Chaibasa News : मनोहरपुर में पुलिस-मजदूरों के बीच बहस

Published by : ATUL PATHAK Updated At : 12 Feb 2026 11:11 PM

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पश्चिमी सिंहभूम में दिखा मिला-जुला असर, चाईबासा में बसों के पहिए थमे

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चाईबासा/झींकपानी/मनोहरपुर. केंद्र सरकार की नयी श्रम नीतियों के खिलाफ श्रमिक संगठनों का आहूत देशव्यापी भारत बंद का पश्चिमी सिंहभूम जिले में मिला-जुला असर रहा. चाईबासा बस स्टैंड से दिन भर एक भी बस नहीं खुली, जिससे यात्री परेशान रहे. वहीं, जिले के विभिन्न हिस्सों में बंद समर्थकों और प्रशासन के बीच तनातनी की स्थिति भी बनी रही.

चाईबासा :

बस स्टैंड रहा वीरान दुकानों में लटके रहे ताले

चाईबासा में बंद समर्थकों ने सुबह नौ बजे ही बस स्टैंड पहुंचकर आसपास की दुकानों को बंद करा दिया. बसों का परिचालन ठप होने से स्टैंड में सन्नाटा पसरा रहा. लंबी दूरी के यात्रियों को चाय-नाश्ते तक के लिए तरसना पड़ा. हालांकि, शहर के अंदरूनी हिस्सों में दुकानें खुली रहीं.

मनोहरपुर :

प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लिया हिरासत में

मनोहरपुर में झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने रेल क्रॉसिंग के समीप एनएच-320 डी को करीब एक घंटे तक जाम रखा. इस दौरान प्रशासन और मजदूरों के बीच तीखी बहस हुई. स्थिति उग्र होते देख पुलिस ने सुखदेव हेम्ब्रम, समुएल हेम्ब्रम, सुनीता हेम्ब्रम और जोंगा हेम्ब्रम को हिरासत में ले लिया, बाद में डीएसपी और बीडीओ द्वारा ज्ञापन लेने के बाद सभी को रिहा किया गया.

झींकपानी और चंपुआ में असरदार रहा बंद:

झींकपानी में भारतीय आदिवासी मजदूर किसान संगठन ने जोड़ापोखर चौक और रुंगटा क्रशर के पास टायर जलाकर एनएच-75 को जाम कर दिया. मुख्य बाजार, स्टेशन कॉलोनी और एसीसी कॉलोनी की दुकानें पूरी तरह बंद रहीं. चंपुआ में बंद का व्यापक असर दिखा. स्कूल, कॉलेज और बाजार पूरी तरह बंद रहे. ऑटो तक का परिचालन ठप रहने से जनजीवन प्रभावित हुआ. हालांकि, जैंतगढ़ में बंद का आंशिक असर ही देखा गया.

आनंदपुर में बंद बेअसर बैंक सेवाएं प्रभावित:

आनंदपुर प्रखंड में बंद का कोई खास असर नहीं दिखा और जनजीवन सामान्य रहा. हालांकि, बैंक कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने के कारण बैंक ऑफ इंडिया में लेनदेन नहीं हो सका, जिससे दूर-दराज से आए खाताधारकों को निराश लौटना पड़ा.

बैंकों में हड़ताल से 30 करोड़ का कारोबार ठप, पांच कार्य दिवसीय सप्ताह की मांग

सरायकेला. जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मी गुरुवार को एकदिवसीय हड़ताल पर रहे. बैंक कर्मी बैंकिंग सेक्टर में पांच कार्य दिवसीय सप्ताह लागू करने की मांग कर रहे हैं. इस हड़ताल के कारण जिले में तकरीबन 30 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेनदेन प्रभावित हुआ. बैंक बंद रहने से ग्राहकों को भारी परेशानी हुई. व्यापारियों का ट्रांजैक्शन रुक गया. प्रमुख व्यवसायी ललित चौधरी ने बताया कि बैंकों की बंदी के कारण बाजार में ग्राहकों की भारी कमी रही और पूरा व्यापारिक क्षेत्र सूना नजर आया. हालांकि, एटीएम सेवा चालू रहने से खुदरा ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली.

