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Chaibasa News : हाथियों की जान बचाने के लिए चक्रधरपुर रेल मंडल में लगा आइडीएस सिस्टम

Updated at : 16 Jun 2025 11:25 PM (IST)
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Chaibasa News : हाथियों की जान बचाने के लिए चक्रधरपुर रेल मंडल में लगा आइडीएस सिस्टम

तकनीक. हाथियों को रेल ट्रैक के किनारे से विचरण कराकर ट्रायल किया गया

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चक्रधरपुर.

चक्रधरपुर रेल मंडल में रेलवे का सबसे बड़ा पायलट प्रोजेक्ट एलीफेंट आइडीएस सिस्टम का दूसरे दिन भी ट्रायल सफल रहा. इस तकनीक में एआइ आधारित एलिफेंट इंट्रूशन डिटेक्शन सिस्टम का उपयोग किया गया है. इस तकनीक से हाथियों की सुरक्षा के अलावे कई तरह से रेलवे सुरक्षा व संरक्षा में कारगार साबित होगा. सोमवार को दूसरे दिन सुबह 9.30 बजे से 11 बजे तक ट्रैक से 200 व 400 मीटर की दूरी पर हाथियों का विचरण कराया गया. पटरियों के साथ बिछाये गये ऑप्टिकल केबल के जरिये हाथियों के चलने से उत्पन्न कंपन की पहचान की गयी. इस संकेत को रिसिवर से डिवाइस को भेजी गयी. इस डिवाइस से लोको पायलटों, स्टेशन मास्टर, रेलवे कंट्रोल व लेवल क्रॉसिंग को संकेत भेजा गया. इस तरह नयी तकनीक का ट्रायल सफल रहा.

हाथियों की सुरक्षा रेलवे का दायित्व : बीके पटेल

दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य संकेत व दूरसंचार (परियोजना) बीके पटेल ने कहा कि एलीफैंट जोन में ट्रेन से हाथियों की सुरक्षा करना रेलवे का दायित्व है. इसके लिये नयी तकनीक एलीफैंट आइडीएस सिस्टम का ट्रायल हुआ. श्री पटेल ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर केबल पटरियों के किनारे बिछायी गयी है, जो हाथियों के चलने को महसूस करेगी और उसकी पहचान करेगी. उस संकेत को रिसिवर से डिवाइस में भेज देगी. यहां पर एक यूनिट है जो लगभग 30 से 40 किलोमीटर के बीच में रहता है. इसमें कई सारे रिसिवर लगाये गये हैं. जैसे ही ऑप्टिकल फाइवर में इस चीज को महसूस किया जायेगा कि हाथी का मूवमेंट है. इसके तुरंत बाद डिवाइस पर संकेत भेजे जायेंगे. इस डिवाइस से लोको पायलटों, स्टेशन मास्टर, रेलवे कंट्रोल व लेवल क्रॉसिंग को संकेत मिलेगा. लेवल क्रॉसिंग में गेटमैन होते हैं. उनको भी एक साथ पता चल जायेगा. रेलवे पटरियों के 200 मीटर के रेंज में जैसे कोई भी हाथी आयेगा, तुरंत इसकी सूचना रेलकर्मियों को मिलेगी. इस मौके पर वरिष्ठ मंडल संकेत व दूरसंचार एनएम दास, खड़गपुर के एएसटी इंजीनियर (परियोजना) बिपिन बिहारी सिंह, वनतारा, वनविभाग, आरपीएफ व जीआरपी की टीम मौजूद थी.

कंट्रोल सिस्टम में अलग से लगेगा मॉनिटर

कंट्रोल सिस्टम में अलग से मॉनिटर लगाया जायेगा. वहां पर एक रेलकर्मी मॉनिटरिंग करने के लिये रहेगा. वह लगातार हाथी पर नजर बनाये रखेगा. हाथियों के ट्रैक किनारे विचरण का ट्रेन के लोको पायलटों, स्टेशन मास्टर को भी यह बात पता चल जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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