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भाई-भाभी ही मनीषा के कातिल, गये जेल, मुस्लिम लड़के से बहन का प्यार खटकता था भाई प्रिंस को

धनबाद/निरसा : पुलिस ने तेतुलमारी के गंडुबा खेपचाटांड़ में मिले अधजले शव तथा निरसा के मनीषा कुमारी गुमशुदगी मामले का खुलासा कर दिया है. अधजला शव मनीषा का ही था. केएसजीएम कॉलेज, निरसा के प्राचार्य स्व.डॉ माणिक चंद्र साहु की पुत्री मनीषा कुमारी उर्फ श्रद्धा के कातिल उसके भाई सौरभ गांधी उर्फ गंगाधर शैलेश उर्फ […]

धनबाद/निरसा : पुलिस ने तेतुलमारी के गंडुबा खेपचाटांड़ में मिले अधजले शव तथा निरसा के मनीषा कुमारी गुमशुदगी मामले का खुलासा कर दिया है. अधजला शव मनीषा का ही था. केएसजीएम कॉलेज, निरसा के प्राचार्य स्व.डॉ माणिक चंद्र साहु की पुत्री मनीषा कुमारी उर्फ श्रद्धा के कातिल उसके भाई सौरभ गांधी उर्फ गंगाधर शैलेश उर्फ प्रिंस और भाभी सुस्मिता कुमारी ही निकले. घटना ऑनर किलिंग से जुड़ी है. प्रिंस अपनी बहन मनीषा के एक मुस्लिम लड़के से प्यार करने से दुखी था.
भाई-बहन में संपत्ति का विवाद भी चल रहा था. भाई-भौजाई ने हत्या के बाद शव को तेतुलमारी ले जाकर पेट्रोल छिड़क जला दिया था. रविवार को ग्रामीण एसपी ने धनबाद स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि भाई-बहन के बीच संबंध अच्छे नहीं थे.
मनीषा अपने भाई से आधी संपत्ति मांग कर अलग होना चाहती थी. भाई को मनीषा का गोविंदपुर के नसीम से प्रेम संबंध खटक रहा था. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वजनदार लोहे की वस्तु (डब्बू) बरामद कर लिया है. मनीषा की हत्या सिर पर वार कर इसी से की गयी थी. लोहे के डब्बू पर खून लगा है.
आरोपियों ने खून के धब्बे मिटाने की पुरजोर कोशिश की थी. मारुति स्विफ्ट कार जेएच 10एयू 6684 भी पुलिस ने जब्त कर लिया है. कार आरोपी के घर से 100 मीटर की दूरी पर खड़ी मिली. शव इसी कार से निरसा से तेतुलमारी ले जाया गया. उसमें भी खून के धब्बे मिले हैं. एक मोबाइल आरोपियों के पास से मिला है. पुलिस ने प्रिंस और उसकी पत्नी सुस्मिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
दिन भर शव के साथ रहे पति-पत्नी
प्रिंस हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था. 21 दिसंबर को वह अपने घर निरसा आया था. 22 दिसंबर की दोपहर 2 बजे भाई-बहन के बीच प्रॉपर्टी के बंटवारे तथा रिश्तों पर बहस हुई. बहस में भाई को गुस्सा आया और उसने वजनदार डब्बू से मनीषा के सिर पर वार कर दिया.
उसकी तत्क्षण मौत हो गयी. घटना के वक्त घर में प्रिंस व उसकी पत्नी सुस्मिता ही मौजूद थे. पति-पत्नी दिन भर शव के साथ रहे. इस दौरान शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाते रहे. 23 दिसंबर की रात दो बजे के करीब दोनों ने शव को गाड़ी में रखा और घर से निकल गये.
प्रिंस ने पुलिस को बताया कि वह अक्सर तेतुलमारी होकर रांची आया-जाया करता था. उसे पता था कि तेतुलमारी में ऐसी कई जगह है, जहां शव को आसानी से जलाया जा सकता है. रास्ते में इन लोगों ने बोतल में करीब एक लीटर पेट्रोल भरवा लिया. रास्ते में मनीषा का वाकर धनबाद के गोल बिल्डिंग के पास फेंक दिया.
