Fish Farming In Jharkhand: रोजगार के लिए पलायन करने पर थे मजबूर, मछली पालन से बदली जिंदगी, अब 100 लोगों को दे रहे हैं काम

Updated at : 13 Jul 2024 5:21 PM (IST)
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मछली पालन करनेवाले युवा

मछली पालन करनेवाले युवा

Fish Farming In Jharkhand: एक वक्त था, जब बोकारो जिले की कोदवाटांड़ पंचायत के युवा काम की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन कर जाते थे. मछली पालन से इनकी जिंदगी में बदलाव आया है. अब वे गांव के लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं.

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Fish Farming In Jharkhand: ललपनिया (बोकारो), नागेश्वर-झारखंड के बोकारो जिले की कोदवाटांड़ पंचायत के युवाओं की जिंदगी मछली पालन से बदल रही है. रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में कभी पलायन करने को मजबूर थे. मछली पालन के जरिए न सिर्फ पलायन पर ब्रेक लगा, बल्कि गांव में रोजगार भी मिल गया. इतना ही नहीं, अब वे गांव के अन्य लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं. करीब 100 लोगों की जीविका इससे चल रही है. इन्होंने न सिर्फ अपना जीवन संवारा, बल्कि ग्रामीणों की किस्मत भी बदल रहे हैं.

मछली पालन से मिल रहा रोजगार

बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड क्षेत्र की कोदवाटांड़ पंचायत के युवा तेनुघाट डैम के निकट मछली पालन कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं. सिदो कान्हू मत्स्य जीव सहयोग समिति लिमिटेड कोदवाटांड़ के साथ जुड़कर ये मछली पालन से जुड़े हैं. समिति में 32 सदस्य निबंधित हैं. इससे करीब 80 से 100 लोग रोजगार से जुड़े हैं. डैम के चार केज में 16 बैटरी है. केज से प्रत्येक दो दिन मे डेढ़ से 2 क्विंटल पंकज प्रजाति की मछलियां निकलती हैं. ये आसपास के क्षेत्रों में बिक्री की जाती हैं. इसके अलावा बोकारो जिले से बाहर हजारीबाग, रामगढ़ और रांची में बेची जाती हैं.

पलायन पर लगा बेक्र, गांव में ही मिला रोजगार

समिति के अध्यक्ष मोहम्मद फिरोज ने कहा कि झारखंड से बाहर बिहार और बंगाल में मछली भेजने की योजना है. दिन प्रतिदिन व्यवसाय बढ़ने से सदस्यों में काफी उत्साह है. रोजगार के अभाव में दूसरे प्रदेशों में रोजगार को लेकर पलायन करने की योजना बना रहे थे, पर डैम में केज निर्माण से अपने ही क्षेत्र में रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ और अब पूरे परिवार के लोग काफी खुश हैं.

बैंक से जल्द मिल जाएगा लोन

समिति में सभी सदस्य आपस में सामंजस्य स्थापित कर मछली पालन में काफी दिलचस्पी ले रहे हैं. मत्स्य विभाग द्वारा 92 हजार मछली का जीरा केज में छोड़ा गया था. साथ ही मछली के भोजन के लिए दाना भी मुहैया कराया गया था. समिति के लोगों को आर्थिक रूप से मजबूती लाने के लिए बैंक से लोन दिलाने का प्रस्ताव पारित है. बहुत जल्द बैंक से लोन मिल जाएगा.

सिदो कान्हू मत्स्य जीव सहयोग समिति के ये हैं पदाधिकारी व सदस्य

समिति में अध्यक्ष मोहम्मद फिरोज खान, सचिव सुशील कुमार, कोषाध्यक्ष करमचंद मुर्मू, राजेश तिवारी, शाहिद अंसारी, गुलाम सरवर, शमीम अंसारी, रिजवान होदा, राजू तुरी, मनोज तुरी, गुलेल तुरी, सुशील कुमार मुर्मू, सलीम अंसारी, इफ्तेखार, शंकर केवट सदस्य हैं. संतोष राम, राजेंद्र राम, फैज अली खान, जूही बिन खातून, बिंदिया देवी, मेहजबीन प्रवीन, सीता देवी, प्रिया कुमारी, रोशनी प्रवीन, रीना देवी, मीना देवी, गुड़िया देवी, नूर खातून, ललिता देवी, श्वेता कुमारी, कंचन देवी, अलका कुमारी, सबीना परवीन, रुखसाना खातून, रीना कुमारी समेत अन्य जुड़े हैं.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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