Ranchi: शव के साथ विधानसभा में घंटों प्रदर्शन, अस्पताल और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 26 May 2026 8:46 PM

विज्ञापन

शव को रखकर प्रदर्शन करते विधानसभा कर्मी

Ranchi: रांची में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद परिजनों ने शव के साथ विधानसभा परिसर में घंटों प्रदर्शन किया. अस्पताल और डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं. पूरी खबर नीचे पढ़ें...

विज्ञापन

Ranchi: रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. मामले को लेकर कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है. मृतका की पहचान अंजना तिवारी के रूप में हुई है, जो झारखंड विधानसभा में सचिवालय सहायक के पद पर कार्यरत थीं. विधानसभा कर्मियों ने शव को विधानसभा परिसर में रखकर घंटों धरना-प्रदर्शन किया और सरकार से अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की.

गॉल ब्लैडर स्टोन का हुआ था ऑपरेशन

आवेदन के अनुसार, अंजना तिवारी को गॉल ब्लैडर स्टोन के ऑपरेशन के लिए रांची के मेन रोड स्थित सेंटाविटा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. ऑपरेशन डॉक्टर राजेश कुमार मारू द्वारा किया गया. परिजनों का आरोप है कि 24 मई 2026 को ऑपरेशन के दौरान महिला की आंत में पंचर हो गया, जिसके कारण अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया और उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर की गंभीर लापरवाही की वजह से मरीज की स्थिति बेहद नाजुक हो गई.

एक ही दिन में चढ़ाया गया 6 यूनिट ब्लड और 2 यूनिट प्लाज्मा

आवेदन में यह भी कहा गया है कि इलाज के दौरान एक ही दिन में मरीज को छह यूनिट ब्लड और दो यूनिट प्लाज्मा चढ़ाना पड़ा. इसके बावजूद महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ. परिजनों का कहना है कि जब मरीज की स्थिति मृत्यु के करीब पहुंच गई, तब अस्पताल प्रबंधन ने कार्डियक समस्या का हवाला देते हुए उन्हें भगवान महावीर मणिपाल अस्पताल रेफर कर दिया. वहां इलाज के दौरान 26 मई 2026 की सुबह करीब नौ बजे अंजना तिवारी की मृत्यु हो गई.

मामले की जांच में जुटी पुलिस

मृतका के भाई सुनील कुमार शुक्ला ने कोतवाली थाना प्रभारी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि सेंटाविटा अस्पताल के डॉक्टर और प्रबंधन की लापरवाही के कारण उनकी बहन की जान गई. उन्होंने इसे हत्या जैसा मामला बताते हुए डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है. आवेदन में यह भी कहा गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना न हो. घटना के बाद परिवार और परिचितों में शोक और आक्रोश का माहौल है. वहीं, पुलिस मामले की जांच की तैयारी में जुट गई है.

ये भी पढ़ें…

Ranchi: झारखंड के जंगलों की इकोसिस्टम सर्विसेज का होगा वैज्ञानिक मूल्यांकन

Ranchi: राज्य सरकार के राजस्व में लगातार वृद्धि, पेट्रोल-डीजल आमदनी का बड़ा माध्यम

विज्ञापन
AmleshNandan Sinha

लेखक के बारे में

By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola