450 नर्सिंग होम-जांच केंद्रों पर बंदी का खतरा

Updated at : 20 Aug 2018 7:09 AM (IST)
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450 नर्सिंग होम-जांच केंद्रों पर बंदी का खतरा

धनबाद : अग्निशमन विभाग व प्रदूषण बोर्ड के एनओसी के नये नियमों से धनबाद के लगभग 450 निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पॉली क्लिनिक, जांच घर आदि संस्थानों की परेशानी बढ़ गयी है. अग्निशमन व प्रदूषण बोर्ड के एनओसी के बिना अब इन संस्थानों को स्वास्थ्य विभाग रिनुअल नहीं करेगा. लिहाजा रिनुअल नहीं होने से इन […]

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धनबाद : अग्निशमन विभाग व प्रदूषण बोर्ड के एनओसी के नये नियमों से धनबाद के लगभग 450 निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पॉली क्लिनिक, जांच घर आदि संस्थानों की परेशानी बढ़ गयी है. अग्निशमन व प्रदूषण बोर्ड के एनओसी के बिना अब इन संस्थानों को स्वास्थ्य विभाग रिनुअल नहीं करेगा. लिहाजा रिनुअल नहीं होने से इन संस्थानों पर बंदी की तलवार लटकने लगी है.
इधर, नये नियमों से निजी चिकित्सक समुदाय में भारी नाराजगी हैं. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग अब नये नियमों के तहत निजी अस्पताल, नर्सिंग होम से एनओसी मांग रहा है. बिना रिनुअल के इन अस्पतालों को चलाना गैर-कानूनी होगा. यह नियम राज्य के सभी निजी अस्पतालों पर लागू हो रहा है. वहीं सरकारी अस्पतालों में सरकार खुद अग्निशमन यंत्र लगा रही है.
क्या है नया नियम
अग्निशमन : अग्निशमन विभाग से एनओसी के लिए पहले जिला से एनओसी लेना पड़ता था. लेकिन अब एनओसी राज्य (मुख्यालय) से लेना होगा. इसके लिए ऑन लाइन आवेदन करना है. भवन का निर्माण आर्किटेक्ट से कराना है. इसके बाद भवन का नक्शा मुख्यालय को देना है. नक्शा देखकर अग्निशमन रांची के अधिकारी अस्पताल या नर्सिंग होम में कहां-कहां अग्निशमन यंत्र लगाना है, वह निर्देश देंगे. यंत्र लगाने के बाद जिले के पदाधिकारी निरीक्षण कर इसका फोटो मुख्यालय को देंगे. संतुष्ट होने के बाद ही एनओसी मिल पायेगा.
प्रदूषण : अस्पताल से निकलने वाले बायो वेस्ट (जैव अपशिष्ट पदार्थ) को लेकर भी एनओसी की प्रक्रिया कठिन कर दी गयी है. कटे अंग, बैंडेज, लिक्विड आदि पदार्थों को अलग-अलग करके रखना है. इसके बाद इसे इंसीनिरेटर में डिस्पोजल करना है. इस पर आइएमए सरकार के साथ बैठक कर चुकी है. सरकार पीपीपी मोड पर या खुद इंसीनिरेटर खोलेगी.
चिकित्सक समुदाय आंदोलन के मूड में
धनबाद में हैं 270 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम
धनबाद में 270 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम हैं. इसमें 25 अस्पताल व नर्सिंग होम बड़े हैं, इसके बाद छोटे-छोटे पॉली क्लिनिक हैं. वहीं 180 से अधिक रेडियोलॉजी व पैथोलॉजी जांच केंद्र हैं. इन केंद्रों को भी अग्निशमन व प्रदूषण बोर्ड से सर्टिफिकेट लेना है.
नये अस्पताल व नर्सिंग होम खोलना दूभर
प्रदूषण व अग्निशमन विभाग के नये नियमों से अब निजी अस्पताल या नर्सिंग होम खोलना भी परेशानी का सबब बन रहा है. बिना दोनों एनओसी के रजिस्ट्रेशन पर सरकार रोक लगा रही है. स्वास्थ्य विभाग को भी इसके लिए निर्देश जारी किये जा रहे हैं. नये नियम के कारण हर दिन अस्पताल व नर्सिंग होम संचालक धनबाद से लेकर रांची तक दौड़ लगा रहे हैं.
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