पति-पत्नी के शातिर दिमाग से पुलिस भी हैरान
शव जलाने के लिए ले जाते समय पति-पत्नी ने अपना मोबाइल घर पर ही छोड़ दिया, ताकि मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस उन पर कार्रवाई न कर सके. लोकेशन नहीं मिलने पर वे पुलिस काे बरगला सकते थे. ग्रामीण एसपी अमन कुमार ने बताया कि उसके भाई पर पुलिस को पहला शक तब हुआ, जब शव से मिली अंगूठी को पहचानने से उसने इंकार कर दिया.
हालांकि पड़ोसियों से पूछताछ में उन लोगों ने अंगूठी की पहचान कर ली थी. प्रिंस लगातार अपनी बहन के गायब होने का इल्जाम उसके प्रेमी नसीम पर लगा रहा था. नसीम से पूछताछ में पता चला कि प्रिंस की उसकी बहन से संबंध अच्छे नहीं थे.
घटना से अचंभित है आस-पड़ोस
मां प्रभा देवी के साथ सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मनीषा, जो बचपन से दिव्यांग थी, के पैर में ऑपरेशन के बाद प्लेट लगा था. जिस भाई पर हत्या का आरोप लगा है, उसने लाखों रुपये इलाज पर खर्च किये.
वह वाकर के सहारे चलने-फिरने लायक हुई. पड़ोसी घटना से हतप्रभ हैं. उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि प्रिंस इस तरह की घटना कैसे अंजाम दे सकता है.
कुछ लोग यह भी बताते हैं कि दिव्यांग बहन के साथ उसके भाई का बराबर घर में विवाद हुआ करता था. विवाद संपत्ति विवाद भी था और सामाजिक प्रतिष्ठा से भी जुड़ा था.
बड़ी पुत्री प्रेम विवाह कर बांग्लादेश में जा बसी
स्व. डॉ साहू की बड़ी पुत्री मणि प्रभा उर्फ बिट्टू कुमारी ने बेंगलुरु में पढ़ाई के दौरान एक बांग्लादेशी युवक से प्रेम प्रसंग के बाद विवाह कर लिया. वह भारत छोड़कर बांग्लादेश में बस गयी. घटना से डॉक्टर एमसीपी साहू व उनकी पत्नी प्रभा देवी को कमजोर कर दिया. प्रोफेसर साहू को हार्ट की प्रॉब्लम शुरू हुई. दूसरी बेटी का प्रेम प्रसंग नसीम के साथ हो गया.
इसकी जानकारी मानिक साहू व उनकी पत्नी सहित अन्य को हो गयी. प्रिंस भी वाकिफ था. परिवार के लोगों के न चाहते हुए भी मनीषा का प्रेम प्रसंग परवान चढ़ता गया. प्रभा देवी ने अपनी मौत से पूर्व बेटियों की हरकत के बारे में पड़ोसियों से चर्चा की थी. मां-बेटे रिश्तों से काफी दुखी थे.
डॉ एमसीपी साहू की रही है ख्याति
स्व. डॉ मानिक चंद्र प्रसाद साहू ने कोयलांचल संजय गांधी मेमोरियल कॉलेज को उत्कृष्ट बनाने में अपना जीवन लगा दिया. कॉलेज को डिग्री तक मान्यता दिलाने के लिए कड़ी मेहनत की.
पांच अप्रैल, 2008 काे इलाज के दौरान हृदयगति रुकने से उनकी मौत दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में हो गयी थी. पत्नी प्रभा देवी ने पति की मृत्यु के बाद कॉलेज में योगदान दिया.
करीब चार माह पूर्व प्रभा देवी अपनी छोटी पुत्री श्रद्धा उर्फ मनीषा के साथ पीएफ के काम को लेकर रांची जा रही थीं. रामगढ़ के समीप सड़क दुर्घटना में उनकी भी मौत हो गयी. मौत के दो-तीन माह पूर्व ही उन्होंने अपने एकमात्र पुत्र सौरभ गांधी उर्फ प्रिंस का विवाह निरसा के केएसजीएम कॉलेज में प्रोफेसर सुभाष साव की पुत्री सुस्मिता कुमारी के साथ की थी.
Prabhat Khabar Digital Desk
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