Chaibasa News : एनएच-320डी निर्माण में गड़बड़ी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, 5.30 घंटे जाम

Published by : ATUL PATHAK Updated At : 25 Feb 2026 11:45 PM

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संवेदक की मनमानी पर सड़क जाम, प्रशासन से वार्ता के बाद बनी सहमति

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आनंदपुर.

मनोहरपुर के रायकेरा से कोलेबिरा तक बन रही 78 किमी लंबी एनएच 320 डी सड़क के निर्माण कार्य में अनियमितता और संवेदक की मनमानी के विरोध में ग्रामीणों ने मोरंग में मुख्य सड़क जाम कर दिया. रायकेरा से बेड़ाकेंदुदा तक निर्माण कार्य में गुणवत्ता को लेकर नाराज ग्रामीणों ने सुबह 6 बजे से चक्का जाम शुरू कर दिया. इसके कारण दोनों ओर बड़े मालवाहक वाहन, यात्री बसों और छोटे वाहनों की लंबी कतार लग गयी. कई वाहन भालूडुंगरी चौक पर ही रोक दिए गए.

चार घंटे बाद प्रशासन और एनएचएआइ की टीम पहुंची

सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गयी. करीब चार घंटे बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) की सुपरविजन टीम के अधिकारी अनादि शंकर राव, किशन राय, प्रखंड विकास पदाधिकारी नाजिया अफरोज, थाना प्रभारी प्रिंस झा, संवेदक के कर्मी तथा ग्रामीण प्रतिनिधियों के बीच वार्ता शुरू हुई. ग्रामीणों की ओर से प्रभुदयाल जोजो, सुशील डांग, सुशीला टोप्पो, मुखिया अनिल नायक, सावन हेम्ब्रोम और जिला परिषद सदस्य विजय भेंगरा वार्ता में शामिल हुए. लिखित एकरारनामा तैयार होने के बाद करीब साढ़े पांच घंटे बाद आवागमन सामान्य हुआ. मौके पर ग्राममुंडा जयवंत एक्का, जीवन कंडायबुरु, इमानुअल जोजो, अनिल भुइयां, मुनिलाल सुरीन, सुनील सुरीन, करुणा जोजो, अनिता तोपनो, बिरसी उरांव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.

आवश्यक सेवाओं को मिली छूट:

जाम के दौरान प्रशासन ने छोटे वाहनों और कई बसों का रूट डायवर्ट कर दिया. भालूडुंगरी चौक से कुछ वाहन रोबकेरा होते हुए रवाना हुए. स्कूली वाहन, एम्बुलेंस, मरीजों के वाहन और आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया. बंद के दौरान सुरक्षा बलों के छह वाहन भी जाम में फंस गए थे, जिन्हें प्रशासन और बंद समर्थकों के बीच वार्ता के बाद गंतव्य के लिए रवाना किया गया.

ग्रामीणों की मांगें जायज” : राव

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण से हो रही असुविधा को लेकर 20 फरवरी को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था. उनकी प्रमुख मांगों में प्रतिदिन तीन बार पानी का छिड़काव, समुचित रोलिंग, पुलिया निर्माण में तेजी, रायकेरा से डुमिरता तक कालीकरण के बाद आगे खुदाई, तथा चिह्नित पेड़ों की कटाई शामिल है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डब्लूएमएम कार्य के दौरान पानी नहीं दिया जा रहा है, पुलिया स्थल पर संकेतक नहीं हैं और डायवर्सन पर सड़क नहीं बनायी गयी है. एनएचएआइ सुपरविजन टीम के अनादि शंकर राव ने कहा कि ग्रामीणों की मांगें जायज हैं और संवेदक को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रहने पर दोबारा निर्माण कराया जाएगा और लापरवाही पर जुर्माना लगाया जाएगा. पानी का छिड़काव नहीं होने पर संवेदक पर जुर्माना लगाया जाएगा.

इन मांगों पर बनी सहमति

– 15 अप्रैल तक रायकेरा से डुमिरता तक कालीकरण कार्य पूरा किया जाएगा, इस दौरान आगे की पिच नहीं उखाड़ी जाएगी.

– पुलिया निर्माण कार्य शीघ्र कराया जाएगा.

– 2 मार्च तक सभी डायवर्सन में डब्लूएमएम कार्य पूरा होगा.

– डायवर्सन पर दुर्घटना से बचाव के लिए बोर्ड और रिबन लगाए जाएंगे.

– प्रतिदिन तीन बार पानी का छिड़काव किया जाएगा, जरूरत पड़ने पर अधिक भी.

– जहां मेटल/चिप्स उखड़ गए हैं, वहां दोबारा फिलिंग होगी.

– सड़क जांच के समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचित किया जाएगा.

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