Chaibasa News : हमारी सांस्कृतिक पहचान 
है वारंगक्षिति लिपि : सुमित

Published by : AKASH Updated At : 05 Dec 2025 10:58 PM

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वारंगक्षिति की जांच परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पुरस्कृत

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जगन्नाथपुर.

टोंटो प्रखंड के बांकी स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में संचालित हो भाषा वारंगक्षिति केंद्र का शुक्रवार को संयुक्त सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने निरीक्षण किया. निरीक्षण का उद्देश्य हो भाषा के संरक्षण, वारंगक्षिति लिपि के संवर्धन, शिक्षण की गुणवत्ता तथा विद्यालय की वास्तविक समस्याओं का आकलन करना था. निरीक्षण के दौरान आयोजित हो भाषा वारंगक्षिति की जांच परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया. पुरस्कार पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे. निरीक्षण में आदिवासी हो समाज युवा महासभा, नेशनल आदिवासी रिवाइवल एसोसिएशन, षिरजोन टीम एवं टाटा स्टील फाउंडेशन के प्रतिनिधि शामिल रहे.

इपिल सामड, गब्बर सिंह हेम्ब्रम, शंकर चातोंबा, डेजी कूजूर और प्राचार्य सुमित सिंह ने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हो भाषा और वारंगक्षिति लिपि सिर्फ भाषा नहीं, हमारी सांस्कृतिक पहचान की नींव है. प्राचार्य सुमित सिंह ने स्कूल की समस्याओं की जानकारी दी. इस मौके पर शंकर सिधु, चंद्रमोहन चातोंबा, कृष्णा तोपनो, राजेश पूर्ति, कृष्णा सिंकू, रामसिंह बलमुचू, श्रीधर चातोम्बा, गोरवारी चातोम्बा, रवीना चातोम्बा, चांदमनी चातोम्बा, हेमलता पूर्ति, अनिता लागुरी, धोनी लागुरी, मुरली लागुरी, मनोज अंगारिया आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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