शिक्षकों व विद्यार्थियों ने सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग ना करने की ली शपथ
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 21 Jun 2024 12:49 AM
उत्क्रमित मध्य विद्यालय आजाद नगर में प्रभात खबर पाठक संवाद कार्यक्रम का आयोजन, विद्यार्थियों ने कहा : घर व आसपास के लोगों को भी करेंगे जागरूक
बोकारो. सिंगल यूज प्लास्टिक उपयोग ना करने को लेकर गुरुवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय आजाद नगर में प्रभात खबर पाठक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान विद्यालय के शिक्षकों व विद्यार्थियों ने सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग ना करने की शपथ ली. विद्यार्थियों ने प्लास्टिक से होने वाली हानि की जानकारी देने को लेकर जागरूक भी करने का संकल्प लिया. कहा कि हम सब का एक ही नारा प्लास्टिक को हटाना लक्ष्य हमारा, स्वच्छ राष्ट्र बनाना है. हर घर से प्लास्टिक हटाना है. कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य बीरेंद्र प्रसाद, शिक्षिका मीना कुमारी, कुमारी मिनाक्षी, अनिता देवी, नोमिता कच्छप, शिक्षक हरेंद्र कुमार सिंह, अशोक कुमार, विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष गुड़िया देवी, उपाध्यक्ष संजय कुमार शर्मा, संयोजिका शिल्पा देवी, सदस्य कृष्णदेव यादव, किरण देवी, कल्याणी देवी, पिंटू कुमार, लवलीना बेक, शनिचरिया केसरी, सोनी देवी, रुकमणि प्रधान, बाल सांसद पिंकी यादव सहित अन्य विद्यार्थियों का याेगदान रहा.
प्लास्टिक जीवन व पर्यावरण दोनों के लिए घातक
प्राचार्य बीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक जीवन और पर्यावरण दोनों के लिए घातक है. हम सभी का दायित्व बनता है कि इसका प्रयोग करने से बचें. यह वर्षों तक नष्ट नहीं होता है. इसके बढ़ते इस्तेमाल और खतरों को देखते हुए इस पर रोक लगी हुई है, लेकिन यह रोक प्रभावी नहीं हो पा रही है. ऐसे में जागरूक होना और करना जरूरी है. अचानक सब कुछ बदल नहीं जायेगा. घर से शुरुआत करें, जो ज्यादा जरूरी है. प्लास्टिक से जुड़े सामान धीरे-धीरे एक-एक चीज बंद करें, एक दिन पूरी तरह से बंद हो जायेगा. शिक्षण संस्थानों में भी सिंगल यूज प्लास्टिक बंद हो जाना चाहिए. यह बच्चों समेत हम सबकी सेहत के लिए सही रहेगा. जागरूकता का सिलसिला रूकना नहीं चाहिए.
बाजार में थैला लेकर जाने की जरूरत
शिक्षिका निशा कुमारी ने कहा कि बाजार में सामान लेने जाएं, तो खुद का थैला या बैग लेकर जाने की आदत डालना चाहिए. दवा लेने जाते हैं तो प्लास्टिक की जगह कागज के पैकेट में लीजिए. इसके अलावा लंच टिफिन प्लास्टिक का ना होकर स्टील का हो तो बेहतर होगा. ऐसी छोटी-छोटी आदतों से बदलाव आयेगा. मेरा भी यही मानना है कि पहले अपने घर को प्लास्टिक फ्री करें. पहले के जमाने में कपड़ों के थैलों का इस्तेमाल होता था. यदि हम वही पुरानी आदतों को अपना लें कि अपने पास एक थैला रखें तो बड़ा बदलाव आयेगा.
अपनी सेहत का ध्यान रखें : हरेंद्र
शिक्षक हरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कई लोग घर या दुकान की सफाई करते समय पॉलिथीन नालियों में डाल देते हैं. सीवर लाइन जाम हो जाती है, गंदगी अलग फैलती है. कम से कम अपनी सेहत का ध्यान रखें. यदि हम इतना ही सोच लें और लोगों को बताएं तो बदलाव आयेगा. स्टील या कांच के बर्तन का इस्तेमाल करें. आमतौर पर यदि दुकानदार प्लास्टिक बैग नहीं देता तो लोग लड़ने लगते हैं. यह बेहद शर्मनाक है. प्लास्टिक पर रोक लगाने के लिए अब सख्त कार्रवाई की भी जरूरत है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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