बारिश के अभाव में किसान करें वैकल्पिक खेती: कृषि वैज्ञानिक
Updated at : 26 Jul 2024 6:57 PM (IST)
विज्ञापन

कृषि वैज्ञानिक राजेश ओझा ने कहा कि क्षेत्र में काफी कम वर्षापात होने से खरीफ धान की फसल प्रभावित हुई है. इसकी भरपाई के लिए कृषक मित्र ने कम पानी में होने वाले मोटे अनाज की खेती करें.
विज्ञापन
प्रतिनिधि, सारवां.
कृषि विभाग द्वारा प्रखंड सभागार में एक दिवसीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन प्रमुख फुकनी देवी, बीडीओ रजनीश कुमार व कृषि वैज्ञानिक ने किया. बीएओ ने लोगों को पौधे देकर सम्मानित किया. देवघर सुजानी के कृषि वैज्ञानिक राजेश ओझा ने कहा कि क्षेत्र में काफी कम वर्षापात होने से खरीफ धान की फसल प्रभावित हुई है. इसकी भरपाई के लिए कृषक मित्र ने कम पानी में होने वाले मोटे अनाज मडुवा, मकई, बाजरा आदि की खेती के लिए किसानों को जागरूक करने को कहा. उनके द्वारा खरीफ फसलों में होने वाले रोग, उसके लक्षण व दवा की मात्रा के प्रयोग, पैदावार कम होने वाले खेतों की मिट्टी जांच आदि की जानकारी दी. इस अवसर पर एसबीआइ के शाखा प्रबंधक द्वारा केसीसी ऋण प्राप्त करने व व सूद से बचने के लिए ससमय चुकता करने के बारे में बताया. इस अवसर पर कृषि पदाधिकारी विजय कुमार देव, बीटीएम आशिष कुमार दुबे, एटीएम सुशमा कुमारी, जनसेवक राकेश रोशन, प्रेम कुमार, रश्मि कुमारी, मेरची कुमारी, कृषक मित्र संघ अध्यक्ष कांग्रेस यादव दिवाकर वर्मा, सुनील सिंह, पवन पांडेय, सुनील वर्मा, बहादुर यादव, सुरेश यादव, श्यामाकांत मिश्र, प्रमोद वर्मा आदि ने भाग लिया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




