ePaper

Bokaro News : पांच लाख के इनामी कुंवर मांझी समेत दो नक्सलियों के शवों का आधी रात हुआ पोस्टमार्टम

Updated at : 17 Jul 2025 10:41 PM (IST)
विज्ञापन
Bokaro News : पांच लाख के इनामी कुंवर मांझी समेत दो नक्सलियों के शवों का आधी रात हुआ पोस्टमार्टम

Bokaro News : सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारे गये थे दोनों

विज्ञापन

Bokaro News : बिरहोरडेरा जंगल में सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में मारे गये थे दोनोंBokaro News : बोकारो जिले के गोमिया थाना अंतर्गत झुमरा पहाड़ व लुगू पहाड़ के मध्य स्थित जिलगा पहाड़ के बिरहोरडेरा जंगल में बुधवार सुबह हुई मुठभेड़ में मारे गये पांच लाख के इनामी नक्सली कुंवर मांझी और दूसरे मृतक के शवों का पोस्टमार्टम देर रात चास अनुमंडल अस्पताल में किया गया. इससे पूर्व कड़ी सुरक्षा में दोनों शव अस्पताल लाये गये. वहां चास के अंचल अधिकारी दिवाकर दुबे की मौजूदगी में तीन डॉक्टरों की टीम ने शवों का पोस्टमार्टम किया. पोस्टमार्टम करनेवाले चिकित्सकों में अनुमंडल अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ आभा इंदु तिर्की, डॉ रवि शेखर व डॉ रीना कुमारी शामिल थे. दोनों शव बोकारो जनरल अस्पताल के मर्चरी में रखवा दिये गये. गुरुवार को कुंवर मांझी के परिजन ने प्रशासन से संपर्क कर उसके शव की मांग की. अपराह्न तीन बजे बीजीएच से कुंवर मांझी का शव तेनुघाट लाया गया, जहां परिजन को सौंपा गया. इससे पहले शव लेने परिजन गोमिया थाना पहुंच गये थे. वहां से पुलिस उन्हें तेनुघाट लेकर गयी. शव लेने के बाद कुंवर के परिजन अपने घर चले गये. इस बीच, गोमिया पुलिस ने मुठभेड़ में मारे गये अज्ञात व्यक्ति के शव की पहचान गुरुवार को कर ली. मृतक बलदेव मांझी था, जो भाकपा माओवादी का सक्रिय सदस्य था. इस बीच, पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुंवर मांझी के सीने में एक गोली लगी, जो आर-पार हो गयी थी. वहीं, बलदेव मांझी को दो गोलियां लगीं. एक गोली सीने और दूसरी पसली के साइड में लगी, जो आर-पार हो गयी थीं.

जेल से निकलने के बाद नक्सली अभियान से पुन: जुड़ गया था बलदेव मांझी

मुठभेड़ में मारा गया दूसरा नक्सली बलदेव मांझी बोकारो जिले के नावाडीह थाना क्षेत्र के पेंक नारायणपुर कडरू खूट्टा का रहनेवाला था. नक्सली वारदातों में शामिल रहने के आरोप में वह वर्ष 2017 से लेकर 2023 तक तेनुघाट जेल में बंद रहा. उस पर बोकारो जिले के अलावा आसपास के जिलों के विभिन्न थानों में 10 मामले दर्ज हैं. गोमिया पुलिस के अनुसार, बलदेव मांझी वर्ष 2023 में जेल से निकलने के बाद पुन: भाकपा माओवादी से जुड़ कर दस्ते के लिए काम करने लगा. मुठभेड़ के समय बलदेव मांझी दस्ते के साथ ही मौजूद था. इसी दौरान सुरक्षाबलों की चलायी गोली उसे लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया. पुलिस ने बताया कि बलदेव मांझी सरगर्मी से तलाश जारी थी.

बिरहोरडेरा के जंगल सुरक्षाबलों का सर्च अभियान जारी : बिरहोरडेरा के जंगल में सुरक्षाबलों का सर्च अभियान लगातार जारी है. सीआरपीएफ व पुलिस जंगल का चप्पा-चप्पा छान रही है.

गोमिया थाना प्रभारी ने 15 दिन पूर्व कुंवर मांझी के घर जाकर परिजन से कही थी सरेंडर कराने की बात

पत्नी सुशांति बोली-‘बाबू, हमनी मना करो हलिय, जे इ सब ठीक नाय हो’

मुठभेड़ में मारे गये इनामी नक्सली कुंवर मांझी का शव लेने गुरुवार को गोमिया थाना पहुंचे उसके परिजन काफी व्यथित थे. कुंवर की मां बड़की देवी और पत्नी सुशांति देवी की आंखों में आंसू भरे थे. सुशांति ने पत्रकारों से कहा-‘बाबू, हमनी मना करो हलिय, जे इ सब ठीक नाय हो.’ (बाबू, हम लोग काफी मना करते थे, यह सब ठीक नहीं है.) पत्नी के अनुसार, उसने कुंवर मांझी को समझाया था कि वह परिवार के साथ रहे. कमाए-खाए… लेकिन शांति से रहे. लुगू पहाड़ पर मुठभेड़ में आठ नक्सलियों के मारे जाने के बाद सुशांति देवी और मां बड़की देवी काफी चिंतित थीं. दोनों की सोच थी कि हो ना हो एक दिन कहीं इस तरह का दिन ना देखने को मिल जाये. कुंवर का शव लेने गांव से करीब डेढ़ दर्जन महिला-पुरुष गोमिया थाना आये थे. इनमें उसके दो भाई भी थे. सभी काफी मायूस थे. गोमिया थाना में बैठे महिला-पुरुषों को थाना प्रभारी रवि कुमार ने चौकीदार से शरबत पिलवाया. श्री कुमार ने पत्रकारों को बताया कि 15 दिन पूर्व वह बिरहोरडेरा गये थे. कुंवर की पत्नी सुशांति देवी से मिलकर उन्होंने उसे काफी समझाया था. कहा था कि वह अपने पति को समझाए कि सरेंडर पॉलिसी का लाभ प्राप्त करे और आम नागरिक की तरह जीवन बिताए. उन्होंने कहा था कि अगर कुंवर मांझी नहीं समझता है, तो एक न एक दिन वह मारा जायेगा.

बोले एसपी

इस संबंध में बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि : नक्सली अपनी जान बचाना चाहते हैं, तो खुद को सरेंडर कर दें. गलत काम का गलत अंजाम होता है. सरेंडर करने के बाद सुखद जीवन जीने का अवसर हासिल हो सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
OM PRAKASH RAWANI

लेखक के बारे में

By OM PRAKASH RAWANI

OM PRAKASH RAWANI is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola