ePaper

Ration Card News: झारखंड में राशन कार्ड बनना बंद, 89000 आवेदन पेंडिंग, जरूरतमंद लोग परेशान

Updated at : 11 Jun 2025 7:07 PM (IST)
विज्ञापन
ration card

राशन कार्ड.

Ration Card News: झारखंड में राशन कार्ड बनना बंद हो गया है. 89 हजार आवेदन अलग-अलग स्तर पर पेंडिंग है. इसकी वजह से जरूरतमंद लोग परेशान हैं. झारखंड सरकार ने ग्रीन कार्ड के जरिये 20 लाख लोगों को जोड़ने के लिए राज्य खाद्य सुरक्षा योजना शुरू की थी, जिसके बाद इतने लोगों को लाभ मिलना शुरू भी हो गया. वहीं, बढ़ते आवेदनों को देखते हुए विभागीय मंत्री ने 5 लाख और लोगों को जोड़ा.

विज्ञापन

Ration Card News| देवघर, संजीव मिश्रा : राशन कार्ड की आस में जिला आपूर्ति कार्यालय के बाहर जरूरतमंदों की भीड़ बढ़ने लगी है. राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाखों लोगों को लाभ देने का वादा करने वाली सरकार के सामने अब वैकेंसी की कमी ने नयी चुनौती खड़ी कर दी है. देवघर में 15 हजार नये राशन कार्ड जारी कर 50 हजार लोगों को राहत देने के बाद वैकेंसी फुल होने से प्रक्रिया ठप हो गयी है. नये राशन कार्ड बनने बंद हो गये हैं. राज्यभर में 89 हजार आवेदन पेंडिंग हैं. 44 हजार से अधिक आवेदन बीएसओ और 45 हजार डीएसओ की लॉगिन में लंबित हैं.

20 लाख लोगों को ग्रीन कार्ड से जोड़ने की थी योजना

दरअसल, झारखंड सरकार ने ग्रीन कार्ड के जरिये 20 लाख लोगों को जोड़ने के लिए राज्य खाद्य सुरक्षा योजना शुरू की थी, जिसके बाद इतने लोगों को लाभ मिलना शुरू भी हो गया. वहीं, बढ़ते आवेदनों को देखते हुए विभागीय मंत्री ने 5 लाख और लोगों को जोड़ा. वर्तमान में राज्य भर में बीएसओ लॉगिन में 44 हजार से अधिक आवेदन पेंडिंग हैं, जबकि डीएसओ लॉगिन में भी करीब 45 हजार आवेदन लंबित पड़े हैं. बिना नयी वैकेंसी के इन आवेदनों पर राशन कार्ड जारी करना संभव नहीं दिख रहा है.

वैकेंसी बढ़ाकर पेंडिंग आवेदनों का निबटारा करने की मांग

जरूरतमंदों का कहना है कि सरकार को जल्द वैकेंसी बढ़ाकर पेंडिंग आवेदनों का निबटारा करना चाहिए, ताकि उन्हें खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके. जिला आपूर्ति कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, वैकेंसी की कमी के कारण आवेदन प्रक्रिया ठप है. लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. विभागीय स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये जाने से जरूरतमंद लोगों में निराशा बढ़ रही है.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

Ration Card : झारखंड में जिलावार पेंडिंग आवेदन

जिला का नामबीएसओ लॉगिनडीएसओ लॉगिन
बोकारो21863820
चतरा705605
देवघर27211557
धनबाद71675919
दुमका792946
पूर्वी सिंहभूम5262609
गढ़वा29301809
गिरिडीह52818279
गोड्डा8173713
गुमला6011352
हजारीबाग31541233
जामताड़ा1667481
खूंटी116118
कोडरमा23053296
लातेहार382162
लोहरदग्गा716527
पाकुड़2026987
पलामू6331371
रामगढ़3222882
रांची24833504
साहिबगंज2171834
सरायकेला खरसावां445193
सिमडेगा437148
पश्चिमी सिंहभूम796329
कुल44,31544,668

हमने जो कहा था, वह किया. वैकेंसी दिये और लोगों को लाभ मिला. अब जितने भी आवेदन पेंडिंग हैं, समीक्षा की जायेगी. उसके बाद देखा जायेगा कि जितने लाभुकों को राशन कार्ड मिला, वे सही हैं या नहीं. वैसे संपन्न लोगों को भी चिह्नित करने के निर्देश दिये गये हैं, जो राशन कार्ड लेकर गरीबों का हक मार रहे हैं. लोग इंतजार करें, समीक्षा के बाद उचित निर्णय लेकर निर्देश दिया जायेगा.

डॉ इरफान अंसारी, खाद्य आपूर्ति मंत्री, झारखंड सरकार

इसे भी पढ़ें

झारखंड को 3063 करोड़ की कोडरमा-बरकाकाना मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट की सौगात, देश को होंगे इतने फायदे

Hazaribagh News: चरही के चिंतपूर्णी स्टील फैक्ट्री की भट्ठी में ब्लास्ट से मची अफरा-तफरी

झारखंड के सभी मतदान केंद्रों एवं उनके क्षेत्र की होगी जियो फेंसिंग, होंगे कई फायदे

Kal Ka Mausam: 12 जून को झारखंड के 20 जिलों में आंधी के साथ वज्रपात का येलो अलर्ट

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola