कोयले से काली कमाई: आखिर कब रुकेगा मौत का सिलसिला, मौत के सौदागरों की दिल्ली तक पहुंच

मुगमा/चिरकुंडा : निरसा थानांतर्गत इसीएल मुगमा क्षेत्र की कापासारा ओसीपी में बुधवार की सुबह चाल धंसने से अवैध रूप से कोयला काट रहे चार लोगों की मौत हो गयी, जबकि छह लोग घायल हो गये. जिस शव को परिजन पहले ले भागे उसकी पहचान मुगमा इंदिरा नगर निवासी दिनेश पासवान (43) के रूप में की […]
मुगमा/चिरकुंडा : निरसा थानांतर्गत इसीएल मुगमा क्षेत्र की कापासारा ओसीपी में बुधवार की सुबह चाल धंसने से अवैध रूप से कोयला काट रहे चार लोगों की मौत हो गयी, जबकि छह लोग घायल हो गये. जिस शव को परिजन पहले ले भागे उसकी पहचान मुगमा इंदिरा नगर निवासी दिनेश पासवान (43) के रूप में की गयी है. मुगमा हाइस्कूल के पीछे रहने वाले कांतो रवानी (42) का शव दबा हुआ था. लेकिन समाचार लिखे जाने तक पता चला है कि उसे भी परिजन ले भागे. इसके बाद जिस व्यक्ति के शव को पुलिस ने जब्त किया है, वह छोटा आमबोना का रहने वाला बताया जा रहा है. इसके बाद एक और शव के दबे रहने की सूचना है. इस तरह से चार लोगों की मौत का पता लगभग चल चुका है.
खून से सने पत्थर को किया गया जब्त : एसपी अमन कुमार ने अवैध खनन स्थल के समीप मृतक के शरीर से गिरे खून से सना पत्थर को जब्त किया है. कहा कि इसकी लैब जांच करायी जायेगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
खदान की स्थिति देख बाहर लौटी रेस्क्यू टीम : पुलिस व प्रबंधन द्वारा मलबा हटाने को लेकर मुगमा एरिया से रेस्क्यू टीम को बुलाया गया. टीम जैसे ही अवैध खदान के मुहाने के समीप गयी, पाया कि खदान के अंदर से कंपन जारी था. कभी भी खदान बैठने की आशंका को देख टीम वापस लौट गयी. बाद में कुछ स्थानीय लोगों के सहयोग से मुहाने के सामने से मलबा को हटाकर शव को बाहर निकाला.
बराबर होती रही है सुरक्षा कर्मियों पर प्राथमिकी : क्षेत्र की आउटसोर्सिंग में जब-जब छापेमारी होती है. अवैध खननकर्ता किसी न किसी राजनीतिक झंडा का इस्तेमाल कर मामले की लीपापोती का प्रयास करते हैं. एक बार इसी कापासारा आउटसोर्सिंग में सीआइएसएफ कर्मी के साथ मारपीट करते हुए पुलिस वाहन का शीशा फोड़ दिया गया था.
कंपनी प्रबंधन को माइनिंग से संबंधित नहीं है कोई जानकारी : कापासारा कोलियरी में उत्खनन आउटसोर्सिंग कंपनी एसटीए-बीजीएमएम-एसआरएससी (जेवी) कर रही है. इस कंपनी को जयंत शर्मा, विश्वजीत घोष व यश अग्रवाल मिलकर चला रहे हैं. ग्रामीण एसपी जब घटनास्थल पहुंचे तो उन्होंने कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज को खोजा. सामने शिव प्रताप सिंह आये और अपने आपको को इंचार्च बताया. यह जानकर आश्चर्य होगा कि कोलियरी में उत्पादन का जिन्हें प्रभार दिया गया है, उनका माइनिंग से कोई लेना-देना नहीं है. यह भी पता चला कि आउटसोर्सिंग कंपनी के पास एक भी माइनिंग अधिकारी इस प्रोजेक्ट में कार्यरत नहीं है. इसीएल के ही मैनेजर व एसीएम उत्पादन को देखते हैं. घटनास्थल पर यहां तक सुनने को मिला कि ओबी हटाने के क्रम में कोयला का फेस खुल जाता है और सैकड़ों की संख्या में लोग अवैध खनन कर कोयला ले जाते हैं. चर्चा है कि ओबी हटाने में लगी मशीन द्वारा ऐसी जगह बना दी जाती है कि अवैध खनन में आसानी हो जाये.
काली कमाई करने वालों को मिलता रहता है सियासतदारों का संरक्षण
मुगमा. क्षेत्र के कुछ दबंग व्यक्ति बाहर से मजदूर लाकर कोयले का अवैध खनन करवाते हैं. यदि कोई घटना घट जाये तो उसके शव को लेकर कोई हाय तौबा नहीं मचता है. पेट की खातिर गरीब लोग दो-पांच सौ के लिए रोज मौत के मुंह में जाकर कोयला काटते हैं और उसके परिश्रम से कटे कोयले से कथित माफिया लाल रहते हैं.
