बोकारो, नैतिकता व मानवीय व सामाजिक मूल्यों से युक्त पीढ़ी तैयार करने में शिक्षकों की महती भूमिका को देखते हुए रविवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसइ) के पटना उत्कृष्टता केंद्र (सीओइ) की ओर से क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गयी. इसमें विद्यालय के 60 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया.
सीबीएसइ की ओर से प्रतिनियुक्त रिसोर्स पर्सन के रूप में चिन्मय विद्यालय के प्राचार्य सूरज शर्मा व गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल, सेक्टर पांच की वरिष्ठ शिक्षिका स्निग्धा सिन्हा ने प्रतिभागियों को मूल्य-आधारित शिक्षा के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया. किस प्रकार एक मूल्यवान शिक्षक विद्यार्थियों में सदाचार, सदगुणों व नैतिक मूल्यों का बीजारोपण कर उन्हें राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बना सकते हैं, इसकी विस्तृत जानकारी दी गयी.मूल्यवान बने रहकर बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाएं शिक्षक : सूरज
प्राचार्य श्री शर्मा ने मूल्यपरक शिक्षा की परिभाषा, सीबीएसई द्वारा विद्यालय प्रणाली में इसे शामिल किये जाने की अनिवार्यता व कक्षा में विषयों की पढ़ाई के साथ-साथ इसे मूर्त रूप देने के विभिन्न आयामों की जानकारी दी. कहा कि अब अपेक्षाकृत काफी बदलाव आ चुके हैं. कहीं-ना-कहीं मूल्यों का पतन हो रहा है. यह हम सभी शिक्षकों की जवाबदेही है कि हम पूरी निष्ठा के साथ खुद भी मूल्यवान बने रहकर बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाएं और उनमें मूल्य-आधारित संस्कार विकसित करें. दूसरी रिसोर्स पर्सन श्रीमती सिन्हा ने भी विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों में नैतिक मूल्यों की अनिवार्यता रेखांकित की. डीपीएस के प्राचार्य व सीबीएसइ के सिटी को-ऑर्डिनेटर डॉ एएस गंगवार ने आयोजन को महत्वपूर्ण बताते हुए मूल्य-आधारित शिक्षा को चरित्र-निर्माण का आधार बताया. कहा कि मूल्य-आधारित शिक्षा से छात्रों में अनुशासन बढ़ता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

