1861 के नक्शे में है रोड, कांग्रेस ने कर लिया था कब्जा

Updated at : 02 Sep 2018 5:40 AM (IST)
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1861 के नक्शे में है रोड, कांग्रेस ने कर लिया था कब्जा

देवघर : देवघर में जिला प्रशासन ने एक अवैध निर्माण को गिराया है, इसके लिए कहीं धरना हो रहा है, कहीं प्रदर्शन हो रहा है. कोर्ट का सहारा लिया जा रहा है. कोई मुझे जनरल डायर मानसिकता वाला आदमी बता रहा है, कोई विनाश काले विपरीत बुद्धि की बात कर रहा है. इससे काफी आहत […]

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देवघर : देवघर में जिला प्रशासन ने एक अवैध निर्माण को गिराया है, इसके लिए कहीं धरना हो रहा है, कहीं प्रदर्शन हो रहा है. कोर्ट का सहारा लिया जा रहा है. कोई मुझे जनरल डायर मानसिकता वाला आदमी बता रहा है, कोई विनाश काले विपरीत बुद्धि की बात कर रहा है. इससे काफी आहत हूं. उक्त बातें गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने गांधी साहित्य पुस्तकालय के जमींदोज स्थल पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जब 1980 में बनी. उसने गांधियन समाजवाद का नारा दिया. अटल बिहारी वाजपेयी ने नयी थ्योरी दी कि गांधी जी होंगे और समाजवाद भी होगा.

गांधी जी हमारे लिए पूज्य हैं. वे कोई वोट की राजनीति के लिए नहीं हैं. वे राष्ट्रपिता है. हम भाजपा के कार्यकर्ता उनका उतना ही सम्मान करते हैं, जो लोग अपने आपको गांधी जी के वारिस कहते हैं. उसने देवघर में गांधी को कैसे मारा यह बिल्डिंग सबसे बड़ा उदाहरण है. मैंने मैकफर्सन का 1861 का नक्शा निकलवाया. उस पर सीओ का काउंटर साइन भी है. जहां गांधी साहित्य पुस्तकालय था, वह पूरा का पूरा रोड है. इसमें जमीन नाम की कोई चीज ही नहीं थी. आजादी के बाद जिस पर जनता ने सबसे ज्यादा भरोसा किया. जिनको नगरपालिका का चेयरमैन बनाया, एमएलए बनाया, एमपी बनाया. उनलोगों ने गांधी के नाम पर जमीन का कब्जा किया. यह सबसे बड़ा उदाहरण है. भीड़भाड़ वाला इलाका टावर चौक व बैद्यनाथधाम स्टेशन के पास का तीन कोना की जमीन दोनों ही रोड है. दोनों ही रोड को कहीं गांधी के नाम पर कहीं मंदिर के नाम पर कब्जा किया गया. उन्होंने कहा कि हां मैं जनरल डायर हूं. मेरी बुद्धि विपरीत हो गयी है. जो लोग मुझे देवघर के इतिहास व भूगोल के बारे में बताना चाहते हैं. जो लोग बोलते हैं कि सांसद को देवघर के बारे में कुछ भी नहीं पता है, उन्हें आज इस नक्शा को देखने के बाद देवघर के लोगों से माफी मांगनी होगी कि उन्हें देवघर के बारे में कुछ भी पता नहीं है.

स्वतंत्रता सेनानी विनोदानंद झा को उनके पुत्र से ज्यादा करता हूं सम्मान : नगर पुस्तकालय के लिए बातें हो रही है. यदि विनोदानंद झा के नाम पर ट्रस्ट है. यहां विनोदानंद झा के नाम पर यहां मेमोरियल बने. इसमें मैं खुद सहयोग देने के लिए तैयार हूं. स्वतंत्रता सेनानी विनोदानंद झा को उनके पुत्र से ज्यादा सम्मान करता हूं. लेकिन, यदि विनोदानंद झा के नाम पर ट्रस्ट है, तो नगर पुस्तकालय वहां कैसे चल रहा है. नगर भवन को नगर निगम कैसे बुक कर रहा है. ट्रस्ट है तो उसे ट्रस्ट बुक करता है. इसका मतलब नगर निगम ने उस पर अवैध कब्जा कर रखा है.

पत्रकारों से बयान नहीं छापने का आग्रह : सांसद ने कहा कि आप पत्रकारों से आग्रह है कि किसी का बयान अखबारों में मत छापिये. एक तो आपलोगों ने भी गलती की. यह बात कोई नहीं बोलेगा, जो अवैध बिल्डिंग थी. उसमें प्रेस क्लब का ऑफिस होने का सवाल ही नहीं था. आप कांग्रेसियों के बहकावे में आये. कांग्रेसियों ने गलत जगह पर प्रेस क्लब के लिए जगह दी. हम आपके लिए भव्य बिल्डिंग का निर्माण करा रहे हैं. उसके लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत है. उसका शिलान्यास कर चुके हैं. हम आपको सुविधा देने के लिए तैयार हैं.

विकास के लिए जारी रहेगा संघर्ष : सांसद ने कहा कि हमारा संघर्ष विकास के लिए जारी रहेगा. चुनाव की जीत व हार मेरे लिए मायने नहीं रखता है. गोड्डा लोकसभा क्षेत्र कैसे साफ-सुथरा रहेगा. गुंडों से कैसे मुक्त होगा. अवैध अतिक्रमणकारियों से कैसे मुक्त होगा. इसकी चिंता है. कई लोग यहां मेरी समाधि बनाना चाहते हैं. मेरे मन कि भी इच्छा है कि मेरी समाधि यही बनें. बाबा के बगल में रहेंगे. लेकिन, मुझे बाबा इतना आशीर्वाद नहीं देंगे कि मैन चौक टावर पर मेरी समाधि बने.

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