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देवघर. अधूरे क्यू कॉम्प्लेक्स में श्रद्धालुओं को ठहराना सुरक्षित नहीं

Updated at : 14 Jan 2019 7:22 AM (IST)
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देवघर. अधूरे क्यू कॉम्प्लेक्स में श्रद्धालुओं को ठहराना सुरक्षित नहीं

देवघर. देवघर में बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है. श्रद्धालुओं के आवासन से लेकर भोजन पकाने, अपने सामानों को सुरक्षित रखने के लिए कोई क्लॉक रूम तक उपलब्ध नहीं है. किसी प्रकार के सहयोग अथवा जानकारी प्राप्त करने के लिए बाबा मंदिर एवं शिवगंगा के आसपास कोई […]

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देवघर. देवघर में बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है. श्रद्धालुओं के आवासन से लेकर भोजन पकाने, अपने सामानों को सुरक्षित रखने के लिए कोई क्लॉक रूम तक उपलब्ध नहीं है.
किसी प्रकार के सहयोग अथवा जानकारी प्राप्त करने के लिए बाबा मंदिर एवं शिवगंगा के आसपास कोई स्थायी हेल्प डेस्क नहीं है. जिस कारण श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी व स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
बाबा मंदिर, शिवगंगा व आसपास के सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ व फुटपाथों पर रहने के कारण पैदल आवागमन में भी परेशानी हो रही है. श्रद्धालुओं के समुचित इंतजाम को लेकर डीसी राहुल कुमार सिन्हा से बातचीत की. प्रस्तुत है अंश.
श्रद्धालुओं की परेशानी पर डीसी राहुल कुमार सिन्हा से सीधी बात
सवाल : तीर्थ यात्रियों के ठहराव के लिए क्यू कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल क्यों नहीं हो रहा है.
जवाब : क्यू कॉम्प्लेक्स अभी अर्धनिर्मित है. हैंडओवर भी नहीं हुआ है. श्रावणी मेले में कांवरियों के क्यू को लगाने के लिए विशेष परिस्थिति में क्यू कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल किया जाता है. अमूमन तीर्थयात्री अपने पंडा के यहां ठहरते हैं अथवा धर्मशाला मेें ठहर जाते हैं. कईि धर्मशाला में नि:शुल्क ठहराव का इंतजाम है.
नगर निगम द्वारा भी आश्रय भवन बनाया गया है. वहां भी तीर्थयात्री ठहर सकते हैं. अर्धनिर्मित भवन में तीर्थयात्रियों को ठहराना सुरक्षा के दृष्टिकोण से सही नहीं है.
सवाल : श्रद्धालुओं के लिए साझा चूल्हा का कोई कांसेप्ट है क्या‍
जवाब : अभी साझा चूल्हा का कोई कांसेप्ट नहीं है. केराेसिन ओपेन मार्केट में उपलब्ध है. श्रद्धालु उसे खरीद कर इस्तेमाल कर सकते हैं. राज्यपाल, मुख्यमंत्री, चुनाव आयोग के कार्यक्रम के बाद इस पर भी गंभीरता पूर्वक विचार किया जायेगा.
सवाल : श्रद्धालुओं के सुविधा के लिए हेल्प डेस्क क्यों नहीं खोला जा रहा है.
जवाब : श्रावणी मेले में तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क बनाया जाता है. रेलवे स्टेशन में हेल्प डेस्क बनाया जा सकता है. भविष्य में बाबा मंदिर एवं शिवगंगा के आसपास हेल्प डेस्क बनाया जा सकता है. यह बेहतर सुझाव है. कांवरियों को इससे सहूलियत होगी.
सवाल : श्रद्धालुओं के हित में पंडा धर्मरक्षिणी सभा को क्या करना चाहिए.
जवाब : पंडा धर्मरक्षिणी सभा के पास एक बार प्रस्ताव रखा था. उनसे यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट मांगा गया था कि आपलोग क्या कर रहे हैं. वर्ष 2009-10 में बाबा मंदिर प्रबंधन बोर्ड द्वारा एक एग्रीमेंट हुअा था. उसमें यूसी प्रमाण पत्र देने का कांसेप्ट नहीं था. इस वजह से यह बात आगे नहीं बढ़ सकी. पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अधिकारी ही इस मामले में कुछ बता सकते हैं.
पंडा धर्मरक्षिणी सभा श्रद्धालुओं की करती हैं मदद
देवघर : पंडा धर्मरक्षिण सभा अपने दायित्वों को सही तरीके से निर्वहण कर रही है. उक्त बातें सभा के अध्यक्ष प्रो सुरेश भारद्वाज ने कहा. उन्होंने कहा कि सभा के सदस्य यात्रियों, श्रद्धालुओं को घरों में ठहराते हैं.
उन्हें हर तरह की सुविधा देते है. एक हजार साधु, संन्यासी, विधवा, गरीब को हर माह सभा की ओर से मदद किया जाता है. लेकिन, प्रशासन बताये कि वे श्रद्धालुओं के लिए क्या कर करती है. श्रद्धालुओं के लिए कोई व्यवस्था ही नहीं है.
कहा कि मंदिर प्रभारी केवल बातें करते हैं. लेकिन आज तक सुविधा के नाम पर कोई परिवर्तन नहीं दिखा है. श्रद्धालुओं के लिए बना क्यू कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. 15 दिनों से मंदिर क्षेत्र के पाइपलाइन में पानी नहीं आ रहा है. बिजली की आपूर्ति भी निर्बाध नहीं है.
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