शिक्षा का दम तोड़ता सिस्टम: बोकारो में एक शिक्षक के भरोसे 5 कक्षाएं, मात्र 22 बच्चे करते हैं पढ़ाई

Updated at : 07 Feb 2026 5:20 PM (IST)
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Bokaro School News

बोकारो का बगीचा टोला स्कूल और किनारे तरफ ऊपर में विद्यालय के एकमात्र शिक्षक, Pic Credit- Prabhat Khabar

Bokaro School News: बोकारो के सेक्टर 5D स्थित बगीचा टोला स्कूल में शिक्षा व्यवस्था बेपटरी हो गई है. मात्र एक शिक्षक के भरोसे कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों का भविष्य टिका है. पढ़ाई, MDM और विभागीय कार्यों के बोझ तले दबे शिक्षक और गिरती छात्र संख्या सरकारी दावों की पोल खोल रही है. आखिर कब सुधरेगा शिक्षा का यह ढांचा?

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Bokaro School News, बोकारो (धर्मनाथ कुमार): बोकारो स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सेक्टर पांच डी बगीचा टोला में वर्षों से मात्र एक शिक्षक के भरोसे कक्षा एक से पांच तक का अध्यापन कार्य चल रहा है. विभाग की अनदेखी के कारण पठन-पाठन प्रभावित है. इस कारण नामांकन पर भी असर पड़ा है. वर्तमान में विद्यार्थियों की संख्या घटकर मात्र 22 रह गयी है. शिक्षक पर पढ़ाई, विभागीय कार्य, गैर शैक्षणिक कार्य का दारोमदार है.

एक साथ दो-तीन क्लास को पढ़ाया जाता है मर्ज करके

जानकारी के मुताबिक इस विद्यालय में एक साथ दो-तीन क्लास को मर्ज करके पढ़ाया जाता है. ऐसे में विषय समझने में परेशानी होती है. विद्यालय में पदस्थापित एक मात्र शिक्षक हरिश चरण लोहरा ने बताया कि काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. एक तो विभाग को प्रतिदिन का आंकड़ा भेजना, उपस्थिति विवरणी भेजना, एमडीएम बनवाना और उसके साथ-साथ पठन-पाठन का कार्य करना. इसके अलावा गैर शैक्षणिक कार्यों में भी लगा दिये जाने से समस्या बढ़ जाती है.

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छुट्टी लेने में भी परेशानी

शिक्षक ने बताया कि छुट्टी लेने में भी काफी परेशानी होती है. छुट्टी लेने से दो दिन पूर्व कार्यालय को सूचना देनी होती है. तब विभाग की ओर से आसपास के किसी अन्य स्कूल से शिक्षक की प्रतिनियुक्ति उक्त स्कूल में छुट्टी की अवधि तक की जाती है. इसके बाद छुट्टी मिल पाती है. वहीं यदि अचानक जरूर काम से छुट्टी लेनी पड़ गयी, तो मुश्किल हो जाता है.

सरकार को ध्यान देने की जरूरत : संध

इस संबंध में अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव राम मूर्ति ठाकुर ने कहा कि जिले में कई ऐसे प्राथमिक और मध्य विद्यालय हैं, जहां मात्र एक शिक्षक ही पदस्थापित हैं. सरकार को इस संबंध में ध्यान देने की आवश्यकता है. अब एक ही कक्षा में वर्ग एक से लेकर पांचवीं तक के बच्चे एक साथ कैसे पढ़ाई करेंगे. इस व्यवस्था में शिक्षा का स्तर गिरना तय है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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