्र के भागा चेक पोस्ट से गुजरे हैं.
इस संबंध में कोई पूर्व सूचना या आधिकारिक अनुमति की जानकारी नहीं है. ये पांचों टेलर सीआइएसएफ पोस्ट कमांडेंट अनिल कुमार और लोदना ओपी पुलिस की उपस्थिति में मेसर्स सुशी इंफ्रा के कैंप में प्रवेश किये है. बता दें कि आउटसोर्सिंग कंपनी को पूर्व में जयरामपुर मेगा परियोजना (पैच-डी) में ओवर बर्डेन (ओबी) और कोयला उत्खनन का कार्य दिया गया है.
रात के अंधेरे में सुशी कैंप से निकले पांच डंपर और एक एक्सकैवेटर मशीन
सुशी कैंप में शेष बची पांच मशीनें और 15 डंपर उठाने की चल रही तैयारी
बिना अनुमति कैंप में टेलर घुसना और बाहर निकला बना चर्चा का विषय
सीआइएसएफ और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
सीआइएसएफ व स्थानीय पुलिस की भूमिका संदेहास्पद
बताते हैं कि आधिकारिक अनुमति के बिना बीसीसीएल के अधीनस्थ क्षेत्र में कोई भी गतिविधि संचालित नहीं की जा सकती है. इसकी देख-रेख की जिम्मेदारी सीआइएसएफ की होती है.
अब यहां सवाल उठता है कि बिना स्थानीय प्रबंधन की अनुमति व पूर्व सूचना के आउटसोर्सिंग कैंप से मेसर्स सुशी इंफ्रा अपनी मशीनरी कैसे उठा ले गयी.
आखिर बिना प्रबंधन की अनुमति के परियोजना में 10-10 टेलर को सीआइएसएफ ने कैसे घुसने दिया. कैंप में टेलर प्रवेश की सूचना सीआइएसएफ ने स्थानीय बीसीसीएल प्रबंधन को क्यों नहीं दी?
…और रात के अंधेरे में उठी मशीनें
बताते हैं कि बीसीसीएल के क्षेत्रों से सीआइएसएफ बिना कंपनी प्रबंधन की अनुमति के एक नट वोल्ट तक ले जाने नहीं देता है, लेकिन जयरामपुर स्थित आउटसोर्सिंग कंपनी के कैंप से 100 करोड़ की मशीनरी बिना बीसीसीएल प्रबंधन की अनुमति के रात के अंधेरे में कैसे उठ गयी?
आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा जो-जो मशीनरी उठायी गयी है, उसमें 60 टन क्षमता के पांच डंपर और एक 1200 क्षमता का एक एक्सवेटर मशीन शामिल है.
कोर्ट के आदेश पर उठी मशीनें : जेएन सिंह
लोदना ओपी प्रभारी जेएन सिंह ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर मशीनें उठायी गयी है. रही बात बीसीसीएल प्रबंधन की अनुमति की, तो यह देखना सीआइएसएफ का काम है. सारी मशीनें रात में सीआइएसएफ के अधिकारियों की उपस्थिति में उठायी गयी है.
अनुमति मिली ही होगी होगा : विश्वनाथन
इधर, मामले पर सीआइएसएफ के डिप्टी कमांडेंट एस विश्वनाथन ने कहा कि सुशी कैंप से मशीनरी उठाने से संबंधित बीसीसीएल प्रबंधन से अनुमति मिली है या नहीं यह देखना होगा. अनुमति मिली ही होगी, तभी मशीनें वहां से उठी है.
…और लोदना जीएम ने नहीं दिया जवाब
इधर, मामले पर बीसीसीएल के लोदना एरिया जीएम कल्याणजी प्रसाद का पक्ष जानने को लेकर उनके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
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