लाइसेंसधारी निजी दुकानदारों के लिए यूरिया व डीएपी बेचना बना घाटे का सौदा

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खाद बीज की दुकान| Prabhat Khabar Network

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यूरिया और डीएपी खाद बेचने पर दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कम कमीशन और परिवहन खर्च के कारण निजी बीज विक्रेताओं ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

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विप्लव सिंह, जैनामोड़

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जरीडीह के किसानों को यूरिया खाद की उपलब्धता और कीमत को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लाइसेंसधारी निजी दुकानदारों का कहना है कि यूरिया व डीएपी बेचने में बेहद कम कमीशन मिलता है. वर्तमान व्यवस्था में सरकार द्वारा निर्धारित दर पर यूरिया व डीएपी बेचना घाटे का सौदा बन गया है. 45 किलो यूरिया के बैग की कीमत सरकार द्वारा 266 रुपया निर्धारित है. जबकि रांची, दुमका देवघर व हजारीबाग से दुकानदार सरकार से 251 रुपये में इसे खरीदते हैं. परिवहन, लोडिंग और अनलोडिंग का खर्च जोड़ने पर एक बैग पर करीब 380 रुपये तक की लागत पड़ रही है.

इसके अलावा एक ट्रक में लगभग एक लाख रुपया का अन्य उत्पाद लेने के लिए बाध्य कर यूरिया दिया जाता है. एक ट्रक डीएपी लेने पर एक लाख पचास हजार रुपया का अन्य उत्पाद लेने के लिए विवश किया जाता है. नहीं मानने पर डीलरशिप रद्द कर देने की बात कही जाती है. निर्धारित मूल्य पर यूरिया व डीएपी बेचने पर प्रति बैग लगभग 60 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है. एक और समस्या है कि बारिश नहीं हुई तो यूरिया व डीएपी की बिक्री नहीं होती है. गोदाम में ही माल पड़ा रह जायेगा. पानी व हवा लग जाने से बैग जम जाता है. साथ ही एक्सपायरी डेट से पहले ही माल बेचना पड़ता है. नहीं तो नुकसान दुकानदारों को ही उठाना पड़ता है.

क्या कहते हैं दुकानदार

सुरेश महतो ने कहा कि यूरिया और डीएपी पर डीलर कमीशन प्रति बैग बहुत कम है. इससे दुकान का किराया और बिजली खर्च भी पूरा नहीं कर पाता है.

गोदाम तक खाद लाने का ढुलाई और लोडिंग-अनलोडिंग का खर्च मार्जिन से ज्यादा हो जाता है. खाद बड़े गोदाम में रखने का भाड़ा भी बहुत अधिक आता है. - वीरेंद्र कुमार सिंह, न्यू प्रसाद बीज भंडार, जैनामोड़

किसानों को यूरिया व डीएपी की आपूर्ति पैक्स के माध्यम से करायी जाये, ताकि दुकानदारों को होने वाले नुकसान से राहत मिल सके. - दशरथ साव, शांति बीज भंडार, तुपकाडीह

सरकार द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य कड़ाई से तय होने के कारण दुकानदार अपनी तरफ से दाम नहीं बढ़ा सकते. अगर अच्छी बारिश नहीं हुई तो हम लोगों को बहुत नुकसान उठाना पड़ता है. - दीपक सिंह, हाइब्रिड बीज भंडार जैनामोड़

राज्य सरकार से प्राप्त दिशा निर्देश के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराया जा रहा है और उसी राशि में उपलब्ध किया जा रहा है. - मो शाहिद, जिला कृषि पदाधिकारी


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