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49 पैसे बढ़ सकता है बिजली दर

देवघर : झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग की अोर से सूचना भवन के सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया गया. इसमें झारखंड बिजली संचरण निगम लि ने विद्युत संचरण की नयी दर का प्रपोजल दिया. आयोग के चेयरपर्सन डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि आयोग के टैरिफ व बिजनेस प्लान का सीधा संबंध आम जनता […]

देवघर : झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग की अोर से सूचना भवन के सभागार में जनसुनवाई का आयोजन किया गया. इसमें झारखंड बिजली संचरण निगम लि ने विद्युत संचरण की नयी दर का प्रपोजल दिया. आयोग के चेयरपर्सन डॉ अरविंद कुमार ने कहा कि आयोग के टैरिफ व बिजनेस प्लान का सीधा संबंध आम जनता से है. संचरण निगम ने नेटवर्क विकसित करने के लिए पांच साल का प्लान दिया है. इस पर होने वाले खर्च के लिए टैरिफ प्लान भी प्रस्तुत किया गया. संचरण की मजूबत व्यवस्था नहीं होने से समस्या जस की तस बनी रहती है. रेल प्रबंधन निगम के संचरण माध्यम से दूसरे अन्य प्रांतों से बिजली खरीद रहा है.ऐसे में ट्रांसमिशन लाइन को दुरुस्त करना जरुरी है.

आयोग के समक्ष रखा गया प्लान : आयोग के समक्ष जो टैरिफ प्लान प्रस्तुत किया गया है, उस अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 में बिजली बिल का दर लगभग 50 पैसा बढ़ाने का प्रस्ताव है. आयोग के समक्ष संचरण के एसइ विद्या सागर सिंह ने बताया कि संचरण का नेटवर्क वितरण से अलग होने के कारण खर्च ज्यादा होता है. डिमांड को देखते हुए अगले पांच वर्ष के लिए योजना बनायी जा रही है. झारखंड सरकार के एमओयू के अनुसार लोड लगभग एक हजार मेगावाट बढ़ सकता है. सरकार की बहुतेरे योजनाअों के कारण भी डिमांड बढ़ेगी. इसके लिए तीन अलग-अलग जिलों (धनबाद, हजारीबाग व गिरीडीह) में वर्ष 2020 तक अढ़ाई हजार करोड़ की लागत से लगभग दो दर्जन ग्रीड सब स्टेशन बनाये जायेंगे. पीपीपी मोड पर 21 योजनाएं 5181 करोड़ से तैयार की गयी है. इसके अलावा अगले पांच वर्ष में नौ हजार करोड़ से 117 ग्रिड सब स्टेशन बनाने की योजना है.
वितरण निगम ने रखी अपनी बात
एरिया बोर्ड, दुमका के जीएम आरबी मिश्रा के अलावा विद्युत सर्किल के एसई शुभंकर झा ने कहा कि संचरण ने पहली बार टैरिफ का प्रस्ताव रखा है, जिसकी भरपाई वितरण निगम को करना होगा व बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. इस दौरान उद्यमी अोमप्रकाश छावछरिया, रामनाथ शर्मा, भूप नारायण शर्मा, निगम के निदेशक अतुल कुमार आदि ने अपने विचार रखे. सुनवाई का संचालन आयोग के लॉ आफिसर आरपी नायक ने किया.
राज्य में पावर की भारी कमी है. ऐसे में दर निर्धारण से पहले जेनरेशन स्टेबलाइज्ड करने की आवश्यकता है. संताल में बिजली की भारी कमी है. लोड शेडिंग व ट्रीपिंग की समस्या से शहरवासी आज भी जूझ रहे हैं, जबकि अधिकारी पावर बेचने व पैसा कमाने का सब्जबाग दिखा रहे हैं. पब्लिक हियरिंग के बाद ही दर निर्धारण व टैरिफ पर बात हो
रामनाथ शर्मा, सदस्य, नियामक आयोग
विद्युत आपूर्ति संचरण से उपभोक्ताअों के मांग के अनुरूप हो. विभाग उपलब्ध बिजली से ज्यादा की आपूर्ति करने का दावा करती है. संचरण के लिए सबसे पहले विद्युत गुणवत्ता निर्धारित करें. तब दर बढ़ाने पर विचार करे. गरीब राज्य की तर्ज पर झारखंड के उपभोक्ताअों के लिए दर निर्धारण हो,वरना उपभोक्ता परेशान हो जायेंगे.
-भूपनारायण झा, उद्यमी
Prabhat Khabar Digital Desk
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