शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में नावाडीह से घुटवे हीरक रोड तक (22.757 किमी) सड़क निर्माण पर स्वीकृति दी गयी है. राज्य सरकार ने ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को इस सड़क को हस्तांतरित करते हुए इसके चौड़ीकरण व मजबूतीकरण /पुनर्निर्माण कार्य (पुलों के निर्माण, भू-अर्जन, यूटिलिटी शिफ्टिंग एवं पौधरोपण सहित) के लिए 81.36 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है. मालूम हो कि पूर्व मंत्री बेबी देवी ने अपने कार्यालय के दौरान इस सड़क का निर्माण कराने को लेकर झारखंड सरकार व पथ निर्माण विभाग को पत्र लिखा था. यह सड़क नावाडीह, चिरुडीह, मानपुर, तेलो, तरंगा, तारानारी सहित आसपास के 15-20 पंचायतों को कतरास-धनबाद व चंद्रपुरा-लोहपट्टी मार्ग से जोड़ेगी. झामुमो के केंद्रीय सदस्य अखिलेश महतो ने कहा कि इस क्षेत्र के अन्य कई पथों के निर्माण की स्वीकृति आने वाले समय में मिलेगी. इसके लिए प्रयास हो रहा है. भंडारीदह रेलवे गेट से गोमोह (भाया भेंडरा) तक पथ निर्माण को लेकर टेंडर हो चुका है. नावाडीह से घुटवे हीरक रोड तक सड़क निर्माण पर स्वीकृति मिलने पर झामुमो नेता गौरीशंकर महतो, सोनाराम हेंब्रम, सुभाषचंद्र महतो, दीवाकर महतो, विश्वनाथ महतो, योगेंद्र प्रसाद आदि ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व पूर्व मंत्री बेबी देवी को बधाई दी है.
भू-अर्जन के लिए 20,92,27,728 रुपये का है प्रावधान
नावाडीह से घुटवे हीरक रोड तक बनने वाली सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य में मिट्टी कार्य, ग्रेनुलर सबबेस, डब्लूएमएम, डेन्स बिटुमिनस मेकाडम, बिटुमिनस कन्क्रीट, इत्यादि का प्रावधान है. इसके अलावा इस राशि में भू-अर्जन के लिए 20,92,27,728 रुपये, यूटिलिटी शिफ्टिंग के लिए 4,80,50,000 रुपये और पौधारोपण हेतु 53,81,376 रुपये का प्रावधान किया गया है. इस सड़क के कैरेज-वे की चौड़ाई 3.75 मी० (सिंगल लेन) है. इसका प्रस्तावित कैरेज-वे चौड़ाई-5.50 मी० (इंटरमीडिएट लेन) है. सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए दो वर्षों का लक्ष्य रखा गया है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में 60 फीसदी तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 40 फीसदी कार्य किया जाना है.
नावाडीह व चंद्रपुरा प्रखंड के लिए महत्वपूर्ण है यह सड़क
यह सड़क बोकारो जिला के नावाडीह और चंद्रपुरा प्रखंड के लिए महत्वपूर्ण है. यह नावाडीह कॉलेज मोड़ से घुटवे हीरक पथ को भाया चिरूडीह, मानपुर, तेला, तरंगा से जोड़ती है. इसके किनारे चिरूडीह, तेलो, तरंगा, घुटवे आदि गांव है. इस पथ की वर्तमान स्थिति जर्जर है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

