Ranchi: झारखंड के जंगलों की इकोसिस्टम सर्विसेज का होगा वैज्ञानिक मूल्यांकन

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सांकेतिक तस्वीर AI Image

Ranchi: झारखंड के जंगलों की इकोसिस्टम सर्विसेज का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य वन संपदा के पर्यावरणीय और आर्थिक महत्व का आकलन करना है. पूरी खबर नीचे पढ़ें…

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विवेक चंद्रा
Ranchi: वन विभाग अब राज्य के जंगलों से मिलने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभों का वैज्ञानिक मूल्यांकन करायेगा. इसके लिए राज्य प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैंपा) ने पहल शुरू की है. विभाग ने झारखंड राज्य में वन पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा प्रदान की जाने वाली पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं का मूल्यांकन शीर्षक से परियोजना के लिए राष्ट्रीय स्तर की कंसल्टिंग एजेंसियों से आवेदन आमंत्रित किया है. वन विभाग के अनुसार इस परियोजना का उद्देश्य यह आकलन करना है कि राज्य के जंगल मानव जीवन, पर्यावरण और पारिस्थितिक संतुलन में किस प्रकार योगदान दे रहे हैं.

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सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व का होगा अध्ययन

झारखंड को वनों की भूमि के रूप में जाना जाता है. राज्य की जैव विविधता तथा खनिज संपदा देशभर में महत्वपूर्ण मानी जाती है. परियोजना के तहत जंगलों से मिलने वाली चार प्रमुख प्रकार की सेवाओं का मूल्यांकन किया जायेगा. इसमें प्रोविजनिंग सर्विसेज के तहत लकड़ी, भोजन और जल संसाधन, रेगुलेटिंग सर्विसेज के तहत जलवायु नियंत्रण और कार्बन अवशोषण, सपोर्टिंग सर्विसेज के तहत मिट्टी निर्माण एवं पोषक चक्र, जबकि कल्चरल सर्विसेज के तहत सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व का अध्ययन किया जायेगा. इन सेवाओं का आर्थिक मूल्यांकन भी किया जायेगा.

दो जून 2026 को सुबह 11 बजे प्री-बिड बैठक

कैंपा द्वारा जारी सूचना के अनुसार इच्छुक एजेंसियां 16 जून 2026 की शाम चार बजे तक वन भवन, डोरंडा स्थित कैंपा कार्यालय में तकनीकी और वित्तीय प्रस्ताव जमा कर सकती हैं. परियोजना से संबंधित स्पष्टीकरण के लिए दो जून 2026 को सुबह 11 बजे प्री-बिड बैठक आयोजित की जायेगी. वन विभाग ने बताया कि परियोजना की अवधि एक वर्ष निर्धारित की गयी है. निविदा शुल्क पांच हजार रुपये तथा बयाना राशि दो लाख रुपये तय की गयी है.

25 जून को खोला जाएगा टेंडर

इसके लिए उन्हीं एजेंसियों को प्राथमिकता दी जायेगी, जिनके पास वन्यजीव, वानिकी एवं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में कम से कम 12 वर्षों का अनुभव हो और जिन्होंने पूर्व में टाइगर कंजर्वेशन प्लान जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स पर कार्य किया हो. तकनीकी निविदाएं 17 जून को खोली जायेगी. योग्य पायी गयी एजेंसियों की वित्तीय बोलियां 25 जून को खोली जायेगी.

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