1.40 लाख की जगह धान की खरीद हुई महज 170 क्विंटल
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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देवघर : धान क्रय केंद्र में किसानों से सरकारी दर पर धान खरीदने की पैक्सों की योजना पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी खटाई में पड़ सकती है. धान खरीदारी की प्रक्रिया में जिस तरह से लेटलतीफी हो रही है, उस अनुसार किसानों का क्रय केंद्रों से मोह भंग हो रहा है. आनन-फानन में […]
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देवघर : धान क्रय केंद्र में किसानों से सरकारी दर पर धान खरीदने की पैक्सों की योजना पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी खटाई में पड़ सकती है. धान खरीदारी की प्रक्रिया में जिस तरह से लेटलतीफी हो रही है, उस अनुसार किसानों का क्रय केंद्रों से मोह भंग हो रहा है. आनन-फानन में किसान बाजार में औने-पौने दर पर धान बेचने को मजबूर है.
जिले में सहकारिता व आपूर्ति विभाग से कुल 49 पैक्सों में धान क्रय केंद्रों खोलने की स्वीकृति दीगयी है. 49 पैक्सों में क्रय केंद्रों का उदघाटन तो कर दिया गया, लेकिन धान की खरीदारी जिले भर में महज दो पैक्सों में ही शुरू हो पायी है. इस वर्ष जिले भर में धान खरीदारी का लक्ष्य 1.40 लाख क्विंटल रखा गया है, इसमें मोहनपुर प्रखंड के सरासनी व ताराबाद पैक्स में महज 170 क्विंटल ही धान की खरीदारी हुई है. विभागीय रिपोर्ट के अनुसार शेष 47 पैक्सों में धान का एक दाना तक नहीं खरीदा जा सका है.
प्रति क्विंटल 500 रुपये का हो रहा नुकसान
सरकार ने इस वर्ष किसानों से 1700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की स्वीकृति दी है.योजना के तहत रजिस्टर्ड किसान जैसे ही पैक्स में अपना धान देकर रसीद प्राप्त करेंगे, उनके बैंक खाते में तीन दिनों के अंदर धान का मूल्य प्राप्त हो जायेगा. लेकिन क्रय केंद्र नहीं खुलने से किसानों की खून-पसीने की कमाई मनमाने दर पर बिक रहा है. हाट व बाजार में 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान बिचौलियों के द्वारा खरीदी जा रही है. इससे किसानों को प्रति क्विंटल 500 रुपये का नुकसान हो रहा है.
पैक्सों को नहीं मिला टैब व मोस्चयर मशीन
जिन पैक्सों में धान की खरीदारी की जानी है, उन पैक्स अध्यक्षों को आपूर्ति विभाग से टैब व मोस्चयर मशीन उपलब्ध कराना है. लेकिन विभाग की ओर अब तक 47 पैक्सों में टैब व मोस्चयर मशीन उपलब्ध नहीं कराया गया है.
टैब के माध्यम से पैक्स अध्यक्ष को पैक्स में ही किसानों का रजिस्ट्रेशन करना है, उसके बाद टैब के माध्यम से किसानों को मैसेज भेजा जायेगा. मैसेज प्राप्त होने के बाद ही किसान धान बेचने पैक्स में आयेंगे, जबकि मोस्चयर मशीन से धान की नमी की मापी की जायेगी. टैब व मोस्चयर मशीन आपूर्ति नहीं होने से 47 पैक्सों में धान की खरीदारी पूरी तरह बंद है. अब तक जिन 8615 किसानों का रजिस्ट्रेशन अंचल कार्यालय से हो चुका है, उन किसानों से भी टैब व मशीन की वजह से धान खरीदारी नहीं हो पा रही है.
पैक्सों में धान का क्रय केंद्र तो खुल चुका है, लेकिन टैब व मोस्चयर मशीन का टेंडर फाइनल नहीं होने की वजह से आपूर्ति नहीं हो पायी है. टैब के जरिये ही किसानों को धान लेकर पैक्स तक आने का मैसेज भेजा जायेगा. जनवरी प्रथम सप्ताह में टैब प्राप्त होने की संभावना है. उसके नियमित रूप से धान की खरीदारी होगी. किसान थोड़ा धैर्य बनाये रखें, उन्हें उचित दर मिलेगा. बाजार में धान बेचने से उन्हें नुकसान होगा.
– सुशील कुमार, डीसीओ, देवघर
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