जनता का ध्यान खींचने के लिए झाविमो नेता दिखा रहे जाली पत्र

Updated at : 10 Jul 2018 4:07 AM (IST)
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जनता का ध्यान खींचने के लिए झाविमो नेता दिखा रहे जाली पत्र

देवघर : कोडरमा सांसद सह भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय ने झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी द्वारा पत्र सार्वजनिक करने के मामले में कहा कि झाविमो के नेताओं को अपने भविष्य के बारे में जनता से कोई उम्मीद नहीं है. इस कारण जनता का ध्यान खींचने का कार्यक्रम शुरू किया है. इसके लिए गलत […]

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देवघर : कोडरमा सांसद सह भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय ने झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी द्वारा पत्र सार्वजनिक करने के मामले में कहा कि झाविमो के नेताओं को अपने भविष्य के बारे में जनता से कोई उम्मीद नहीं है. इस कारण जनता का ध्यान खींचने का कार्यक्रम शुरू किया है. इसके लिए गलत हरकत कर रहे हैं.
देवघर पहुंचे सांसद श्री राय ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि झाविमो नेता प्रदीप यादव कहते हैं कि रवींद्र राय के सैकड़ों हस्ताक्षर के नमूने हैं. सामान्य व्यक्ति भी सोच सकता है कि आखिर कोई हस्ताक्षर का नमूना क्यों रखेगा. पार्टी का पूरा कुनबा जालसाजी में संलिप्त है. अब जनता का विश्वास झारखंड विकास मोर्चा के प्रति नहीं रह गया है. विधानसभा अध्यक्ष के कोर्ट में खुद जब बाबूलाल मरांडी गवाह देने गये थे, उस वक्त पत्र देना था लेकिन नहीं दिये. न्यायालय के बाहर पत्र को सार्वजनिक करना गलत है.
कानूनी लड़ाई की तय कर रहे रणनीति
पैसा देने के मामले में विधायकों ने एफआइआर कराने का सिलसिला शुरू कर दिया है. हमलोग भी रणनीति तय कर रहे हैं कि उनके विरुद्ध कैसे कानूनी कार्रवाई जाये. पूरे मामले का खुलासा होगा.
भटके हुए लोग कर रहे हैं पत्थलगड़ी
कांग्रेस, राजद आदि कोई पार्टी नहीं चाहती थी कि झारखंड अलग हो. ऐसे में कुछ शातिर किस्म के लोग पत्थलगड़ी कर गुमराह करना चाहते हैं. नौजवानों को बरगला कर उनमें अविश्वास पैदा करना चाहते हैं. भटके हुए लोग ही पत्थलगड़ी कर रहे हैं. कभी-कभी वे उग्रवादियों का भी साथ लेते हैं. झारखंड का निर्माण जिस उद्देश्य से हुआ, उसे भाजपा पूरी तन्मयता के साथ पूरा करेेगी.
एजुकेशन पॉलिसी पर देश में चल रही बहस
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं के साथ वर्तमान में बहस चल रही है. परिवर्तन का दौर शुरू हो गया है. शिक्षा पद्धति वर्ष 1935 में लागू हुई. उस सिस्टम को पूरी तरह से परिवर्तन करने के पहले बहस जरूरी है. उसके बाद सरकार के स्तर से निर्णय किया जायेगा. निश्चित रूप से एजुकेशन पॉलिसी को बदला जायेगा. इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष नवल किशोर राय, पार्षद सह प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य रीता चौरसिया, बबलू सिंह, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष विजया सिंह, चंद्रशेखर खवाड़े, मनोज भार्गव आदि उपस्थित थे.
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