Bokaro News : मजदूरों को गुलाम बनाने की कवायद है चार लेबर कोड : मोर्चा
Updated at : 30 Jan 2026 11:09 PM (IST)
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Bokaro News : 12 फरवरी को आहूत देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान, ब्लास्ट फर्नेस कैंटीन नं 1 रेस्ट रूम में मजदूरों की हुई सभा.
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बोकारो, ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा बोकारो की ओर से 12 फरवरी की आहूत देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने को लेकर शुक्रवार को ब्लास्ट फर्नेस कैंटीन नं 1 रेस्ट रूम में मजदूरों की सभा हुई. एटक के महामंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार चुनाव जीतने के बाद मोदी सरकार अपने को अपराजेय समझने लगी है. यही कारण है कि इसने पिछले 21 नवंबर 2025 को 4 लेबर कोड लागू करने की अधिसूचना पूरे देश के लिए जारी कर दिया. इस चार लेबर कोड के लागू होने के साथ ही 70 प्रतिशत से ज्यादा फैक्टरी और 90 प्रतिशत से ज्यादा संगठित मजदूर श्रम कानून के दायरे से बाहर हो गये हैं.
श्री सिंह ने कहा कि पहले यदि किसी कारखाना में 100 मजदूर काम करते थे, तो वह सरकारी निगरानी में थी. अब 300 मजदूर तक के लिए फैक्टरी में लॉकआउट करने के लिए मालिक को सरकार की अनुमति आवश्यक नहीं है. लेबर कोड बनने के पहले पहले 20 मजदूरों तक अब 50 मजदूरों तक ठेकेदार को लेबर लाइसेंस नहीं बनाना है. कानूनी संरक्षण खत्म हो गया है.सरकारी आंकड़े में 5000 व गैर सरकारी आंकड़े में 50000 मजदूर प्रति वर्ष हो रहे दुर्घटनाग्रस्त
सीटू के महामंत्री आरके गोरांई ने कहा कि अब यदि कारखाना में 500 मजदूर हैं, तो वहां तक सेफ्टी इंस्पेक्टर की जरूरत नहीं होगी. आज देश में सरकारी आंकड़े में 5000 व गैर सरकारी आंकड़े में 50000 मजदूर प्रति वर्ष दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं. कहा कि जिस कारखाने में 300 से कम मजदूर होंगे, वहां स्टैडिंग ऑर्डर लागू नहीं होगा. वहां पीएफ, ग्रेच्यूटी, पेंशन, छूट्टी, कार्य अवधि, वर्किंग कंडिशन आदि ऐसे हीं खत्म हो जायेगा. अब परमानेंट प्रीनेचर प्रकृति के काम की अवधारणा खत्म होगी. यदि उसमें ठेका मजदूर भी काम कर रहा था, तो अब उसके जगह फिक्स टर्म इम्प्लायमेंट होगा, दो-चार साल का होगा. साठ साल के नौकरी की गारंटी खत्म. काम का घंटा एक्जीक्यूटिव ऑर्डर से बढ़ेगा. 12 घंटे तक का हो सकता है. सभा को इंटक के टी मंडल, प्राण सिंह ने भी संबोधित किया. अध्यक्षता बाबुल कुमार व संचालन ओम प्रकाश ने किया.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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