पीएमसीएच में नर्स व पारा मेडिकलकर्मी फिर से हड़ताल पर, कामकाज प्रभावित

Updated at : 04 Sep 2018 4:58 AM (IST)
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पीएमसीएच में नर्स व पारा मेडिकलकर्मी फिर से हड़ताल पर, कामकाज प्रभावित

वार्ड ब्वॉय सहित अन्य कर्मी नहीं गये हड़ताल पर धनबाद : पीएमसीएच में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत नर्स व पारा मेडिकल कर्मी सोमवार से सरकारी करार के अनुसार वेतन देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर फिर से बेमियादी हड़ताल पर चले गये हैं. सोमवार की सुबह से हड़ताली कर्मी स्त्री एवं प्रसूति रोग के मुख्य […]

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वार्ड ब्वॉय सहित अन्य कर्मी नहीं गये हड़ताल पर

धनबाद : पीएमसीएच में आउटसोर्सिंग के तहत कार्यरत नर्स व पारा मेडिकल कर्मी सोमवार से सरकारी करार के अनुसार वेतन देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर फिर से बेमियादी हड़ताल पर चले गये हैं. सोमवार की सुबह से हड़ताली कर्मी स्त्री एवं प्रसूति रोग के मुख्य गेट पर बैठ गये. हालांकि हड़ताल को लेकर इस बार पीएमसीएच के आउटसोर्सिंग कर्मी दो गुटों में बंट गये. वार्ड ब्वॉय सहित अन्य पदों पर कार्यरत कर्मी हड़ताल पर नहीं गये. नर्स व पारा मेडिकल कर्मियों की हड़ताल से वार्ड में मरीजों का हाल बेहाल हो गया. दिन भर इंडोर वार्ड में अवस्था का आलम रहा. दोपहर में हड़तालियों से मिलने निरसा विधायक अरूप चटर्जी आये. उन्होंने हड़तालियों की मांगों का समर्थन किया. पीएमसीएच में लगभग दो सौ के आसपास आउटसोर्सिंग नर्स व पारा मेडिकल कर्मी हैं.
पीएफ में असमानता, और भी कई गड़बड़ियां : हड़ताली नर्सों ने कहा कि पिछले दिनों हड़ताल के दौरान एजेंसी ने चार दिनों का समय लिया था. लेकिन एजेंसी ने जो पीएफ की जानकारी दी
है, इसमें भारी असमानता है. कई जगहों पर त्रुटियां हैं. बीच-बीच में कुछ
माह का पीएफ कटा ही नहीं हैं. कई नर्सों ने अपने-अपने पीएफ-इएसआइ की ऑन लाइन छायाप्रति भी साथ लायी थी. नर्सों ने कहा कि कर्मियों का लगातार शोषण हो रहा है. लेकिन प्रबंधन, एजेंसी सहित तमाम लोग उदासीन बने हुए हैं.
कौन-कौन विभाग प्रभावित
ओपीडी में लगभग दो सौ मरीज कम आये.
स्त्री व प्रसूति रोग विभाग में पांच ही प्रसव. सामान्यत: 15 से 18 होते हैं.
ओटी में आधा दर्जन मरीजों का ऑपरेशन नहीं हो पाया.
पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी में भी आधे से कम जांच हो पायी.
अधीक्षक ने सिविल सर्जन से मांगें 50 नर्स
आउटसोर्सिंग नर्सों की हड़ताल को दखते हुए अधीक्षक डॉ तुनुल हेंब्रम ने सिविल सर्जन डॉ चंद्रांबिका श्रीवास्तव से 50 नर्स की मांग की. फिलहाल सिविल सर्जन की ओर से एक दर्जन नर्स व जीएनएम छात्राओं को लगाया गया है. हालांकि इतने नर्स से चिकित्सकीय सेवा की भरपाई नहीं हो पा रही है. इमरजेंसी, आइसीयू, एचडीयू, मेल मेडिसिन, फिमेल मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थो, स्त्री व प्रसूति रोग विभाग में इसका असर रहा.
20-21 को भी हुई थी हड़ताल
पीएमसीएच के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने 20-21 अगस्त को मांगों को लेकर हड़ताल की थी. मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने भी हस्तक्षेप करके एजेंसी को फटकार लगायी थी. एजेंसी को चार दिनों का समय दिया गया था. इसके बाद कर्मियों ने हड़ताल तोड़ दी थी. नर्सों के अनुसार मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. लिहाजा फिर से हड़ताल करनी पड़ी.
कर्मियों पर दबाव बना
रही है एजेंसी
पारा मेडिकल एसोसिएशन के राजू कुमार महतो ने बताया कि एजेंसी के लोग कर्मियों पर हड़ताल नहीं करने के लिए दबाव बना रहे हैं. हड़ताल करने
पर नौकरी से हटाने की धमकी दी जा रही है. यहां हमारा शोषण किया जा रहा है. नर्सों को प्रतिमाह 9800 रुपये मिलते हैं, जबकि सरकारी करार के अनुसार यह 12 हजार रुपये से ऊपर होने चाहिए. एजेंसी की हर चीज में अनियमितता है.
सभी बकाया दे दिया
एजेंसी के उमा शंकर ने बताया कि दोबारा हड़ताल उचित नहीं है. वार्ता के अनुसार हमने पीएफ-इएसआइ, बढ़ोतरी के पैसे दे दिये हैं. इसे अपडेट करा दिया गया है. लेकिन कुछ कर्मी नहीं समझ पा रहे हैं. कुछ आवंटन बाकी है, जिसे प्रबंधन से भुगतान करने को कहा गया है
एजेंसी के कागजात की जांच करेंगे
पीएमसीएच अधीक्षक डॉ तुनुल हेंब्रम ने कहा कि एजेंसी ने बताया कि सभी को पीएफ, इएसआइ आदि दे दिये गये हैं. मंगलवार को एजेंसी को कागजात के साथ बुलाया है. एजेंसी ने तय काम पूरे नहीं किये हैं, तो कार्रवाई करेंगे.
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