अविश्वास प्रस्ताव पेश होते ही जिप अध्यक्ष ने कर दी कार्यवाही समाप्त होने की घोषणा
Updated at : 16 Jan 2019 6:00 AM (IST)
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धनबाद : जिला परिषद अध्यक्ष रोबिन चंद्र गोराईं के खिलाफ मंगलवार को सदस्यों के एक गुट ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. हालांकि इस पर आज चर्चा नहीं हो पायी. आज जिप बोर्ड की बैठक के दौरान सदस्य दुर्गा दास ने कहा कि जिप अध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के साथ विश्वासघात किया है. उनलोगों […]
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धनबाद : जिला परिषद अध्यक्ष रोबिन चंद्र गोराईं के खिलाफ मंगलवार को सदस्यों के एक गुट ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया. हालांकि इस पर आज चर्चा नहीं हो पायी. आज जिप बोर्ड की बैठक के दौरान सदस्य दुर्गा दास ने कहा कि जिप अध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के साथ विश्वासघात किया है. उनलोगों का अपने अध्यक्ष पर से विश्वास उठ गया है. इसलिए वे लोग अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दे रहे हैं.
दुर्गा दास के संबोधन के दौरान ही जिप अध्यक्ष बैठक की कार्यवाही समाप्त करने की घोषणा करते हुए उठ गये. हो-हंगामा होने लगा. दुर्गा दास तथा कुछ अन्य सदस्यों ने डीडीसी को अविश्वास प्रस्ताव का पत्र दिया. इस पर दस सदस्यों के हस्ताक्षर हैं. बाद में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले सदस्य अलग से जिप के सीइओ सह डीडीसी से मिल कर इस प्रस्ताव पर कार्रवाई की मांग की.
पक्ष-विपक्ष के बीच हुई बहस : अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले सदस्यों के साथ जिप अध्यक्ष के समर्थक सदस्यों के बीच कुछ देर के लिए बहस भी हुई. जिप सदस्य सुनील मुर्मू, संतोष महतो ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जब बैठक सुचारु रूप से चल रही थी, तब अचानक इस तरह से अविश्वास प्रस्ताव पेश करना गलत है.
किस-किस के हैं हस्ताक्षर : अविश्वास प्रस्ताव पर जिप सदस्य दुर्गा दास, अशोक कुमार सिंह, रेणुका मोदी, सीमा बाउरी, निशा देवी, अंजना देवी, रेणुका देवी, हीरामन नायक, कमली देवी एवं मुरारी मोहन सिंह के हस्ताक्षर हैं.
अब आगे क्या
उप विकास आयुक्त सह जिप के सीइओ शशि रंजन ने बताया कि अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले सदस्यों से प्रपत्र क के तहत स्वीकृति ली जायेगी. अगर नियमावली के तहत सदस्यों की पर्याप्त संख्या होगी तो कार्रवाई के लिए प्रस्ताव उपायुक्त को अग्रसारित किया जायेगा. अविश्वास प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई उपायुक्त ही करेंगे. उपायुक्त की अध्यक्षता में ही बैठक हो सकती है. जिसमें अविश्वास प्रस्ताव पर बहस होगी.
बहुमत मेरे साथ
जिसको अध्यक्ष बनने का ख्वाब है, उसको पहले दिन कोई प्रस्तावक नहीं मिला. आज दही-चूड़ा के भोज में बुला कर कुछ ग्रामीण सदस्यों को बहकाने की कोशिश की. विरोधी पहले नियमत: जरूरी सदस्यों का साइन करायें. अविश्वास प्रस्ताव के लिए 33 सदस्यों का हस्ताक्षर जरूरी है. अविश्वास प्रस्ताव पर बहस को तैयार हैं. वैसे बहुमत आज भी मेरे साथ है.
रोबिन चंद्र गोरांई, अध्यक्ष, जिप सदस्य
विश्वास खो चुके हैं
वर्तमान जिप अध्यक्ष को पद पर रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने पद की गरिमा को मलिन किया है. सदस्यों का विश्वास खो चुके हैं. उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव पर कार्रवाई करनी चाहिए. वे लोग सदन में बहुमत साबित करने को तैयार हैं.
दुर्गा दास, जिप सदस्य
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