गांधीनगर, गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बैदकारो मोड़ के समीप बुधवार को पेड़ के नीचे एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला. शव की गर्दन उसी की गंजी से बंधी थी और गंजी का एक छोर पेड़ की टहनी से बंधा हुआ था. शरीर के ऊपरी हिस्से पर कपड़ा नहीं था. मृतक जिंस पैंट पहने था.
उसकी पहचान बैदकारो निवासी स्व. हीरालाल महतो के दामाद जीवाथन महतो के रूप में हुई. जीवाथन हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना अंतर्गत जोबर फुसरो गांव का रहनेवाला था. बताया जाता है कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे अपने घर जा रहे थे. इसी दौरान पेड़ के समीप शव देखकर हल्ला किये. वहां काफी संख्या में लोग जुट गये. मृतक के साले विक्की महतो ने पुलिस को बताया कि जीवाथन सुबह लगभग 10 बजे घर से निकले थे. बाद में शव पड़े होने की जानकारी मिली. उसने बताया कि उसके जीजा हैदराबाद में एक कंपनी में काम करते थे. उनकी 10 वर्ष व छह वर्ष की दो बेटियां हैं. जीवाथन महतो नौ मई को एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए अपनी पत्नी सुनीता देवी के साथ बैदकारो आया हुआ था.मृतक की पहली पत्नी ने लगाया हत्या का आरोप
देर शाम पोस्टमार्टम के बाद जब शव आया गया तो मृतक की पहली पत्नी चिंता देवी, पुत्र सूरज महतो व अन्य परिजनों के साथ गांधीनगर थाना पहुंची और हत्या का आरोप लगाया. आवेदन में कहा कि पति जीवाथन महतो दूसरी पत्नी सुनीता देवी के साथ हैदराबाद में 15 वर्षों से रह रहे थे. हैदराबाद से एक सप्ताह पूर्व बैदकारो आये थे. आज सुबह फोन किया था. दिन 10:30 बजे पता चला कि उनका शव मिला है. उनकी हत्या दूसरी पत्नी सुनीता देवी व उसकी मां संतोषी देवी, साला विक्की महतो ने की है. पहले भी ससुराल वालों द्वारा उनके साथ मारपीट की जाती थी व धमकी दी जाती थी. परिजनों ने कहा कि जीवाधन महतो ने 16 वर्ष पूर्व सुनीता देवी से प्रेम विवाह किया था. अपने पैतृक घर जबर फुसरो नहीं आता था और पहली पत्नी व बेटे को किसी तरह का खर्च नहीं देता था. इसलिए अब उसकी दूसरी पत्नी और उसकी दो बेटियों की जिम्मेवारी हम लोग नहीं ले सकते हैं. बाद में शव पैतृक आवास जबर फुसरो ले जाया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

