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कल के बाद झारखंड का स्वरूप बांटने व तोड़ने वाला नहीं, जोड़ने वाला होगा : सुप्रियो भट्टाचार्या

Updated at : 17 Nov 2024 10:13 PM (IST)
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कल के बाद झारखंड का स्वरूप बांटने व तोड़ने वाला नहीं, जोड़ने वाला होगा : सुप्रियो भट्टाचार्या

संताल परगना की 18 और दूसरे फेज की 38 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा. दूसरे चरण के मतदान के बाद झारखंड का स्वरूप बांटने व तोड़ने वाला नहीं, बल्कि जोड़ने वाला होगा. बाबा बैद्यनाथ, देवी मां और मरांग बुरु भाजपा की तोड़ने वाली साजिश को सफल नहीं होने देंगे. उक्त बातें रविवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्या ने कही.

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प्रमुख संवाददाता, देवघर : संताल परगना की 18 और दूसरे फेज की 38 सीटों के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा. दूसरे चरण के मतदान के बाद झारखंड का स्वरूप बांटने व तोड़ने वाला नहीं, बल्कि जोड़ने वाला होगा. बाबा बैद्यनाथ, देवी मां और मरांग बुरु भाजपा की तोड़ने वाली साजिश को सफल नहीं होने देंगे. उक्त बातें रविवार को प्रेस काॅन्फ्रेंस में झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्या ने कही. उन्होंने कहा कि प्रचार के अंतिम दिन देवभूमि में लोगों को बांटने और धर्म के अनुसार तोड़ने की बातें होंगी. यहां पूरी घेराबंदी की पराकाष्ठा देखने को मिलेगी. जब देवभूमि में लोग आयेंगे एक नारा सुनेंगे : बंटेंगे तो कटेंगे. ये शब्द आतंकी शब्द, समाज को उकसाने वाला शब्द है. इससे सामाजिक सौहार्द्र नहीं बनता है.

मणिपुर में आज भी हिंसा हो रही है, चुप हैं ये

सुप्रियो ने कहा कि ये लोग आदिवासी अस्मिता की बात करते हैं. मणिपुर भी देश का ही एक राज्य है. वहां आज भी आदिवासी हिंसा हो रही है. इस मामले में ये लोग चुप हैं. उन्होंने कहा कि हमारी मां-बहनों ने कुछ पैसे छिपा कर रखे थे, मोदी जी ने आठ नवंबर 2016 को वह पैसे निकलवा लिये. अब हम पैसे डाल रहे हैं, तो मोदी जी को तकलीफ हो रही है. राज्य की माताएं-बहनें सब देख रही हैं, 20 को जवाब देंगी.

2014 के बाद सनातन धर्म संकट में आ गया और 2024 में बांग्लादेशी घुसपैठिये

सुप्रियो ने कहा कि 300 सालों तक देश पर मुगलों और 200 साल तक अंग्रेजों का शासन रहा, लेकिन तब हिंदू धर्म या सनातन धर्म पर कभी संकट नहीं आया. क्योंकि सनातन धर्म मानवता का धर्म है. यहां अनेकता में एकता है. इनमें बदलाव के बाद भी देश में हम सब एक हैं. लेकिन 2014 के बाद भाजपा जब से सत्ता में आयी, तो अचानक सनातन धर्म संकट में आ गया. 2024 में बांग्लादेशी घुसपैठिये आ गये.

धर्म विशेष का नेता कौन भाजपा में छिड़ी बहस

केंद्रीय प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के एक नेता कहते हैं बंटेंगे तो कटेंगे, एक नेता कहते हैं एक हैं तो सेफ हैं. दोनों एक दूसरे के विपरीत हैं. दोनों में बातों में अंतर्द्वंद है. भाजपा में बहस छिड़ गयी है कि धर्म विशेष का नेता कौन है. प्रेस कांफ्रेंस में झामुमो नेता अजय नारायण मिश्र, सुरेश साह सहित कई नेता मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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