Bokaro News : अधिसूचना के 24 साल बाद हुआ था फुसरो नप का चुनाव

Updated at : 10 Jan 2026 10:56 PM (IST)
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Bokaro News : अधिसूचना के 24 साल बाद हुआ था फुसरो नप का चुनाव

Bokaro News : 28 अगस्त 1984 को फुसरो नगर परिषद के गठन की अधिसूचना जारी की गयी थी.

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एकीकृत बिहार में 28 अगस्त 1984 को नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से फुसरो नगर परिषद (उस समय नगर पर्षद) की अधिसूचना जारी की गयी थी. लेकिन इसके 24 साल बाद वर्ष 2008 में इसका पहला चुनाव हुआ था. पहले चुनाव के समय फुसरो नगर पर्षद था. वर्ष 2013 में हुए चुनाव के समय फुसरो नगर परिषद किया गया. इसके बाद वर्ष 2018 में तीसरी बार चुनाव हुआ. इसका कार्यकाल 27 अप्रैल 2023 को समाप्त हो गया था. इसके करीब ढाई साल चौथे टर्म का चुनाव होने जा रहा है. फिलहाल नप क्षेत्र में चुनावी सरगर्मी बढ़ गयी है. लेकिन अध्यक्ष की सीट अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित किये जाने से कई लोगों के चेहरे पर मायूसी छा गयी है. अध्यक्ष का पद वर्ष 2008 में जेनरल, वर्ष 2013 में एससी के लिए आरक्षित और वर्ष 2013 में दलीय आधार पर हुए चुनाव में जेनरल रहा था.

2018 के चुनाव में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस के प्रत्याशियों ने मारी थी बाजी

वर्ष 2018 के चुनाव में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस के प्रत्याशियों ने बाजी मारी थी. अध्यक्ष पद पर राकेश कुमार सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय अर्चना सिंह को 1765 मतों के अंतर से पराजित किया था. अर्चना सिंह को 5740 मत प्राप्त हुआ था. तीसरे स्थान पर 5118 मत के साथ भाजपा प्रत्याशी जगरनाथ राम रहे थे. उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस के छेदी नोनिया ने भाजपा प्रत्याशी शिवलाल रवि को 3187 मतों से पराजित किया था. श्री नोनिया को 10147 तथा श्री रविदास को 6960 वोट मिले थे. झामुमो के बैजनाथ महतो 3768 मत लाकर तीसरे तथा आजसू पार्टी के महेश कुमार महतो 3386 मत लाकर चौथे स्थान पर रहे थे.

तीन टर्म में विकास कार्यों पर खर्च हुए 74 करोड़ रुपये से अधिक

फुसरो नगर परिषद के तीन टर्म में शहर के 28 वार्डों के विकास के लिए 74 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये गये. यह राशि सड़क, पेवर ब्लॉक, नाली, सामुदायिक भवन, डीप बोरिंग, चापाकल लगाने व मरम्मत, स्किल सेंटर, चबूतरा, वार्ड विकास केंद्र, ट्रैक्टर व जेसीबी मशीन खरीदारी, सौंदर्यीकरण आदि पर खर्च की गयी. इसके अलावा फुसरो शहर जलापूर्ति योजना पर लगभग 57 करोड़ रुपये खर्च हुए. यह सभी कार्य नगर विकास एवं आवास विभाग रांची से मिली आवंटन राशि से हुए. साथ ही विभिन्न वार्ड में शेड बना. इसके अलावा 300 पीएम आवास, एक सौ से अधिक आइएचएसडीपी आवास, 15 सामुदायिक शौचालय और 24 मॉड्यूलर शौचालय बने. फुसरो नप को वर्ष 2008-13 के पहले टर्म में पांच करोड़ 57 लाख 67 हजार 516 रुपये का आवंटन विभाग से मिला था. इसमें से दो करोड़ 61 लाख 46 हजार 167 रुपये विकास कार्यों पर खर्च किये गये थे. तीन करोड़ 36 लाख 21 हजार 349 रुपये बच गये थे. वर्ष 2013-18 के दूसरे टर्म में 20 करोड़ 80 लाख 74 हजार 350 रुपये का आवंटन मिला था. इसमें 12 करोड़ 58 लाख 33 हजार 976 रुपये खर्च हुए और आठ करोड़ 22 लाख 30 हजार 373 रुपये बच गये थे. इसके अलावा 14वें वित्त आयोग से 28 करोड़ 58 लाख 54 हजार 922 रुपये मिले थे. लेकिन दूसरे टर्म में इस राशि को खर्च नहीं किया जा सका. आवंटन व 14वें वित्त आयोग की कुल राशि 49 करोड़ 39 लाख 29 हजार 272 रुपये में से 36 करोड़ 80 लाख 85 हजार 296 रुपये बच गये थे. वर्ष 2018-23 के तीसरे टर्म में 22 करोड़ 78 लाख 84 हजार 415 रुपये का आवंटन विभाग से मिला था. साथ ही पहले व दूसरे टर्म के 40.16 करोड़ रुपये बचे हुए थे. विभाग से मिले आवंटन व बची हुई राशि से 35 करोड़ 59 लाख 37 हजार 261 रुपये खर्च किये गये. जबकि 14वें वित्त आयोग से 28 करोड़ 58 लाख 54 हजार 922 रुपये मिले थे. इस राशि में से लगभग सात करोड़ रुपये खर्च किये गये. 15वें वित्त से अनटाइड फंड में 13 करोड़ 82 लाख 34 हजार 878 रुपये आये थे. इसमें से 11.50 करोड़ रुपये रोड व नाली निर्माण पर खर्च किये गये. इसी राशि से फुसरो बस स्टैंड बनना है. 15वें वित्त के टाइड फंड में 16 करोड़ 38 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है. इसमें से लगभग सात करोड़ रुपया आया था. इसमें से चार करोड़ 75 लाख रुपये फुसरो नप के वाहनों की खरीदारी में खर्च किये गये. तीसरे टर्म में पहले व दूसरे टर्म की बची राशि, विभाग से मिले आवंटन और 14वें व 15वें वित्त की राशि से लगभग 58 करोड़ रुपये खर्च किये गये. काेरोना के कारण दो साल विभाग से आवंटन नहीं आया था. वहीं 15वें वित्त की स्वीकृत पूरी राशि भी विभाग से नहीं आयी.

दो ही टर्म में आया था टैक्स का पैसा

फुसरो नगर परिषद के दो ही टर्म में टैक्स का पैसा आया था, क्योंकि पहले टर्म में टैक्स लेने की अनुमति विभाग से नहीं आयी थी. दूसरे टर्म में वर्ष 2016 से टैक्स वसूली शुरू की गयी. दूसरे टर्म के वर्ष 2013-18 के कार्यकाल में एक करोड़ 14 लाख 58 हजार होल्डिंग टैक्स आया था. जल कर में 15 लाख चार हजार और ट्रेड लाइसेंस में 88 हजार रुपया फुसरो नप को प्राप्त हुआ था. वर्ष 2018-23 के तीसरे टर्म में सात करोड़ छह लाख 64 हजार रुपया होल्डिंग टैक्स आया. जल कर में 22 लाख 61 हजार और ट्रेड लाइसेंस में 24 लाख 76 हजार रुपया आया.

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