Chaibasa News : लिंग के आधार पर मजदूरी के भुगतान में भेदभाव न हो : सुरेंद्र

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 05 Dec 2024 12:16 AM

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तांतनगर प्रखंड कार्यालय सभागार में विधिक जागरुकता शिविर आयोजित

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चाईबासा.पश्चिमी सिंहभूम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर के निर्देश पर बुधवार को तांतनगर प्रखंड कार्यालय के सभागार में विधान से समाधान विधिक जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी जानकारी प्रदान की गयी.

लीगल एड डिफेंस काउंसिल के उप प्रमुख सुरेंद्र प्रसाद दास ने अपने संदेश में बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हम एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभर रहे हैं. हमारे देश में महिलाएं भी समान रूप से श्रम कर रही हैं और अपने करियर को लेकर गंभीर है. ऐसे में महिलाओं को कानून द्वारा दिये गये उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी होना चाहिए. उन्होंने कहा कि समान पारिश्रमिक अधिनियम के अनुसार अगर बात वेतन मजदूरी की हाे तो लिंग के आधार पर किसी के साथ भी भेदभाव नहीं किया जा सकता है. कार्यस्थल पर हुये यौन उत्पीड़न अधिनियम के अनुसार यौन उत्पीड़न के खिलाफ पीड़िता को शिकायत दर्ज करने का पूरा अधिकार है. शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होगी. यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को नाम न छापने देने का अधिकार है. अपनी गोपनीयता की रक्षा करने के लिए पीड़ित महिला अकेले अपना बयान किसी महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में या फिर जिलाधिकारी के सामने दर्ज करा सकती है.

यौन पीड़िता को मुफ्त कानूनी मदद पाने का है अधिकार

सुरेंद्र प्रसाद दास ने कहा कि यौन पीड़ित किसी भी महिला को मुफ्त कानूनी मदद पाने का पूरा अधिकार है, यदि किसी भी महिला को विधिक सहायता की आवश्यकता होती है तो वह विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय, लीगल एड क्लीनिक में या अधिकार मित्र के माध्यम से संपर्क कर सकती हैं. उन्होंने बताया कि एक महिला आरोपी को सूरज डूबने के बाद और सूरज उगने से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता. किसी खास मामले में एक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के आदेश पर ही यह संभव है. किसी मामले में अगर आरोपी एक महिला है तो उस पर की जाने वाली कोई भी चिकित्सा जांच प्रक्रिया किसी महिला द्वारा या किसी दूसरी महिला की उपस्थिति में ही की जानी चाहिए. घरेलू हिंसा के खिलाफ अधिकार की जानकारी देते हुए कहा कि यह अधिनियम मुख्य रूप से पति, पुरुष, लिव इन पार्टनर या फिर घर में रह रही किसी भी महिला जैसे मां या बहन पर की गयी घरेलू हिंसा से सुरक्षा करने के लिए बनाया गया है. आप या आपकी ओर से कोई भी शिकायत दर्ज करा सकता है. वहीं सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न कल्याणी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया. इस मौके पर अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत पदाधिकारी सहित अधिकार मित्र (पीएलवी) भी उपस्थित थे.

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