इसीएल की खदानों में अवैध उत्खनन कर कोयला माफिया का साम्राज्य निरसा में कोई नयी बात नहीं है. फिर दो नंबरी कमाई की गर्मी से सियासत में दखल देते हैं, लिहाजा उन्हें कथित रूप से संरक्षण भी मिल जाता है. इनकी पहुंच रांची से दिल्ली तक रहती है. इस तरह से मौत का यह सिलसिला कभी रुकता नहीं है और दो नंबर कारोबार का साम्राज्य बढ़ता जाता है. कोयला की काली कमाई करने वालों की प्राथमिकी सूची में सत्ता पक्ष को संतुष्ट करना रहता है, ताकि मौके-बेमौकों पर सरकार की कृपा दृष्टि उन पर बनी रहे. इसे पहले जितने भी खदान हादसा यहां हुआ है, सिर्फ सुरक्षा कर्मियों पर कार्रवाई कर मामले की लीपापोती कर दी जाती है.
प्रबंधन पर भी होगी प्राथमिकी : एसडीपीओ
एसडीपीओ विजय कुमार कुशवाहा ने कहा कि सूचना के बाद शिवडंगाल पहुंचे थे. लोगों से पूछताछ की गयी है. कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है. पहले तो मिले शव के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है. प्राथमिकी में प्रबंधन को भी शामिल किया जायेगा, इसकी प्रक्रिया चल रही है.
आउटसोर्सिंग प्रबंधन की लापरवाही : एसडीएम
एसडीएम ने कहा कि कंपनी एग्रीमेंट के अनुसार खदान की कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की है. कहा कि खदान के ऊपर लाल झंडा नहीं लगाया गया है और न ही पेंसिंग तार से घेरा किया गया है. इसके अलावा सीआइएसएफ व इसीएल व प्राइवेट कंपनी गार्ड की तैनाती भी नहीं की गयी है. पूरी तरह से प्रबंधन की लापरवाही है.
खनन विभाग ने निरसा थाना को दिया एफआइआर के लिए आवेदन
देर रात जिला खान निरीक्षक नागेंद्र कुमार सिंह ने निरसा थाना प्रभारी को आवेदन देकर के खदान हादसे में मुगमा क्षेत्र के महाप्रबंधक, कापासारा के परियोजना पदाधिकारी, इसीएल के खान प्रबंधक, आउटसोर्सिंग संचालक जयंत शर्मा, विश्वजीत घोष व यश अग्रवाल के अलावा अन्य पर संबंधित धारा में प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
पांच घंटे बाद पहुंचा प्रबंधन
बुधवार की सुबह पांच बजे चाल धंसी. लगभग साढ़े पांच घंटा बाद पुलिस व कोलियरी के अधिकारियों की आवाजाही शुरू हुई. यह सिलसिला लगभग डेढ़ बजे तक चला. आउटसोर्सिंग कंपनी का भी कोई अधिकारी साढ़े दस बजे तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे थे.
कोयला कटवाने वाले होंगे चिह्नित : एसएसपी किशोर कौशल
एसएसपी किशोर कौशल ने कहा कि क्षेत्र में कोयला चोरी पर पाबंदी लगायी जायेगी. कोयला कटवाने वालों को चिह्नित किया जायेगा. अब तक निरसा में 10 लोगों को चिह्नित कर मामला दर्ज किया गया है. कोयला के अवैध धंधेबाज बख्शे नहीं जायेंगे.
करेंगे सुरक्षा की व्यवस्था : जीएम
जीएम सदानंद सुमन ने कहा कि सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की जायेगी. अवैध खनन स्थल के मुहाने को बंद कराने का आदेश दिया गया है. वहां सुरक्षा गार्ड व सीआइएसएफ की तैनाती की जायेगी. अवैध खनन स्थल की भराई की जायेगी.
टाइम लाइन
10:30 बजे : एसडीपीओ विजय कुमार कुशवाहा, निरसा थाना प्रभारी सुषमा कुमारी कोलियरी के मैनेजर साथ घटनास्थल पर पहुंचे.
11:00 बजे : मुगमा क्षेत्र के एजीएम ए गंगोपाध्याय घटनास्थल पहुंचे.
11:30 बजे : ग्रामीण एसपी अमन कुमार पहुंचे और जहां शव दबा हुआ था वहां तक गए. एसडीपीओ व थानेदार को आवश्यक निर्देश देकर चले गये.
11:50 बजे : मुगमा जीएम सदानंद सुमन पहुंचे और ग्रामीण एसपी से बात कर चले गए.
12:00बजे : पत्थर में दबे शव को निकाला गया. शव निकालने में भी अवैध खनन करनेवालों की ही मदद ली गयी.
1:00 बजे : एसडीएम राज महेश्वरम घटनास्थल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.
1:15 बजे : डीसी व एसएसपी घटनास्थल पहुंचे और जीएम से जानकारी ली. संतोषजनक जबाव नहीं मिलने पर जमकर झाड़ लगायी.
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