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डीवीसी की लोडशेडिंग से हर तबका परेशान

Updated at : 30 Nov 2018 6:26 AM (IST)
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डीवीसी की लोडशेडिंग से हर तबका परेशान

धनबाद : बकाया वसूली के लिए डीवीसी की मंगलवार से फिर से शुरू लोड शेडिंग से हर तबका तबाह है. डीवीसी तय समय से ज्यादा ही बिजली काट रहा है. इससे जलापूर्ति भी प्रभावित हो रही है. लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. लंबे समय से लेन-देन को लेकर उत्पन्न किये जा रहे बिजली संकट का […]

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धनबाद : बकाया वसूली के लिए डीवीसी की मंगलवार से फिर से शुरू लोड शेडिंग से हर तबका तबाह है. डीवीसी तय समय से ज्यादा ही बिजली काट रहा है. इससे जलापूर्ति भी प्रभावित हो रही है. लोग त्राहिमाम कर रहे हैं. लंबे समय से लेन-देन को लेकर उत्पन्न किये जा रहे बिजली संकट का सरकारी स्तर पर कोई समाधान नहीं किया जा रहा है.
इस मामले में यहां के अधिकारी-जन प्रतिनिधि विफल साबित होते रहे हैं. गुरुवार को गणेशपुर व गोधर के दोनों फीडर और पाथरडीह फीडर में तय समय से एक घंटा अधिक लोड शेडिंग की गयी. लोड शेडिंग सुबह 5:30 से 7:00, सुबह 8:40 से 9:40, पूर्वाह्न 10:00 से 11:30, शाम 6:06 से 8:12 और रात को 10:18 से 12:24 तक की गयी. डीवीसी ने सात घंटे लोड शेडिंग करने की बात कही थी. मगर गुरुवार को आठ घंटे बिजली काटी गयी.
पांच जलमीनारों से नहीं हुई आपूर्ति : बिजली संकट से एक टाइम जलापूर्ति पर भी संकट खड़ा हो गया है. बुधवार को 12 जलमीनार से जलापूर्ति नहीं हुई. जबकि गुरुवार को पांच जलमीनार मनईटांड़, पुराना बाजार, मटकुरिया, भूदा और धनसार में जलापूर्ति नहीं हुई. पेयजल विभाग के अनुसार बिजली संकट के कारण यह नौबत आयी.
अब तक 3500 करोड़ बकाया
डीवीसी के प्रवक्ता एम विजय का कहना है कि जेबीवीएनएल हर माह उनसे 280 करोड़ रुपये की बिजली लेता है और 100 करोड़ देने की बात कर रहा है. अगर वह 100 करोड़ देता है तो भी हर माह 180 करोड़ का बकाया लगेगा. जिससे बकाया बढ़ता ही जायेगा. इस कारण ही अब तक 3500 रुपये करोड़ रुपये का बकाया हुआ है. अगर हर माह बिजली बिल का पूरा भुगतान करने के बाद 100 करोड़ रुपये एक्सट्रा दिया जाता है तो जाकर 35 माह में उधार चुकेगा.
निरसा-चिरकुंडा में 14 घंटे बिजली कटौती
चिरकुंडा. बिजली कटौती से निरसा, मुगमा, कालूबथान, पंचेत, एग्यारकुंड व चिरकुंडा-कुमारधुबी क्षेत्र की जनता त्राहिमाम कर रही है. लोग पीएमओ और मुख्यमंत्री के ट्वीटर हैंडल पर शिकायत कर रहे हैं, पर सुधार होता नहीं दिख रहा है. डीवीसी सात घंटे तो बिजली निगम भी मरम्मत के नाम पर छह से सात घंटे की कटौती कर रहा है.
घरेलू उपभोक्ता के साथ-साथ छोटे-बड़े उद्योग संचालक भी परेशान हैं. कई क्षेत्रों में तार बिछाने के नाम पर कटौती की जा रही है. देखा जाये तो औसतन 12 से 14 घंटे बिजली कटौती की जा रही है. बुधवार को डीवीसी कटौती के अलावा चिरकुंडा फीडर में ब्रेकडाउन के नाम पर चार घंटा बिजली काटी गयी. गुरुवार को सुबह 8.45 से बिजली कटौती जारी है.
यह रात तक जारी था. चिरकुंडा फीडर में नौ घंटे से बिजली नहीं रहने पर लोग आक्रोशित हैं. विभाग के सहायक अभियंता सोमेश कुमार कटौती पर कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं. पूछने पर सिर्फ इतना कहते हैं कि बिजली आ जायेगी. कब आएगी, इसका कोई जवाब उनके पास नहीं है.
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