Bokaro News : 35 साल के सफर में बोकारो ने हासिल की कई उपलब्धियां

Bokaro News : बोकारो जिला ने 35 साल के सफर में बोकारो ने कई उपलब्धि हासिल की.
01 अप्रैल 1991 को बोकारो जिला अस्तित्व में आया. 35 साल के सफर में बोकारो ने कई उपलब्धि हासिल की. जिला में सड़कों का जाल बिछने से लोगों के लिए आवागमन आसान हो गया है. बोकारो स्टील सिटी स्टेशन व चंद्रपुरा स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशन के रूप में बदला जा रहा है. सबसे बड़ी उपलब्धि लुगु बुरू घांटा बाड़ी को अंतरराष्ट्रीय पर्व से जिला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलना है.
सोलर ऊर्जा की दिशा में बढ़ा सशक्त कदम
जिला ने सोलर ऊर्जा की दिशा में सशक्त कदम बढ़ाया है. चंद्रपुरा प्रखंड में बीसीसीएल की ओर से 20 मेगावाट सौर उर्जा प्लांट लगाया गया है. बोकारो इस्पात संयंत्र के रूफ टॉप योजना के तहत चार मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है. टाउनशिप में लगभग 50 मेगावाट क्षमता का सौर संयंत्र स्थापित करने की योजना है.दामोदर को मिली औद्योगिक प्रदूषण से मुक्ति
बोकारो जिला की पहचान दामोदर नद को औद्योगिक प्रदूषण से मुक्ति मिल गयी है. इसके लिए डीवीसी की बीटीपीएस व सीटीपीएस इकाई में राख प्रबंधन इकाई स्थापित की गयी. बोकारो इस्पात संयंत्र की ओर से रासायनिक पानी को फिल्टर व शुद्ध कर प्रवाहित किया जा रहा है. बीएसएल ने जीरो डिस्चार्ज सिस्टम पर भी विकसित किया है. फुसरो नगर परिषद की ओर से दो सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम भी अंतिम चरण में है.राज्य के जंक्शन के रूप में हुआ विकसित
बोकारो राज्य के जंक्शन के रूप में विकसित हुआ है. चाहे राजधानी रांची से उप राजधानी दुमका को जोड़ने की बात हो या फिर मां छिन्नमस्तिका मंदिर- रजरप्पा से बाबा बैद्यनाथ मंदिर- देवघर को जोड़ने की बात हो, सभी का रास्ता बोकारो से ही होकर जाता है. बोकारो से धनबाद जाने के लिए फोर लेन सड़क है. रांची से बोकारो के लिए फोरलेन सड़क बन रही है. वहीं जैनामोड़ से डुमरी तक फोर लेन सड़क के लिए जल्द ही टेंडर होगा. वहीं भारतमाला परियोजना फेज 02 के तहत बनने वाली कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेस वे में भी बोकारो जिला को शामिल किया गया है.पूरे राज्य में करता है एलपीजी की आपूर्ति
बोकारो में भारत पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (बीपीसीएल) का एलपीजी बॉटलिंग प्लांट स्थापित किया गया. 2020 में बने इस प्लांट की वार्षिक क्षमता चार मिलियन सिलेंडरों से अधिक है. बॉटलिंग प्लांट का निर्माण लगभग 93.4 करोड़ रुपये की परियोजना लागत से किया गया है. यह पुरे देश में कंपनी का 55वां एलपीजी बॉटलिंग प्लांट है. यहां से पूरे राज्य को एलपीजी की आपूर्ति की जाती है.
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से बनेगी विशेष पहचान
बोकारो में कोलकाता-अमृतसर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत कलस्टर का निर्माण होना है. इसके लिए राज्य सरकार व स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच 746 एकड़ खाली जमीन देने पर सहमति पहले ही बन चुकी थी. लेकिन, जमीन के मूल्य पर सहमति नहीं बनने के कारण ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी. भूमि उपलब्ध होने से लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता खुलेगा और बड़े और मध्यम उद्योगों की स्थापना संभव होगी.बिजली उत्पादन में बोकारो बनेगा नंबर एक
बोकारो पूरे देश में एकमात्र जिला है, जहां चार पावर प्लांट हैं. राज्य सरकार के तेनुघाट थर्मल पावर स्टेशन समेत डीवीसी का बोकारो थर्मल पावर स्टेशन (बीटीपीएस) व चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (सीटीपीएस) समेत डीवीसी व बीएसएल की संयुक्त इकाई बीपीसीएल है. सात नवंबर 2025 को कोल इंडिया लिमिटेड व दामोदर घाटी निगम चंद्रपुरा में 1600 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल क्षमता वाला ताप विद्युत संयंत्र स्थापित करने को लेकर समझौता हुआ है.2015 में कोलबेड मीथेन गैस का उत्पादन शुरू
बोकारो में ओएनजीसी के कोल बेड मीथेन (सीबीएम) ब्लॉक में गैस उत्पादन की दिशा में 2015-2018 के दौरान तेजी से काम शुरू हुआ. ओएनजीसी ने बोकारो में कोलबेड मीथेन के विकास के लिए 2018 में एस्सार ऑयलफिल्ड को अनुबंध दिया. अप्रैल 2023 में ओएनजीसी ने बोकारो के पर्वतपुर में सीबीएम ब्लॉक में पहला गैस कलेक्टिंग-कम-कम्प्रेसन स्टेशन चालू किया. इतना ही नहीं ओएनजीसी बोकारो सीबीएम ब्लॉक से गोमिया तक गैस का उत्पादन कर इसे गैल की ऊर्जा गंगा पाइपलाइन के माध्यम से बेचने की प्रक्रिया भी शुरू कर चुकी है. जिला से पूरे राज्य में सबसे अधिक सीबीएम का उत्पादन होता है. इस परियोजना से अब तक 260 करोड़ रुपया का राजस्व अर्जित किया गया है. इसके से 13.5 करोड़ रुपया राज्य को रॉयल्टी के रूप में दिया गया है.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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