पूंजीपतियों के मुनाफे के लिए केंद्र सरकार बदल रही कानून

चांडिल. केंद्र सरकार की ओर से लागू की गयी चार श्रम संहिताओं के विरोध में गुरुवार को चांडिल क्षेत्र के मजदूरों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर के नेतृत्व में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र फेडरेशनों के संयुक्त आह्वान पर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आयोजन किया गया. श्रमिकों का आरोप है कि ये नयी संहिताएं उनके संवैधानिक अधिकारों को कमजोर कर रही हैं और औद्योगिक घरानों को अनुचित लाभ पहुंचा रही हैं.

बस स्टैंड से डाक बंगला तक निकली आक्रोश रैली:

हड़ताल का कार्यक्रम चांडिल बस स्टैंड से शुरू हुआ. यहां से सैकड़ों की संख्या में मजदूर नारे लगाते हुए रैली की शक्ल में निकले. यह रैली चांडिल चौक बाजार और स्टेशन रोड होते हुए डाक बंगला पहुंची, जहां एक सभा का आयोजन किया गया. लिली दास ने केंद्र सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की. कहा कि देश की पूरी उत्पादन व्यवस्था श्रमिक वर्ग की मेहनत पर आधारित है. मजदूरों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जीवन निर्वाह योग्य मजदूरी, 8 घंटे का कार्यदिवस, सामाजिक सुरक्षा और स्थायी रोजगार की गारंटी मिलनी चाहिए. इन नयी संहिताओं को केवल पूंजीपतियों के मुनाफे को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. मौके पर बुद्धेश्वर मांझी, आशुदेव महतो, मदन हांसदा, भूषण हेम्ब्रम, माधव तंतुबाई आदि मौजूद थे.

गुवा : नये श्रम कानूनों के विरोध में टायर जलाकर किया सड़क जाम

गुवा. देशव्यापी भारत बंद के समर्थन में गुरुवार को सीटू और संयुक्त यूनियन के सदस्यों ने जोरदार प्रदर्शन किया. यूनियन के जनरल सचिव कॉमरेड रमेश गोप के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्य सड़क पर टायर जलाकर आवागमन ठप कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गयीं. प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के नये श्रम कानूनों को ‘मजदूर विरोधी’ बताते हुए इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की. रमेश गोप ने कहा कि ये कानून श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं. प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने एकजुटता दिखाते हुए हुंकार भरी कि अधिकारों की रक्षा होने तक आंदोलन जारी रहेगा. जाम के कारण यातायात प्रभावित रहा, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ.

मुंडासाई रेल फाटक के पास बैठे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने हटाया

जगन्नाथपुर. जगन्नाथपुर में भारत बंद का असर बेअसर रहा. जगन्नाथपुर में सुबह 7 बजे जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया ने जगन्नाथपुर मुख्य चौक में टायर जलाकर बंदी शुरू कराने का काम किया. कुछ देर नारेबाजी के बाद मानसिंह तिरिया ने डांगुवापोसी में रेल चक्का जाम करने के लिए रवाना हो गये. सुबह नौ बजे जगन्नाथपुर की दुकानें खुल गयीं. साप्ताहिक हाट भी खुली रही. वहीं डांगुवापोसी के मुंडासाई से मुख्य गेट तक जुलूस निकाल कर जाम करने के लिए रेलवे ट्रैक पर बैठे ही थे कि रेल पुलिस पहुंच गयी. आरपीएफ और पुलिस कर्मियों ने इसे विफल कर दिया. इससे रेल यातायात बाधित नहीं हुई. वहीं प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम रेलकर्मी को ज्ञापन सौंपा. इसके बाद प्रदर्शन को समाप्त किया गया.

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