Chaibasa News : चाईबासा में रेलवे ट्रैक पर हाथियों का झुंड, 9 घंटे तक रुकी ट्रेनों की आवाजाही

Author : ATUL PATHAK Published by : Priya Gupta Updated At : 14 Apr 2026 11:08 PM

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जनवरी से 8 अप्रैल तक 29 ट्रेनों में बेवजह चेन पुलिंग के 297 मामले दर्ज

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चक्रधरपुर. यात्री ट्रेनों के देर से चलने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर डिवीजन ने हाथियों और जानवरों को जिम्मेदार ठहराया है. मंगलवार को इससे संबंधित आंकड़े भी जारी किये गये. इसमें बताया गया कि 2 अप्रैल से 11 अप्रैल तक मवेशियों के रेलवे ट्रैक या इसके आसपास होने के कारण 11 घंटा 19 मिनट (679 मिनट) तक ट्रेनों के यातायात प्रभावित रहे. 24 ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित हुआ. इसके अलावा एक से नौ अप्रैल तक हाथियों के कारण ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ. इसके तहत टाटानगर-झारसुगोड़ा और नुआगांव-राउरकेला रेलवे सेक्शन में कुल 328 ट्रेनें प्रभावित रहीं और 9 घंटे 9 मिनट (549.09 मिनट) तक यातायात प्रभावित हुआ. गौरतलब है कि ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण टाटानगर में पहले और फिर चक्रधरपुर में जनांदोलन हो रहा है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि समय का यह नुकसान वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक और न्यायसंगत है. दरअसल, झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती वन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है. जिससे दुर्घटना की आशंका रहती है. बीते वर्षों में हाथियों के ट्रेन से टकराने की कई घटनाएं सामने आयी हैं, जिन्हें रोकने के लिए रेलवे और वन विभाग लगातार समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं. जमशेदपुर. हाथियों को रेलवे ट्रैक पर आने से रोकने के लिए कई सारे दावे तो दक्षिण पूर्व रेलवे ने किये, लेकिन इसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये. हाथियों को दूर रखने के लिए कॉरिडोर क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे फेंसिंग लगाने, एआइ कैमरे से हाथियों की निगरानी जैसे कई सारे दावे किये गये, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ. देहरादून समेत अन्य रेलवे ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे क्षेत्र में 141 किलोमीटर लंबे मार्ग पर हाथियों से टकराने की घटनाएं रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटीलीजेंटस सक्षम प्रणाली का उपयोग किया है. यह प्रणाली लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और नियंत्रण कक्षों को रेलवे पटरियों के आसपास हाथियों की आवाजाही के बारे में चेतावनी भेज देती है, जिससे ट्रेनों की स्पीड नियंत्रित हो जाती है. लेकिन यहां सिर्फ दावे किये जाते हैं, उपाय नहीं.

चेन पुलिंग करने पर 276 लोग गिरफ्तार

चक्रधरपुर. चक्रधरपुर रेल मंडल से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों में बिना उचित कारण के चेन पुलिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए रेलवे ने बड़ी कार्रवाई की है. चक्रधरपुर रेल मंडल में जनवरी से 8 अप्रैल तक आरपीएफ द्वारा विभिन्न रेलखंडों में चेन पुलिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले 276 लोगों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कार्रवाही की गई. इस अवधि में रेल मंडल के टाटानगर से झारसुगुड़ा व नुआगांव से राउरकेला रेलखंड से गुजरने वाली 29 यात्री ट्रेनों में बेवजह चेन पुलिंग के कुल 297 मामला दर्ज किये गये. इस चेन पुलिंग से यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुई. वहीं ट्रेनों के यात्रियों की यात्रा में व्यवधान उत्पन्न होने से उन्हें कई तरह की परेशानी हुई.

बेवजह चेन पुलिंग करना कानूनन अपराध

रेल अधिनियम की धारा 141 अंतर्गत यात्री ट्रेनों के संचालन में अनावश्यक रूप से हस्तक्षेप करना कानूनन अपराध है. ऐसा करते पाये जाने पर 1 वर्ष तक का कारावास या एक हजार रुपये जुर्माना या दोनों से दंडित किये जा सकते हैं.

रेल मंडल में दर्ज मामले व गिरफ्तारी

माह मामला गिरफ्तारीजनवरी 94 88

फरवरी 74 68

मार्च 99 94

8 अप्रैल तक 30 26

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