सरकारी अस्पतालों से रेफर का खेल बंद हो, आठ माह से बंद ब्लड बैंक शुरू हो
Published by : ATUL PATHAK Updated At : 26 May 2026 7:53 PM
विज्ञापन
झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा का पुराना उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन
विज्ञापन
चाईबासा.
पश्चिमी सिंहभूम जिले के सबसे बड़े सरकारी सदर अस्पताल में कुव्यवस्था और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए मंगलवार को झारखंड बचाओ जनसंघर्ष मोर्चा ने बिगुल फूंक दिया. मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष माधव चंद्र कुंकल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने पुराने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया. इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के नाम उपायुक्त को 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा. मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन उग्र किया जायेगा.लाइसेंस के अभाव में आठ माह से चाईबासा ब्लड बैंक बंद
माधव चंद्र कुंकल ने कहा कि सदर अस्पताल से गर्भवती महिलाओं को अक्सर रेफर कर दिया जाता है, जबकि निजी अस्पतालों में उनकी नॉर्मल डिलीवरी होती है. यह डॉक्टरों की कार्यशैली पर सवाल उठाता है. सरकार प्रखंड व पंचायत स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव सुनिश्चित करे, ताकि सदर अस्पताल पर बोझ कम हो. वहीं, खूंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने कहा कि चाईबासा का ब्लड बैंक पिछले 8 महीनों से केवल लाइसेंस के अभाव में बंद पड़ा है, जो स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही है.
मोर्चा की प्रमुख मांगों में चाईबासा ब्लड बैंक को 3 शिफ्टों में तुरंत चालू किया जाये और हर शिफ्ट में 4 टेक्नीशियन बहाल हो, अल्ट्रासाउंड सेवा प्रतिदिन अनिवार्य हो तथा सीटी स्कैन व एमआरआइ सेवा अविलंब शुरू की जाये, मरीजों की जमीन या स्ट्रेचर पर इलाज बंद हो और आइसीयू व लेबर रूम की सुविधाओं का 24 घंटे विस्तार हो तथा पोस्टमार्टम के नाम पर अवैध वसूली रुके और पर्याप्त संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टरों की स्थायी नियुक्ति की जाये. धरने में भगवान सवैंया, रेयांश समड, शंकर चातोंबा, राहुल बिरुवा, मनोज गोप और शांति हेंब्रम सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










