रोजाना 3200 ऑटो से 10-10 रुपये की होती है वसूली

Updated at : 07 Jun 2014 11:35 AM (IST)
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रोजाना 3200 ऑटो से 10-10 रुपये की होती है वसूली

देवघर: देवघर से विभिन्न जगह तक चलने वाली ऑटो से बिना रजिस्ट्रेशन के संघ द्वारा पहली बार एसोसिएशन में इंट्री कराने के नाम पर 1500 रुपये अवैध वसूली जबरन किया जाता है. उक्त राशि लेने के बाद संबंधित ऑटो वाले को संघ के नाम का एक रसीद दी जाती है, जिसमें उक्त ऑटो वाले को […]

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देवघर: देवघर से विभिन्न जगह तक चलने वाली ऑटो से बिना रजिस्ट्रेशन के संघ द्वारा पहली बार एसोसिएशन में इंट्री कराने के नाम पर 1500 रुपये अवैध वसूली जबरन किया जाता है.

उक्त राशि लेने के बाद संबंधित ऑटो वाले को संघ के नाम का एक रसीद दी जाती है, जिसमें उक्त ऑटो वाले को संघ के सदस्य मनोनीत करने का जिक्र रहता है. सूत्रों के अनुसार जो ऑटो वाले इस फरमान की अवहेलना करते हैं, उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाता है. यहां तक कि तथाकथित स्वयंभू संघ चलाने वाले ऐसे ऑटो वालों की पिटाई तक कर देते हैं. और तो और इतने में ही इन ऑटो वालों को छुट्टी नहीं मिलती है. बल्कि रोजाना ऐसे ऑटो वालों से 10-10 रुपये लिया जाता है. उक्त वसूली संघ के शोहदे करते हैं. जानकारी हो कि शहर में कुल 3200 ऑटो हैं. वहीं सावन में बाहर से भी ऑटो लेकर चालक यहां कमाने के लिए आते हैं. वैसे ऑटो चालकों को भी इंट्री शुल्क बतौर नजराना देना पड़ता है.

प्रतिमाह होती है करीब ढाई लाख की वसूली

सूत्रों की मानें तो प्रति महीने ऑटो वालों से करीब दो से ढ़ाई लाख रुपये की वसूली होती है. वर्षो से यूनियन के नाम पर वसूली की जाती है. एक ही व्यक्ति यूनियन के सर्वेसर्वा बने हैं. वहीं यह यूनियन कहीं से रजिस्टर्ड भी नहीं है.

पुलिस को भी जाता है कमाई में हिस्सा

सूत्रों के अनुसार ऑटो वालों से की जाने वाली अवैध वसूली में हिस्सेदारी पुलिस को भी मिलती है. यातायात से लेकर पुलिस के वरीय पदाधिकारियों तक इस अवैध वसूली में हिस्सेदारी पहुंचती है. बदले में पुलिस उन्हें प्रोटक्शन देती है. वहीं बीच सड़क पर पर्किग करने व यात्री बैठाने से यातायात पुलिस अनदेखी करते हैं.

किस-किस चौक से होती है वसूली

ऑटो चालकों से वसूली पानी टंकी के पास, सारवां रोड मोड़, सर्राफ स्कूल गली, सेठ सूरजमल जालान रोड, शिवगंगा के समीप, दिनबंधु स्कूल चौक, एलआइसी मोड़, सत्संग कॉलेज के समीप व सत्संग शंख चौक से चलने वाले ऑटो से वसूला जाता है.

फसाद की जड़ बना है ऑटो स्टैंड

ऑटो स्टैंड इन दिनों चर्चे में हैं. आजाद परिहस्त हत्याकांड में ऑटो स्टैंड का विवाद सामने आया. पुलिस के अनुसार ऑटो स्टैंड में वर्चस्व को लेकर ही चंदन मठपति हत्याकांड को अंजाम दिया गया है.

ऑटो वाले से वसूली का पैसा जाता है कहां?

ऑटो वाले से इस अवैध वसूली का पैसा आखिर कहां जाता है? किसी चालक या मालिक के हित में कभी खर्च भी नहीं हुआ है. वहीं किसी ऑटो चालक, मालिक की बीमारी आदि में भी कोई मदद आज तक नहीं दी गयी है.

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