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Chaibasa News : 1200 आबादी वाला गितलादेर गांव सुविधाओं से वंचित, छह माह से ट्रांसफॉर्मर खराब

Updated at : 28 Jun 2025 9:48 PM (IST)
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Chaibasa News : 1200 आबादी वाला गितलादेर गांव सुविधाओं से वंचित, छह माह से ट्रांसफॉर्मर खराब

तांतनगर : ग्रामीणों की छह माह से अंधेरे में गुजर रही रात

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तांतनगर. तांतनगर प्रखंड के गितिलादेर गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. गांव में बिजली, पानी, सड़क और सिंचाई की सुविधा नहीं है. सड़कों की स्थिति काफी जर्जर है. रोजगार के अभाव में युवा पलायन करने को मजबूर हैं. करीब 1200 आबादी वाले इस गांव में आज तक पक्की सडक नहीं बनी है. ऐसे में ग्रामीणों को बारिश के दिनों में कीचड से होकर गुजरना पड़ता है. वहीं गांव के आधे से अधिक लोगों को न तो पीएम आवास मिला है और ना ही अबुआ आवास का लाभ मिला है. प्रखंड की जलापूर्ति योजना अधूरी रहने के कारण आज भी गांव में नल-जल योजना नहीं पहुंची है. आज भी लोग चापाकल पर ही निर्भर हैं. ग्रामीणों के जीवन यापन के लिए रोजगार की व्यवस्था नहीं है. सरकारी व्यवस्था की स्थिति ऐसी है कि गांव का ट्रांसफॉर्मर पिछले छह माह से खराब पड़ा है, जो सूचना देने के बाद भी नहीं बन रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों पूर्व गांव में सरकार की ओर से शौचालय बनाया गया था. वह भी जर्जर हो गया. ऐसे में लोगों को खुले में शौच जाना पडता है. वहीं सिंचाई की व्यवस्था नहीं नहीं रहने के कारण ग्रामीणों को बारिश पर ही निर्भर रहना पड़ता है.

क्या कहते हैं ग्रामीण

पिछले छह माह से बिजली नहीं है. बारिश में बिजली नहीं रहने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. हमेशा सांप-बिच्छू का डर बना रहता है. –

पार्वती देवी

, ग्रामीणसूचना देने के बाद भी ट्रांसफॉर्मर दुरुस्त नहीं किया जा रहा है. इस कारण बारिश में हमलोग को काफी परेशान हैं. शाम होते ही गांव में अंधेरा पसर जाता है. लोगों को अबुआ आवास का लाभ नहीं मिला है. –

अनिल निषाद

, ग्रामीण

जलमीनार पिछले पांच माह से खराब पड़ी है. इस कारण पेयजल की समस्या हो रही है. सबसे बड़ी परेशानी गांव में छह माह से बिजली कटी है. शाम में घर से निकलना मुश्किल हो जाता है. सांप-बिच्छू का डर बना रहता है. –

उमेश निषाद

, ग्रामीणगांव में ज्यादतर लोग खेतिहर किसान हैं. लोग खेती पर ही निर्भर हैं, लेकिन सिंचाई की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. इससे खासकर किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पडता है. यहां के किसानों की खेती- बाडी सिर्फ बारिश पर ही निर्भर है. सरकार को चाहिए कि किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था बहाल कराए. –

मीता देवी

, ग्रामीण

गांव से होकर बालू लदा ट्रैक्टर दिनभर चलते रहता है. इस कारण सड़क की स्थिति जर्जर हो गयी है. आये दिन दुर्घटना होती रहती है. जर्जर सड़क पर पैदल चलना मुश्किल है. बच्चों के सड़क पर जाने पर भय बना रहता है. –

सुरेश सामड

, ग्रामीण

गांव में पानी- बिजली की व्यवस्था नहीं नहीं रहने के कारण हमलोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. गांव में सड़क की स्थिति अच्छी नहीं है. छह माह से ट्रांसफॉर्मर खराब है. इसे जल्द दुरुस्त कराया जाये.-

सोनामुनी सामड

, ग्रामीण

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ATUL PATHAK

लेखक के बारे में

By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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