बारकोड स्कैन कर बेची जायेगी शराब

Updated at : 18 Apr 2019 1:32 AM (IST)
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बारकोड स्कैन कर बेची जायेगी शराब

बोकारो : खुदरा शराब बिक्री की व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए भी कई उपाय किये जा रहे हैं. आने वाले कुछ माह में जिले की सभी शराब दुकानों में शराब की बिक्री के लिए कंप्यूटर व बारकोड स्कैनिंग मशीन लगाने की योजना है. शराब दुकान में लगे कंप्यूटर उत्पाद विभाग के मुख्यालय से जुड़े […]

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बोकारो : खुदरा शराब बिक्री की व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए भी कई उपाय किये जा रहे हैं. आने वाले कुछ माह में जिले की सभी शराब दुकानों में शराब की बिक्री के लिए कंप्यूटर व बारकोड स्कैनिंग मशीन लगाने की योजना है. शराब दुकान में लगे कंप्यूटर उत्पाद विभाग के मुख्यालय से जुड़े रहेंगे.

उपभोक्ताओं को शराब देने से पहले दुकान के सेल्समैन शराब की बोतल पर लगे बारकोड को स्कैन एमआरपी के अनुसार उपभोक्ताओं से पैसे लेंगे. साथ ही लोगों को कंप्यूटराइज्ड बिल भी दिया जायेगा. इस व्यवस्था के लागू होने से सेल्समैन द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बेचने की शिकायत खत्म हो जायेगी. साथ ही उत्पाद विभाग मुख्यालय की नजर सभी खुदरा शराब दुकान के स्टॉक और बिक्री पर भी रहेगी.
एमआरपी से अधिक मूल्य पर शराब बेचने पर रद्द हो सकता है लाइसेंस : एमआरपी से अधिक मूल्य पर शराब बेचते हुए पकड़े जाने पर दुकान के मालिक को एक लाख रुपये जुर्माना किया जायेगा. शिकायत मिलने पर एक दुकान से तीन बार ही एक-एक लाख रुपये जुर्माना वसूल किया जायेगा. चौथी बार पकड़े जाने पर दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा. दुकान का लाइसेंस रद्द होने से दुकानदार को कम से कम 12 लाख रुपया का नुकसान उठाना पड़ सकता है.
झारखंड सरकार ने लाइसेंसी दुकानदारों को नयी व्यवस्था के तहत शराब की बिक्री से होने वाली आमदनी में दस प्रतिशत हिस्सा देने का फैसला किया है. जबकि पड़ोसी राज्य बंगाल के खुदरा शराब दुकानों को आमदनी के हिसाब से मात्र तीन प्रतिशत मुनाफा मिलता है. लाइसेंसी शराब दुकान में नकली शराब या अन्य राज्य का शराब नहीं बिके. इसके लिए भी सरकार ने पूरी तैयारी कर रखी है.
जीपीएस लगे वाहनों से हो रही है शराब की ढुलाई : जेएसबीसीएल की गोदाम से दुकान तक शराब पहुंचाने वाले वाहनों में जीपीएस लगाया गया है. गोदाम से शराब लोड करने के बाद उक्त वाहन को सीधे शराब दुकान ले जा कर खाली करना है. इसके बाद ही वाहन का चालक या कर्मचारी अपना कोई काम कर सकता है. उत्पाद विभाग और जेएसबीसीएल के अधिकारी वाहन पर शराब लोड करवाने के बाद जीपीएस सेवा के माध्यम से वाहन की हर गतिविधि पर नजर रख रह हैं.
शराब की बिक्री पर चुनाव आयोग की भी है नजर : लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग की नजर जिले के सभी लाइसेंसी शराब दुकानों पर है. आयोग के निर्देश पर जिले के सभी 79 शराब दुकान के बिक्री का डाटा प्रतिदिन दुकानदार जिला प्रशासन को उपलब्ध करा रहे हैं. आयोग प्रतिदिन शराब की बिक्री का डाटा लेकर यह जानने का प्रयास कर रहा है कि चुनाव के कारण शराब की बिक्री में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी हुई है या नहीं. चुनाव नजदीक आने पर अचानक शराब की बिक्री में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने पर आयोग की पैनी नजर शराब दुकानों पर भी रहेगी.
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