प्रतिनिधि, चितरा . चितरा कोलियरी की ओर से राजस्व नहीं मिलने की स्थिति में देवघर जिला उपायुक्त के निर्देश पर जिला खनन पदाधिकारी सुभाष रविदास, खान निरीक्षक आकाश कुमार सिंह सहित अन्य विभागीय टीम गुरुवार को चितरा कोलियरी पहुंची, जहां विभागीय अधिकारियों ने कोलियरी अभिकर्ता उमेश प्रसाद चौधरी की उपस्थिति में कोलियरी के खनन क्षेत्रों, उत्पादित कोयला स्टॉक व कोलियरी की मौजूदा स्थिति का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कोलियरी के गिरजा कोल डंप, 7 नंबर कोल डंप, खून खदान, तुलसीडाबर खदान व दमगढ़ा खदान की वस्तुस्थिति से जिला खनन पदाधिकारी अवगत हुए, साथ ही कोयला स्टॉक की भी जानकारी ली. इस मौके पर अभिकर्ता उमेश प्रसाद चौधरी ने कोलियरी से संबंधित वर्तमान में चल रही परेशानियों व खामियों से अवगत कराया. अभिकर्ता ने बताया कि पर्याप्त जमीन के अभाव में कोलियरी का विकास व विस्तार सही तरीके से नहीं हो रहा है. जमीन अधिग्रहण में कई तरह की अड़चनें आ रही हैं. कहा कि मुख्य रूप से कोलियरी को जमीन देने वाले रैयतों को प्रखंड स्तर से वंशावली समय पर निर्गत नहीं हो पा रहा है, जिससे अच्छी गुणवत्ता वाले कोयले का उत्पादन हमलोग नहीं कर पा रहे है. कोयले की बिक्री भी कम हो गयी है. विभिन्न पावर प्लांट के लिए कोयला आपूर्ति भी ठप है, जिससे समय पर राजस्व देना मुश्किल हो रहा है. इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी सुभाष रविदास ने कहा कि पिछले दो माह से जिला प्रशासन को राजस्व नहीं मिल रहा था. इसके लिए उपायुक्त के निर्देश पर कोलियरी का वस्तुस्थिति से अगवत होने आये थे, साथ ही कहा कि कोलियरी का भौतिक सत्यापन किया गया है. इस संबंध में रिपोर्ट जिला उपायुक्त को सौंप दिया जायेगा.
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