बाबा मंदिर मिले नवजात को गोद लेने के लिए बढ़ रहे हाथ, पर प्रक्रिया जाननी जरूरी

Updated at : 13 May 2024 8:22 PM (IST)
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बाबा मंदिर मिले नवजात को गोद लेने के लिए बढ़ रहे हाथ, पर प्रक्रिया जाननी जरूरी

बाबा मंदिर के महिला शौचालय में पाये गये नवजात को गोद लेने के लिए कई लोग अपनी इच्छा जाहिर कर रहे हैं. मगर, इसकी प्रक्रिया की जानकारी नहीं रहने से ऐसे लोगों को परेशानी होती है.

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संजीव मिश्रा.

देशभर में मिलने वाले नवजातों को गोद लेने के लिए कई लोग आगे आते हैं, मगर उन्हें एक प्रक्रिया के तहत ही बच्चे को सौंपने का प्रावधान है. बच्चे को लेने के बाद उसकी देखभाल व लालन-पालन में कोई कमी नहीं रहे, इसके लिए पूरी जिम्मेदारी के साथ बच्चे को नियमपूर्वक किसी को सौंपा जाता है. बाबा मंदिर के महिला शौचालय में पाये गये नवजात को गोद लेने के लिए कई लोग अपनी इच्छा जाहिर कर रहे हैं. लोग बाबा मंदिर आकर गोद लेने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ले रहे हैं. बाबा मंदिर के मुख्य प्रबंधक रमेश परिहस्त ने इच्छा जाहिर करने वाले लोगों से प्रशासनिक स्तर से नियमपूर्वक पहल करने की बात कही है. फिलहाल बरामद उक्त नवजात का सीडब्ल्यूसी के देखरेख में सदर अस्पताल के एसएनसीयू में इलाज चल रहा है. हालांकि, बच्चे को गाेद लेने के लिए सरकार ने एक प्रक्रिया तय कर दी है. इसके लिए लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है. कारा से प्राप्त आंकड़े के अनुसार, देश भर में गोद लेने के लिए 2166 बच्चे उपलब्ध हैं. इनमें देवघर जिले में 30 बच्चे हैं. नियमानुसार वर्तमान में तीन बच्चे ही गोद लेने लायक हैं. उपलब्ध बच्चे के लिए अबतक 32320 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनकी जांच की जा रही है.

बच्चे को गोद लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी

देवघर जिला से सीडब्ल्यूसी के अधिकारी देवेंद्र पांडेय ने बताया कि, किसी भी नवजात को अपने मन से कोई गोद नहीं ले सकता है. ऐसा करने वाले की जानकारी प्रशासन को होने पर कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान है. अगर किसी को गोद लेना है तो उन्हें भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित कारा ( सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स ऑथोरिटी) की वेबसाइट cara.wcd.gov.in पर आवेदन करना होगा. वेबसाइट में जरूरी कागजात अपलोड करने होंगे जैसे, गोद लेने वाले का वैवाहिक प्रमाण पत्र इत्यादि. अगर गोद लेने वाली महिला है और वह विधवा है तो पति का मृत्यु प्रमाण पत्र, तलाकशुदा है तो उसके पेपर, पूरा पता आधार कार्ड आय प्रमाण पत्र आदि जरूरी है. इसके बाद आवेदक की जांच के लिए एजेंसी का चुनाव होगा. जांच में सबकुछ सही मिलने पर आवेदन पर सहमति जताकर क्यू में लगा दिया जायेगा. उनका नंबर आने पर इ-मेल या फिर एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जायेगा. ये जरूरी नहीं है कि उनको उसी जिले का बच्चा गोद में मिलेगा, आवेदक को देश भर में कहीं भी बुलाया जा सकता है.

गोद लेने के लिए दो हजार से अधिक बच्चे उपलब्ध, आवेदन 32 हजार से अधिक

कारा के अनुसार, देश भर में 2166 बच्चों के लिए कुल 32320 आवेदन गोद लेने के लिए प्राप्त हुए हैं. इनमें 748 बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ्य बच्चे हैं तथा 1418 बच्चे ऐसे है जिनमें कोई ने कोई परेशानी है. वहीं देवघर जिले में अभी 30 बच्चे हैं, जिनमें तीन बच्चे ही गोद लेने लायक हैं.

* बाबा मंदिर के शौचालय में बरामद नवजात का सीडब्ल्यूसी की देखरेख में चल रहा इलाज

* कई लोग जता चुके हैं नवजात को गोद लेने की इच्छा

* देवघर जिले में 30 बच्चों में तीन ही गोद लेने लायक

* बच्चों को गोद लेने के लिए कारा की वेबसाइट पर करना होता है आवेदन

* आवेदक के सत्यापन के बाद कानूनी प्रावधान के तहत किसी को सौंपा जाता है कोई भी बच्चा

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