चतरा. भ्रष्टाचार के विरुद्ध चतरा जिले में बड़ी कार्रवाई हुई है. झारखंड सरकार के सख्त निर्देश पर डीजीपी अनुराग गुप्ता एक्शन में है. ईंट भट्ठा संचालक से 20 हजार रिश्वत की मांग करने वाले मामले में हंटरगंज थाना प्रभारी मनीष कुमार पर कार्रवाई हुई है. कार्मिक विभाग के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआइजी) ने थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए प्रशासनिक दृष्टिकोण से चतरा से चाईबासा जिला भेज दिया है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो झारखंड रांची द्वारा हंटरगंज थाना प्रभारी मनीष कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार में लिप्त पाये जाने से संबंधित गोपनीय सत्यापन प्रतिवेदन पुलिस मुख्यालय, झारखंड, रांची को उपलब्ध कराया गया है. गोपनीय सत्यापन प्रतिवेदन के आधार पर यह कार्रवाई की गयी. चतरा एसपी विकास पांडेय को इसकी सूचना देते हुए थाना प्रभारी को तीन दिनों के अंदर विरमित कर भौतिक रूप से प्रस्थान कराते हुए अनुपालन प्रतिवेदन निश्चित रूप से पुलिस मुख्यालय झारखंड को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. वहीं दूसरी ओर इस कार्रवाई से अवैध वसूली करने वाले पुलिस पदाधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है.
इस मामले पर हुई कार्रवाई
मीरपुर गांव निवासी रामपूजन कुमार गुप्ता के छोटा सा ईंट भट्ठा में दो फरवरी को थाना प्रभारी मनीष कुमार पहुंचे और 20 हजार रुपये की मांग की. रामपूजन ने कहा कि वह गरीब आदमी हैं, पैसा नहीं दे पायेगा. इस पर थाना प्रभारी ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर थाना लाकर पैसा नहीं दिया तो ईंट भट्ठा को बंद करा देंगे. साथ ही मजदूरों के साथ गाली-गलौज की. राजपूजन ने तुरंत इसकी शिकायत डीजीपी अनुराग गुप्ता से किया और आवेदन वाट्सअप पर किया. डीजीपी ने कॉल पर ही मामला को संज्ञान में लिया और पांच फरवरी को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी ) हजारीबाग की टीम गांव पहुंची. जहां मामले की पूरी जानकारी ली. साथ ही जबरन वसूली के शिकार 10 लोगों से मामले को लेकर जानकारी लेते हुए आवेदन प्राप्त किया. इसके बाद मामला सही पाये जाने पर रांची एसीबी को जांच रिपोर्ट सौंपी गयी. जिसके बाद कार्रवाई की गयी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

