रैली निकालकर कुड़माली भाषा व संस्कृति को संरक्षित करने पर दिया जोर

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रैली निकालकर कुड़माली भाषा व संस्कृति को संरक्षित करने पर दिया जोर

कोलियरी प्रक्षेत्र की बड़जोड़ी पंचायत अंतर्गत हड़तोपा गांव स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय प्रांगण में आयोजन

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चितरा. कोलियरी प्रक्षेत्र की बड़जोड़ी पंचायत अंतर्गत हड़तोपा गांव स्थित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय प्रांगण में कुड़माली भाखीचारी जागरण जड़ुआही अखाड़ा के तत्वावधान में एक दिवसीय सामाजिक जागरुकता सम्मेलन आयोजित किया गया. जिसमें राज्य के धनबाद, बोकारो समेत विभिन्न जिलों से समाज के लोग गोलबंद हुए. मौके पर सर्वप्रथम हड़तोपा व निकट गांव में सामाजिक जागरुकता के लिए संदेश जन-जन तक पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवक, युवती ने हाथों में जागरुकता संदेश लिखी तख्ती को लेकर अपनी भागीदारी निभाते हुए कई गांव में रैली निकाली. उक्त रैली शिशु मंदिर विद्यालय परिसर पहुंचने के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ किया. साथ ही समाज की युवतियों द्वारा अपनी संस्कृति के अनुसार पारंपरिक गीत सह नृत्य प्रस्तुत की. इसके बाद समाज के लोगों ने मंच से अपने विचार प्रकट करते हुए अपने समाज को जागरूक किया. वहीं, बोकारो से आए सुरेश बनुआर ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कुड़मी समाज के बीच कुड़माली भाषा, संस्कृति व लोक परंपराओं को संरक्षित करना और उन्हें नयी पीढ़ी तक पहुंचाना है. कहा कि आज के युवा अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं. उन्हें संस्कृति बचाने के प्रेरित करने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने बताया कि यह आयोजन विशेष रूप से आदिवासी समुदाय की अलग सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखने के लिए किया जा रहा है. कहा कि कुड़मी समाज की अपनी विशिष्ट ऐतिहासिक पहचान है जो सदियों पुरानी सभ्यता से जुड़ी हुई है. कार्यक्रम में ””””””””कुड़माली भाव-चारी जागरण जुझउम”””””””” के अंतर्गत परंपरागत रीति-रिवाज, लोक गीत, भाषा और सांस्कृतिक पहचान के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करने की जरूरत है. कहा कि कुड़मी समाज मूलत: प्रकृति पूजक है. कार्यक्रम में यह भी चर्चा की गई कि किस तरह आने वाले समय में कुड़मी समाज को संविधान की अनुसूचित जनजाति की मान्यता मिले, जिससे इस समुदाय को उनकी सांस्कृतिक पहचान और अधिकार मिल सकें. कार्यक्रम का उद्देश्य कुड़मी समाज को जागरूक करना और अपनी संस्कृति से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी मातृभाषा, संस्कृति और इतिहास के प्रति सजग रख कर बचाए रखे. मौके पर अध्यक्ष भूदेव चंद्र महतो, सचिव हरिश्चंद्र महतो, अरुण महतो, सुरेश महतो, राजेश कुमार महतो, सुनील महतो, जगन्नाथ महतो समेत बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी मौजूद थे. ———- हड़तोपा में कुड़मी समाज के जागरुकता सम्मेलन आयोजित, कई जिलों से पहुंचे समाज के लोग सामाजिक जागरुकता के लिए रैली, देर शाम तक कार्यक्रम जारी धनबाद, बोकारो समेत विभिन्न जिलों से पहुंचे लोग कुड़माली भाषा कुड़मी जनजाति की मौलिक पहचान : सुरेश

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संजय कुमार राणा

लेखक के बारे में

By संजय कुमार राणा

2005 से प्रभात खबर में काम कर रहे हैं. सभी प्रकार का खबरों में रुचि है. खासकर विकासात्मक मुद्दों जिससे लोगों को अधिक से अधिक लाभ पहुंच सके. ऐसी पत्रकारिता को पसंद करते हैं. इसीलिए लगातार इस दिशा में ही अपनी रिपोर्टिंग करते रहे हैं.

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