आमने-सामने : जानें गोड्डा संसदीय क्षेत्र के सांसद के वादे और विपक्ष का आरोप

Updated at : 12 Apr 2019 7:56 AM (IST)
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आमने-सामने : जानें गोड्डा संसदीय क्षेत्र के सांसद के वादे और विपक्ष का आरोप

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में गोड्डा लोकसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला हुआ था. भाजपा ने डॉ निशिकांत दुबे और कांग्रेस ने फुरकान अंसारी को चुनाव मैदान में उतारा था. डॉ निशिकांत ने फुरकान को 60682 वोटों से हराया था. निशिकांत दुबे पिछले पांच साल में संसद के 337 बहसों में […]

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वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में गोड्डा लोकसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला हुआ था. भाजपा ने डॉ निशिकांत दुबे और कांग्रेस ने फुरकान अंसारी को चुनाव मैदान में उतारा था. डॉ निशिकांत ने फुरकान को 60682 वोटों से हराया था. निशिकांत दुबे पिछले पांच साल में संसद के 337 बहसों में हिस्सा लिया.
उन्होंने संसद में 676 सवालों को पूछा है. उनकी उपस्थिति 98 प्रतिशत रही है. इस बार गोड्डा सीट से पुन: निशिकांत दुबे को भाजपा ने टिकट दिया है. जबकि, उनके खिलाफ गठबंधन के उम्मीदवार झाविमो के प्रदीप यादव हैं.
मेरे 10 साल के विकास कार्यों को देख जनता लेगी फैसला : निशिकांत

संजीत मंडल
देवघर : गोड्डा लोकसभा के सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने कहा कि 1947-2009 का इतिहास 62 वर्षों का काम और मेरे 10 साल के कार्य की तुलना जनता को करना चाहिए. 62 वर्षों में गोड्डा में रेल नहीं पहुंची.
2011 में गोड्डा की स्वीकृति मिली. 2014-15 में काम चालू हो गया. इस साल के अंत तक गोड्डा रेल पहुंच जायेगी. इसके अलावा तीन फ्लाइओवर निर्माण का काम चल रहा है. छह आरओबी का शिलान्यास किया है.
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने देवघर में एम्स दिया. देवघर हो या गोड्डा, सभी जगह सदर अस्पताल को दुरुस्त किया गया. पानी की समस्या से निजात के लिए अपनी ही सरकार के खिलाफ आमरण-अनशन पर बैठे.
हाइकोर्ट गये. हाइकोर्ट के आदेश से पुनासी का रिवर क्लोजर हुआ. आज पुनासी का डैम पानी से लबालब भर गया है. सिंचाई के लिए कम से कम 140 छोटे-बड़े सीरीज चेकडैम/बीयर का निर्माण हुआ और कुछ पर काम चल रहा है. गोड्डा लोस क्षेत्र में आठ एनएच स्वीकृत हो गयी है.
कांवरियों के लिए अलग से पथ, गोड्डा को फोर लेन सड़क से जोड़ने पर काम हो रहा है. उन्होंने कहा कि गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े काम हुए हैं. दो इंजीनियरिंग कॉलेज, दो पॉलिटेक्निक कॉलेज, तीन मॉडल कॉलेज, 14 आइटीआइ, दो नर्स ट्रेनिंग कॉलेज, एक होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, दो एग्रीकल्चर कॉलेज, एक डेयरी इंजीनियरिंग कॉलेज बनकर तैयार है.
सांसद डॉ निशिकांत ने कहा कि कांवरियों के लिए क्यू कांप्लेक्स का निर्माण अहम उपलब्धियों में शामिल है. इसके अलावा देवघर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है. देवघर में अल्ट्रा मेगा पावर प्लांट, गोड्डा में 1600 मेगावाट का अडाणी पावर प्लांट भी धरातल पर उतरने को है. सांसद ने कहा कि कोई ऐसा सेक्टर नहीं है, जहां काम नहीं हुआ है. बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकरीबन एक लाख करोड़ की योजना पर पिछले दस सालों में काम चल रहा है.
वर्ष 2014 का चुनावी आंकड़ा
प्रत्याशी पार्टी वोट मिले
डॉ निशिकांत दुबे भाजपा 380500
फुरकान अंसारी कांग्रेस 319818
जीत का अंतर 60682 वोट
वर्ष 2004 से अब तक लोकसभा चुनाव का आंकड़ा
वर्ष 2004
प्रत्याशी पार्टी वोट मिला
फुरकान अंसारी कांग्रेस 372138
प्रदीप यादव भाजपा 346384
जीत का अंतर 25754
वर्ष 2009
निशिकांत दुबे भाजपा 189526
फुरकान अंसारी कांग्रेस 183119
जीत का अंतर 6407
देवघर : आज भी 50-100 किलोमीटर दूर से पानी लाया जा रहा है : फुरकान
बलराम
देवघर : गोड्डा लोकसभा से वर्ष 2014 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़े पूर्व सांसद फुरकान अंसारी दूसरे नंबर पर रहे थे. वे यूपीए गठबंधन के साझा उम्मीदवार थे. 2004 में वे कांग्रेस से लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं.
उनकी टक्कर भाजपा से होती रही है. सांसद निशिकांत दुबे के विकास के दावे को नकारते हुए फुरकान ने कहा कि वे हमेशा कुछ खास लोगों से घिरे रहते हैं, गांवों की जनता से कभी संपर्क नहीं रखा. गांव के लोग सांसद को देखने के लिए तरस गये. दस साल तक ये सिर्फ हवाबाजी करते रहे हैं.
फुरकान ने कहा कि निशिकांत देवघर एयरपोर्ट और एम्स का सबसे अधिक ढिंढोरा पीटते हैं. पर सच्चाई यह है कि जब अहमद पटेल नागरिक उड्डयन मंत्री थे व कमल नयन चौबे उनके पीए थे, तो उस दौरान उन्होंने एयरपोर्ट को मंजूरी दिलायी थी.
बड़ी योजना होने के कारण धरातल पर उतरने में वक्त लगा और ये वाहवाही ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र में यूपीए शासनकाल के दौरान ही सभी प्रदेशों में एक-एक एम्स खोलने का निर्णय हुआ था. इसके आलोक में झारखंड को एक एम्स मिला. इसके लिए रांची के नगड़ी में जमीन का अधिग्रहण और घेराबंदी शुरू हुई, तो विरोध के बाद मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों से जमीन के लिए प्रस्ताव मांगा.
इस पर मंत्री राज पलिवार के प्रयास से देवीपुर में जमीन अधिग्रहण कराया गया और एम्स का काम प्रारंभ हुआ. उन्होंने कहा कि निशिकांत दुबे केंद्र और राज्य के अधिकारियों से विकास योजनाओं की लिस्ट पहले ही मांग लेते हैं और सभी काम को अपना बताने लगते हैं. उन्होंने कहा कि वे अपने दस साल के कार्यकाल में देवघर शहर की पेयजल संकट का समाधान नहीं कर पाये. वे कहते हैं कि जब पुनासी डैम बनेगा तभी पानी आयेगा. आज तो 50 से 100 किमी दूर से भी पानी लाया जा रहा है.
इन्होंने दस वर्षों तक लोगों का ध्यान नहीं रखा. गंगा का पानी बाबाधाम लाने की बात कह रहे थे. अब तक वह पानी कहां रह गया. फुरकान ने कहा कि कभी यदि कोई मेरे पैर छूता है, तो मुझे शर्म महसूस होती है. लेकिन निशिकांत दुबे को कोई फर्क नहीं पड़ता है. वे पैसे के बल पर लोगों से पैर धुलवाते हैं.
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