Bokaro News : किसानों को नहीं मिला गवाई बराज सिंचाई परियोजना लाभ

Bokaro News : गवाई बराज सिंचाई परियोजना का कोई लाभ किसानों को नहीं मिला.
गवाई बराज सिंचाई परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, लेकिन 50 वर्षों के बाद भी किसानों को कोई लाभ नहीं मिला. यह परियोजना चास और चंदनकियारी प्रखंड के किसानों को सिंचाई सुविधा मुहैया कराने के लिए 70 के दशक में बनायी गयी थी. इस परियोजना के तहत 44 किलोमीटर लंबी नहर बनायी गयी. योजना सफल होती तो 60 गांवों के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलती. आसपास के क्षेत्रों की पेयजल समस्या का समाधान हो सकता था. मालूम हो कि चास व चंदनकियारी क्षेत्र में 4636 हेक्टर कृषि भूमि सिंचाई सुविधा से वंचित है.
वर्ष 2016 में शुरू किया गया था जीर्णोद्धार का काम
वर्ष 2016 में राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार में मंत्री रहे चंदनकियारी के विधायक अमर बाउरी के प्रयास से गवाई बराज के जीर्णोद्धार का काम
शुरू हुआ. 140 करोड़ रुपये की यह योजना थी और
वर्ष 2018 तक कामपूरा करने का लक्ष्य था. मगर यह योजना अब तक अधूरी है. जीर्णोद्धार का काम
त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन को कामसौंपा गया था.
वर्ष 2023 में नहर में पानी छोड़ कर ट्रायल किया गया, मगर कुछ समय बाद बारिश में बराज का एक हिस्सा धंस गया और नहर में दरार पड़ गयी. जीर्णोद्धार कार्य में गड़बड़ी का मामला विधानसभा में भी उठाया गया.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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