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Bokaro News : विस्थापितों ने बीटीपीएस के गेट पर दिया धरना

Updated at : 27 Dec 2024 1:31 AM (IST)
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Bokaro News : विस्थापितों ने बीटीपीएस के गेट पर दिया धरना

Bokaro News : पांच सूत्री मांगों को लेकर छह जनवरी को प्रबंधन के साथ वार्ता

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Bokaro News : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी के 500 मेगावाट वाले पावर प्लांट गेट के समक्ष गुरुवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत विस्थापित एवं स्थानीय संघर्ष समिति ने पांच सूत्री मांगों को लेकर धरना दिया. नेतृत्व समिति के सचिव वाजिद हुसैन, केंद्रीय कमेटी के महासचिव बालेश्वर यादव, अध्यक्ष करीमुद्दीन अंसारी, बोकारो जिला भाकपा माले के पंचानन मंडल कर रहे थे. धरना आंदोलन को बेरमो विधायक कुमार जयमंगल का समर्थन प्राप्त था. धरना को संबोधित करते हुए उपरोक्त नेताओं ने डीवीसी प्रबंधन हमेशा से विस्थापितों की मूलभूत मांगों को अनसुना कर उनके साथ सौतेला व्यवहार करता आ रहा है. प्रबंधन विस्थापितों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर पूरा नहीं करता है तो एक पखवारे के बाद पावर प्लांट गेट पर चक्का जाम आंदोलन चलाया जायेगा.

मौके पर पर दिनेश यादव, छत्रधारी गोप, मिथिलेश रजवार, कृष्णा कुमार, रोशन आरा, सुरेंद्र घांसी, मुबारक अंसारी, हरीश यादव, संजय रजवार, रवींद्र कुमार, एनुल अंसारी, मंटू यादव, बबली अंसारी, हबीब अंसारी सहित सैकड़ों विस्थापित मौजूद थे.

धरना के दौरान वार्ता के लिए भेजा पत्र : धरना के दौरान ही डीवीसी प्रबंधन के निर्देश पर डीजीएम सुनील कुमार ने समिति के सचिव के नाम से लिखित वार्ता का पत्र उप प्रबंधक अविनाश कुमार एवं एओ एसके ओझा के माध्यम से भेजा. पत्र में डीवीसी प्रबंधन के साथ मांगों को लेकर छह जनवरी को अपराह्न चार बजे से वार्ता की तिथि निर्धारित की गयी है, जिसमें चार प्रतिनिधियों के साथ आमंत्रित किया गया है. वार्ता एचओपी के साथ उनके कार्यालय में होगी.

क्या हैं पांच सूत्री मांगें : विस्थापितों की पांच सूत्री मांगों में 1991 में सांसद एवं डीवीसी प्रबंधन के साथ संपन्न समझौते को लागू किया जाय, डीवीसी मुख्यालय द्वारा निर्धारित 2013, 2016 एवं 2019 के सर्कुलर को लागू किया जाए, डीवीसी प्रबंधन द्वारा पुनर्वास किये रैयतों की जमीन का मालिकाना हक शीघ्र दिया जाए, राज्य सरकार द्वारा रोजगार को लेकर दी गयी नियमावली के तहत प्लांट के ठेका कार्यों में 75 फीसदी रोजगार दिया जाए, डीवीसी सीएसआर के तहत विस्थापित गांवों में बिजली, पानी, शिक्षा,स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं का निराकरण किया जाए शामिल हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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