हनुमंत की उपासना से बल, बुद्धि व विद्या तीनों आते हैं : कथावाचक
मधुपुर के पंच मंदिर रोड के दुर्गा मंदिर में प्रवचन आयोजित
मधुपुर. शहर के पंच मंदिर रोड स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में चल रहे नवाह्न परायण यज्ञ सह श्रीराम कथा के आठवें दिन अनंत बलवंत वीर हनुमंत की कथा को कथा वाचक मधुसूदन शास्त्री ने विस्तार पूर्वक सुनाया. बताया कि कलयुग में श्री हनुमान जी की उपासना से बल, बुद्धि, विद्या तो आती ही है, आठों सिद्धियां और नवों निधियां की प्राप्ति भी सहज ही हो जाती है. श्री हनुमत की निष्काम भक्ति और अतुलित बल का बखान किया. राम वन गमन, सीता हरण, सुग्रीव मिताई से हनुमान का लंका प्रवेश और अशोक वाटिका के बागों के तहत नहस की कथा मनोरंजक और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया. कथावाचक ने कहा कि संयमित और अनुशासित जीवन ही हमें हमारे लक्ष्य तक पहुंचा सकता है. हमें श्री हनुमान जी से यह सीखना चाहिए कि बल का कहां प्रयोग कहां करें, बुद्धि कहां दिखाई जाये. उचित समय पर उचित बल, बुद्धि का प्रयोग ही सफलता का आधार बनता है. हमें निष्काम भाव से कार्य करते हुए परिवार, समाज और राष्ट्र को विकास की ओर ले जाना चाहिए. निर���तर अपनी धुन में रहते हुए अपने काम को निष्ठापूर्वक करते हुए प्रभु नाम का संकीर्तन करना चाहिए, सब के प्रति समभाव और समरसता रखनी चाहिए. मौके पर दर्जनों श्रद्धालु मौजूद थे.
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